ग्वालियर
प्रदेश की बड़ी डिस्टलरीज में से एक मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नियमों का पालन न करते हुए रिसीवर और स्टोरेज टैंकों का निमार्ण किए जाने के मामले के संबंध में मंगलवार को आबकारी आयुक्त ने वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तुत नवीनीकरण आवेदन को अमान्य किया है। इससे पहले उनको जवाब पेश करने का समय दिया गया था। सोम डिस्टलरीज ने अपना पक्ष भी रखा था। इसके बाद यह निर्णय लिया गया है।

मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड सेहतगंज रायसेन ईकाई परिसर में नियमों का पालन न करते हुए रिसीवर व स्टोरेज टैंकों का निर्माण किए जाने के संबंध में कार्यालय द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई और उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत याचिका में पारित आदेश 11 जून 2021 के अनुक्रम में कार्यालयीन पत्र भोपाल से 23 जून 2021 द्वारा यूनिट को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था। साथ ही सूचित किया गया था कि क्यों न आपके पक्ष में जारी डी-1 के नवीनीकरण का आवेदन को निरस्त किया जाकर अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी जाए। जिसमें कंपनी की ओर से सुनवाई का अवसर चाहा गया था। जिसके लिए पहले 13 जुलाई 2021 तारीख तय हुई थी जिसे बाद में बढ़ाकर 16 जुलाई किया गया था। जिसमें यूनिट की ओर से संचालक बिनय कुमार सिंह, कुमार रमन श्रीवास्तव के साथ व्यक्तिश सुनवाई के लिए उपस्थित हुए हुए और मौखिक और लिखित रूप में यूनिट की ओर से पक्ष रखा था। इस पूरे मामले में बारीकी से जांच करने के बाद निष्कर्ष निकाला गया है कि मेसर्स सोम डिस्टलरीज द्वारा आबकारी अधिनियम 1915 अर्न्तगत निर्मित मध्यप्रेश आसवनी नियम 1995 के नियम का उल्लघंन किया है। जिस पर उनके आसवनी लाइसेंस d-1 के वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तुत नवीनीकरण आवेदन को अमान्य किया गया है।





