अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रधानमंत्री जी, यह मत भूलिए कि आप दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री भी है

Share

शिवानंद तिवारी,पूर्व सांसद 

अंडमान निकोबार में प्रधानमंत्री जी का भाषण बहुत निराशाजनक था. भाषण देते समय संभवतः वे भूल गए थे कि वे भारतीय जनता पार्टी के नेता के साथ साथ दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री भी हैं. उनकी भाषा और तेवर सभ्यता की सीमा का अतिक्रमण कर रहे थे.

उनके संपूर्ण भाषण के निशाने पर बैंगलोर में हो रहे छब्बीस दलों का गठबंधन और उनके नेता थे. जिस रोष के साथ प्रधानमंत्री जी विरोधी दल के नेताओं पर हमला कर रहे थे उससे प्रमाणित हो रहा था कि विपक्षी एकता के अभियान ने उनको भीतर से विचलित कर दिया है. 

दरअसल मोदी सरकार के संपूर्ण कार्यकाल ने देश को बहुत नुक़सान पहुँचाया है. इनकी नासमझी और ग़लत समझ ने देश की अर्थव्यवस्था और इसके सामाजिक तानाबाना को बहुत कमजोर किया है. 

मणिपुर में दो सौ के लगभग लोग मारे जा चुके हैं. मोदी सरकार में शामिल मंत्री के घर के साथ साथ हज़ारों घर जलाए जा चुके हैं. गृह युद्ध की स्थिति है. वहाँ जाकर आग बुझाने का प्रयास करना तो दूर, हमारे प्रधानमंत्री जी ने अब तक वहाँ के लोगों से शांति की अपील तक नहीं की है.

मोदी जी अब बेरोज़गारी की, किसानों के पस्त हालत की चरचा तक नहीं करते. लगभग नौ वर्ष इन्होंने एक से बढ़कर एक डिज़ाइनर कपड़ा पहनते और भाषण देते काट दिया. जनता में उनको लेकर उब का माहौल है. ऐसे में विरोधी दलों के महा जुटान ने उनके पैरों तले से ज़मीन खिसका दिया है. इसलिए प्रधानमंत्री जी जब अंडमान निकोबार में भाषण दे रहे थे उस समय उनकी सत्ता के समक्ष दिखाई देने वाले आसन्न ख़तरा उनकी आँखों के सामने था. इसीके प्रभाव ने उनकी भाषा और तेवर अनियंत्रित कर दिया था

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें