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जिंदगी की लड़ाई हारी प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा , सुबह 4 बजे तोड़ा दम,बेटी और पति ने दी मुखाग्नि

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इंदौर के बीएम कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड फार्मेसी की प्राचार्य विमुक्ता शर्मा जिंदगी की जंग हार गई है। पांच दिन पहले उन्हें पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। जिंदगी और मौत के बीच पांच दिन चले द्वंद के बाद आज तड़के चार बजे चोइथराम अस्पताल में दम तोड़ा।

इससे पहले आरोपित आशुतोष श्रीवास्तव पर कलेक्टर डा.इलैयाराजा टी ने रासुका लगा दी। पुलिस ने आपराधिक प्रकरणों की जानकारी सहित रासुका का प्रस्ताव भेजा था।

शव का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल में किया गया। यहां से परिजन शव को घर लेकर उनके आनंद नगर स्थित घर पहुंचे। घर के बाहर परिजन, रिश्तेदार और स्टूडेंट्स पहले से जमा थे। विमुक्ता को रीजनल पार्क मुक्तिधाम में बेटी वेदांशी और पति मनोज शर्मा ने मुखाग्नि दी।प्रिंसिपल शर्मा पिछले पांच दिन से चोइथराम अस्पताल में भर्ती थीं। उन पर एक पूर्व छात्र आशुतोष श्रीवास्तव ने कॉलेज कैम्पस में हमला किया था। वह मार्कशीट नहीं मिलने और एक प्रोफेसर द्वारा चाकूबाजी का केस दर्ज कराए जाने से कॉलेज मैनेजमेंट से नाराज था। कलेक्टर ने आरोपी छात्र के खिलाफ रासुका भी लगा दी है।

डॉ. विमुक्ता शर्मा को बेटी वेदांशी और पति मनोज शर्मा ने मुखाग्नि दी।

डॉ. विमुक्ता शर्मा को बेटी वेदांशी और पति मनोज शर्मा ने मुखाग्नि दी।

प्रिंसिपल की बेटी देवांशी ने भी अंतिम यात्रा में मां की अर्थी को कांधा दिया। इस दौरान वो फूट-फूटकर रोती रही।

जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद डॉ. विमुक्ता शर्मा के शव को घर लाया गया। यहां उनके परिजन सहित स्टूडेंट्स भी पहुंचे।

जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद डॉ. विमुक्ता शर्मा के शव को घर लाया गया। यहां उनके परिजन सहित स्टूडेंट्स भी पहुंचे।

प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा की शव यात्रा उनके आनंद नगर स्थित घर से निकाली गई।

प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा की शव यात्रा उनके आनंद नगर स्थित घर से निकाली गई।

प्रिंसिपल डॉक्टर विमुक्ता शर्मा के आनंद नगर स्थित घर के बाहर रिश्तेदार व आसपास के लोग मौजूद थे।

प्रिंसिपल डॉक्टर विमुक्ता शर्मा के आनंद नगर स्थित घर के बाहर रिश्तेदार व आसपास के लोग मौजूद थे।

पुलिस को मिले घटना के साक्षी

जांच के दौरान पुलिस को आग लगाए जाने की घटना से जुड़े चार साक्षी मिले हैं। इनमें से एक के बयान करवाए हैं। पुलिस को आरोपी का एक दिन का रिमांड मिला था, उसे आज फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। सिमरोल टीआई आरएन भदौरिया ने बताया कि आरोपी आशुतोष ने जिस पंप से बाइक में पेट्रोल डलवाया था, उसके मालिक और तेजाजी नगर के जनरल स्टोर संचालक, जिनसे बाल्टी खरीदी थी, उनके बयान भी लिए गए हैं। वहीं, घटना के चश्मदीद गवाह इलेक्ट्रिशियन सुनील खैर ने बताया आशुतोष ने बाल्टी भरकर पेट्रोल मैडम के ऊपर डाला था।

एडिशनल एसपी(ग्रामीण)शशिकांत कनकने के मुताबिक विजयश्री नगर कालानी नगर निवासी आशुतोष पुत्र संतोष श्रीवास्तव को शुक्रवार दोपहर जिला कोर्ट(महू) पेश कर शनिवार तक रिमांड पर लिया गया।

अफसरों ने आरोपित से पूछताछ की और दोपहर को घटना स्थल पर ले गए। घटना का नाट्यरुपांतरण करवाया और लाइटर, बाइक और वो बालटी जब्त कर ली जिससे आशुतोष ने विमुक्ता पर पेट्रोल डाला था।

चोइथराम अस्पताल की बर्न यूनिट की सीढ़ियों पर बैठे मनोज शर्मा की आंखें पथरा गई हैं। न वे कुछ बोलते हैं, न किसी को देखते हैं। दिनभर बस शून्य में ताकते रहते हैं। बीच-बीच में जब नर्स बुलाती है तो मन में एक उम्मीद लिए बर्न यूनिट के अंदर जाते हैं। उनका दिल कहता है कि जैसे अभी कोई चमत्कार होगा और डाक्टर आकर बोलेंगे- चिंता मत कीजिए, आपकी पत्नी खतरे से बाहर है। दरअसल, उनकी पत्नी विमुक्ता शर्मा को 20 फरवरी को एक दरिंदे ने बीते दिनों सिमरोल स्थित बीएम कालेज कालेज में पेट्रोल डालकर जला दिया था।

पति मनोज के पहाड़ जैसे दुख को कम करने के लिए उनकी सास उत्फुल प्रभा और वृद्ध ससुर एसएन तिवारी उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश करते हैं, लेकिन दो-चार शब्द बोलने के बाद ही रो पड़ते हैं। आखिर उनकी भी तो बेटी है विमुक्ता। कभी जिसे लाड़ से गोद में खिलाया था, वह अब 90 प्रतिशत अवस्था में जली हुई अस्पताल में मौत से जूझ रही है। वे कभी बर्न यूनिट के बंद दरवाजे को देखते हैं, तो कभी अपार विषाद में डूबे दामाद को। भाई जितेंद्र दवाएं लाने और दौड़भाग करने में दर्द को भूलना चाहते हैं, लेकिन दवा भी कब तक लाएं, मन भी कहां तक लगाएं।

बेटी की आंखों में दर्द का दरिया

पिता से कुछ ही दूर आंखों में दर्द का दरिया लिए बैठी है विमुक्ता शर्मा की बेटी देवांशी। वह नई-नई प्रकाशक बनी है और बीते दिनों चहक-चहक कर 25 फरवरी से दिल्ली में शुरू रहे विश्व पुस्तक मेले में जाने की तैयारी कर रही थी। मां ने उसे हौसला दिया था कि दिल्ली में बड़े लोगों के बीच डरना मत। लेकिन वक्त ने ऐसा क्रूर मजाक किया कि वह तुरंत दिल्ली से लौटी और अब वह अपनी मां को हिम्मत दे रही है कि मां हौसला मत हारना। विमुक्ता शर्मा की सास प्रतिमा शर्मा अपनी बहू और ननद दीपाली शर्मा अपनी भाभी के लिए भगवान से प्रार्थना करती रहती हैं। बीते पांच दिनों से अस्पताल ही उनका घर है, दुआएं ही उनकी उपासना है।

Ramswaroop Mantri

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