इंदौर
एमआर-10 पर दो सहकारी संस्थाओं की जमीन पर 12 साल से चल रहा रंगून गार्डन अब सदस्यों का होगा। सोमवार को गार्डन की 70 हजार वर्गफीट जमीन संचालकों ने प्रशासन को सरेंडर कर दी है। जमीन मूल रूप से सन्नी और रजत संस्था की है। आरोप है कि संस्था के तत्कालीन पदाधिकारी हरीश तोलानी ने रंगून गार्डन संचालक मो. सुफियन, साजेदा बानो, यासिन बानो, फातमा आदि को महज 50 लाख में बेच दी थी।
इसमें 21 भूखंड सन्नी संस्था के और 28 प्लॉट रजत गृह निर्माण संस्था के थे। मौजूदा भाव से जमीन करीब 100 करोड़ रुपए की है। अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर ने बताया कि प्रशासन सन्नी और रजत संस्था में सक्रिय भूमाफियाओं की जांच करा रहा है। इसके बाद दोषियों पर एफआईआर कराई जाएगी। इससे पहले शनिवार को कलेक्टर मनीष सिंह, विधायक महेन्द्र हार्डिया के साथ महालक्ष्मी नगर की जमीन देखने पहुंचे थे वहां गार्डन को लेकर शिकायत सामने आई थी।
दोनों ही संस्थाओं में था तोलानी का दखल
सन्नी को-ऑपरेटिव के तत्कालीन पदाधिकारी हरीश तोलानी ने 2008-09 में करीब 38 हजार और रजत संस्था ने 32 हजार वर्गफीट जमीन रंगून गार्डन संचालकों को बेची थी। दोनों ही संस्थाओं में तोलानी का खासा दखल था। प्रशासन के समक्ष तोलानी ने जमीन की बिक्री स्वीकार की है।
मूल रूप से देवी अहिल्या संस्था की है जमीन
मूल रूप से यह जमीन देवी अहिल्या गृह निर्माण की थी, जिसे गृह निर्माण संस्था ने सन्नी को-ऑपरेटिव को बेच दिया गया। बताते हैं कि इसमें जिन 125 सदस्यों के नाम बताए जा रहे हैं, उनमें से कई फर्जी भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासन दूसरी जगह के पीड़ितों को यहां जमीन दे सकता है।






