राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले देश की सियासत में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का आजमाया हुआ खेल फिर चरम पर पहुंच गया है. 15 मार्च की रात ढलने के साथ ही कई राज्यों में राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं. क्रॉस वोटिंग के खौफ और हॉर्स-ट्रेडिंग यानी खरीद-फरोख्त के डर से पार्टियों ने अपने विधायकों को आलीशान होटलों और रिसॉर्ट्स में कैद कर दिया है. कर्नाटक से लेकर बिहार और ओडिशा तक राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए साम-दाम-दंड-भेद की पूरी बिसात बिछ चुकी है.
बिहार में किसके हाथ बाजी
बिहार में बीजेपी की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार उम्मीदवार हैं. जबकि जेडीयू ने सीएम नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को मैदान में उतारा है. उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए के समर्थन से ताल ठोंक रहे हैं. उधर, आरजेडी ने महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में एडी सिंह को मैदान में उतारा है. बाजी किसके हाथ लगेगी, यह तो मतणगना के बाद ही पता चलेगा, लेकिन खेला न हो जाए, इसलिए महागठबंधन ने अपने विधायकों को होटल पनाचे भेज दिया. तेजस्वी यादव ने वहीं जाकर उनसे मुलाकात की. एमआईएम के साथ आने से मुश्किलें थोड़ी कम जरूर हुई हैं. लेकिन खेला कभी भी हो सकता है. हालांकि, आरजेडी का दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या है. सबसे खास बात, दोनों ही खेमों को क्रॉस वोटिंग का भारी डर सता रहा है.
ओडिशा में चौथी सीट पर ‘खरीद-फरोख्त’ का दावा
ओडिशा में राज्यसभा की चौथी सीट को लेकर घमासान मचा हुआ है. यहां मुकाबला बीजेपी और बीजेडी-कांग्रेस के बीच उलझ गया है. ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने स्पष्ट किया, चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी के पास अपने दम पर स्पष्ट बहुमत नहीं है. लेकिन अगर बीजेडी और कांग्रेस के नंबर मिला लिए जाएं, तो जीत पक्की है. इसे देखते हुए बीजेपी ने हमारे विधायकों को तोड़ने और ‘खरीदने’ की कोशिशें तेज कर दी हैं. यहां भी विधायकों को सुरक्षित रखने और क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए आलाकमान ने पूरी ताकत झोंक दी है.
डीके शिवकुमार का बड़ा धमाका
कर्नाटक में कांग्रेस के ट्रबलशूटर और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि ओडिशा में कांग्रेस विधायकों को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के लिए 5-5 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है. उन्होंने इसे भाजपा के ऑपरेशन लोटस का हिस्सा बताया. शिवकुमार ने कहा कि विधायक बिदादी के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे, जब चार व्यक्तियों ने उनसे नकदी लेकर क्रॉस वोट देने के लिए संपर्क किया. उन्होंने कहा, हमारे विधायक ने हमें बताया कि इन लोगों ने प्रत्येक वोट के लिए पांच करोड़ रुपये की पेशकश की थी.कांग्रेस विधायकों ने कहा कि वे बिकने वाले नहीं हैं.
हरियाणा में ‘अंतरात्मा’ पर भरोसा
हरियाणा में दो सीटों पर चुनाव होने हैं, लेकिन तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. अगर आंकड़ों की बात करें तो एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में जानी तय मानी जा रही थी, लेकिन सतीश नांदल के नामांकन ने कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी हैं. अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस अपने कुनबे को एकजुट रख पाएगी या भाजपा एक बार फिर ‘चाणक्य नीति’ से बाजी मार ले जाएगी? केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बीजेपी की ओर से राज्यसभा चुनाव में केवल एक उम्मीदवार मैदान में है, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी के साथ एक निर्दलीय उम्मीदवार को भी चुनाव में उतार दिया है. ऐसे में विधायकों को अपने विवेक और अंतरात्मा की आवाज के आधार पर मतदान करना चाहिए. फिलहाल परिणाम को लेकर कोई भी अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत तय है.
बैठकों का दौर-नेताओं की ट्रेनिंग
15 मार्च की पूरी रात होटलों के भीतर मॉक वोटिंग का प्रशिक्षण चलता रहा. नेताओं को समझाया जा रहा है कि वोट कैसे डालना है ताकि कोई वोट रद्द न हो और गलती से भी किसी दूसरे उम्मीदवार के पक्ष में न चला जाए. हर राज्य में एक-एक वोट की अहमियत इतनी ज्यादा है कि कोई भी पार्टी रिस्क लेने के मूड में नहीं है.






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