कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है. मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और NSUI के प्रभारी कन्हैया कुमार ने करीब 15 संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की. दिल्ली में हुई यह पूरी प्रक्रिया काफी दिलचस्प रही. इसमें ‘ग्रुप डिस्कशन’ (GD) के जरिए छात्रों की काबिलियत को परखा गया. 40 मिनट तक चले इस सेशन में राहुल गांधी ने उम्मीदवारों से राजनीति, देश के मौजूदा हालात और कांग्रेस की विचारधारा पर कई तीखे सवाल पूछे.राहुल गांधी और NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार ने छात्र संगठन के नए अध्यक्ष के लिए 15 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया. यह प्रक्रिया ग्रुप डिस्कशन के जरिए हुई, जिसमें उम्मीदवारों की राजनीतिक समझ और विचारधारा को परखा गया. NSUI, जिसकी स्थापना 1971 में हुई थी, अब नए नेतृत्व की तैयारी में है. कन्हैया कुमार, जो खुद एक पूर्व छात्र नेता हैं, इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
राहुल गांधी ने GD में क्या-क्या पूछा?
राहुल गांधी ने इस स्क्रीनिंग को केवल एक इंटरव्यू तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने उम्मीदवारों से उनके बैकग्राउंड के बारे में विस्तार से बात की. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, राहुल का फोकस इस बात पर था कि उम्मीदवार कांग्रेस के इतिहास और उसकी विचारधारा को कितनी गहराई से समझते हैं. वे यह जानना चाहते थे कि आज के जटिल राजनीतिक परिदृश्य में युवा नेता किस तरह से छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठा सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से आए इन छात्र नेताओं ने अपनी बात मजबूती से रखी. अब अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान के पास है.
क्या है NSUI और इसका इतिहास?
NSUI यानी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छात्र शाखा है. इसकी स्थापना 9 अप्रैल 1971 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी. उन्होंने केरल स्टूडेंट्स यूनियन और पश्चिम बंगाल राज्य छात्र परिषद को मिलाकर एक मजबूत राष्ट्रीय छात्र संगठन बनाया था. NSUI का मुख्य उद्देश्य छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक बनाना है. साल 2007 में राहुल गांधी ने इस संगठन में आंतरिक लोकतंत्र लाने के लिए ओपन मेंबरशिप और चुनाव की प्रक्रिया शुरू की थी. आज यह देश के हजारों कॉलेजों में सक्रिय है.
कन्हैया कुमार: छात्र राजनीति से मुख्यधारा तक का सफर
इस चयन प्रक्रिया में कन्हैया कुमार की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि वे वर्तमान में NSUI के प्रभारी हैं. कन्हैया कुमार का बैकग्राउंड खुद छात्र राजनीति से जुड़ा रहा है. वे बिहार के बेगूसराय के रहने वाले हैं और जेएनयू (JNU) छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं. 2016 में जेएनयू विवाद के बाद वे देश भर में एक चर्चित चेहरा बनकर उभरे थे. कन्हैया पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) में थे, लेकिन 2021 में वे कांग्रेस में शामिल हो गए. उनकी तेजतर्रार भाषण शैली और युवाओं के बीच लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें छात्र विंग की जिम्मेदारी सौंपी थी.






Add comment