इंदौर/मांडू
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 19 से 21 जुलाई तक चलने वाली G20 समिट के पहले दिन के सत्रों का समापन हो गया। यहां श्रम और रोजगार विषय पर मंथन किया गया। ब्रिलिएंट कनवैंशन सेंटर से सभी विदेशी मेहमान होटल पार्क के लिए रवाना हुए हैं। यहां से मांडू जा रहे हैं। जहाज महल को पूरी तरह खाली कराकर आम पर्यटकों की एंट्री रोक दी गई है। विदेशी मेहमान यहां शाम का भ्रमण कर लाइट एंड साउंड शो देखेंगे।एमपी टूरिज्म के होटल में गाला डिनर रखा गया है। देर रात सभी इंदौर लौट आएंगे।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में जैसे ही डेलिगेट्स पहुंचे तो उनका स्वागत किया गया। BCC कैम्पस में ओंकारेश्वर में प्रस्तावित एकात्मधाम में शंकराचार्यजी की मूर्ति की प्रतिकृति लगाई गई है। साथ ही यह एकात्म धाम कैसा होगा, इसका पूरा वीडियो प्रजैंटेशन किया गया है।
आज रात मांडू में G-20 डेलीगेट्स के डिनर में ये डिशेज रहेंगी-
आयोजन स्थल :
वेलकम ड्रिंक
– एसोर्टेड एइरिटेड ड्रिंक्स
ब्लू ओशन, मिंट मोइतो, वेजीटेबल कॉरिएन्डर ब्रोथ, ब्रोडा कॉन पोल्लो, ब्रेड रोल्स एंड सूप स्टिक्स
स्टार्टर
– गोश्त शामी कबाब, फिश अमृतसरी, पनीर टिक्का, वेजिटेबल टिक्का पेटिस
सलाद
– ग्रीन सलाद, कैबेज किमची सलाद, कोशाम्बरी सलाद, रेनबो पास्ता सलाद, चिकन सीजर सलाद, श्रेडेड एग्ज-राइस सलाद, पाइनएप्पल तड़का रायता, प्लेन कर्ड
मेन कोर्स
– जालापेनो ग्लेज्ड़ चिकन, कीमा-कलेजी, लच्छा पनीर, तिल-धनिया आलू, मैथी कोफ्ता-पालक ग्रेवी, वेजिटेबल मंचुरियन, वेजिटेबल फ्राइड राइस, टोमेटो-गार्लिक रिसेटो, स्टीम्ड राइस, कॉर्न तड़का राइस, दाल पंचमेल, एसोर्टेड इंडियन ब्रेड
डिजर्ट
– केशर-गुलकंद फिरनी, चुकंदर का हलवा, ब्राउनी विद हॉट चॉकलेट सॉस, वेनिला आइस्क्रीम
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में सम्मेलन स्थल पर ओंकारेश्वर में विकसित हो रहे एकात्मधाम के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी लगाई है। यहां एक स्क्रीन पर उसका प्रस्तुतिकरण भी किया जा रहा है। ओंकारेश्वर में 2000 करोड़ से बन रहा ‘एकात्मधाम’; देखिए पहला लुकप्रदर्शनी में एकात्मधाम में लगाई जाने वाली शंकराचार्य की प्रतिमा की प्रतिकृति भी लगाई गई है।

जी20 सम्मेलन में सुबह 9.20 बजे से तीन अलग-अलग मीटिंग चल रही हैं। इनमें मंत्री समूह के लिए पेश किए जाने वाले ड्राफ्ट पर चर्चा की जा रही है।

सम्मेलन में शामिल जी20 समूह देशों के प्रतिनिधि।
इसी बीच मंगलवार देर रात फैसला करते हुए प्रशासन ने मीडिया की एंट्री को पूरी तरह बैन कर दिया था। ये फैसला कुछ लोकल पत्रकारों के पास नहीं बन पाने के कारण बताया गया है। इससे जिनके अधिकृत पास बनाए गए हैं, उन्हें परेशान होना पड़ा। अब यहां एंट्री सिर्फ 21 जुलाई को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ही दी जाएगी।मीडिया कवरेज को लेकर विवाद
सूत्रों ने बताया इंदौर के कई पत्रकारों के पास समय पर एप्लाई नहीं करने से रह गए थे। इससे जनसंपर्क और प्रशासन पर रात तक पास जारी करने के लिए दबाव बढ़ गया था। अंतत: सभी को रोकने का फैसला कर हंगामा टालने की कोशिश की गई है।
इसके पीछे तर्क दिया है कि आज और कल वन टू वन डिस्कशन होगा। इसलिए जिला प्रशासन के अधिकारियों या मीडिया सहित अन्य किसी की भी एंट्री नहीं है। मीडिया में जिनके लिए पास जारी किए गए हैं उन्हें केवल 21 जुलाई को होने वाली प्रेस कान्फ्रेंस में निमंत्रित कर ब्रीफ़िंग की जाएगी।

पंजीयन करने वाले मीडियाकर्मियों को कवरेज के लिए अधिकृत पास जारी किए गए हैं। इसमें स्पष्ट रूप से 19 और 20 जुलाई के पास इंदौर के लिए लिखे हैं। बावजूद मिस कम्युनिकेशन और अफसरों की तालमेल की कमी के कारण एंट्री रोक दी गई।
पहली प्रेस ब्रीफिंग में भी हुई थी नोंकझोंक
प्रशासन को 18 जुलाई को श्रम विभाग की सचिव की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ही पास को लेकर नोंकझोंक का सामना करना पड़ा। बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद एंट्री दी गई। इसके बाद पूरी तरह से बैन करने का फैसला ले लिया गया क्योंकि PEB ऐनवक्त पर रजिस्ट्रेशन करने या पास जारी करने के पक्ष में नहीं था।
70 से ज्यादा प्रतिनिधि पहुंचे हैं
इंदौर में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, अर्जेंटीना समेत 29 देशों के 70 से ज्यादा प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं। बैठक में चर्चा के तीन प्रमुख बिंदु ग्लोबल स्किल गैप, गिग एंड प्लेटफॉर्म इकोनॉमी और सामाजिक सुरक्षा, सस्टेनेबल फाइनेंसिंग ऑफ सोशल प्रोटेक्शन हैं। पूरी कवायद का मकसद असंगठित क्षेत्र को मुख्य धारा में लाकर उनका विकास करना है।पहले दिन इंडोनेशिया और ब्राजील के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से रहेंंगे।
मेहमान देखेंगे वेस्ट को बेस्ट में बदलने का तरीका
इस बीच मेहमानों की खातिरदारी और स्वागत के साथ इंदौरी झलक दिखाने के लिए खास तैयारी की गई है। वेस्ट सामग्री से कई आकर्षक कलाकृतियां बनाई हैं जिन्हें ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर की दीवार पर टांगा गया है। इन्हें पेड़ों की जड़, छाल, बांस, स्क्रू से बनाया है। एंट्री गेट पर इन्हें लगाया है। कलाकार सुनील व्यास ने इसे बनाया है। कृतियों के जरिए यह भी संदेश दिया गया है कि किस तरह से वेस्ट को बेस्ट में बदला जा सकता है। देखिए सिलिसलेवार यह आकर्षक प्रदर्शनी कैसी है…
1. स्वच्छता के नायक महात्मा गांधी की कृति
अहिंसा के पुजारी व स्वच्छता के नायक रहे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कृति बनाने के लिए कलाकार ने रियलीस्टिक पोट्रेट, फटे-पुराने टाट, जूट की थैलियों और धागों का उपयोग किया गया है। इसमें किसी रंग का इस्तेमाल नहीं किया है। यह कृति एक तरह से इको फ्रेंडली व अनुपयोगी सामग्रियों से बनाई है।
2. 10 हजार स्टेपलर पिन से बनाए प्रथम प्रवासी भारतीय
कलाकार ने प्रथम प्रवासी भारतीय (स्व. महात्मा गांधी) का एक और पोर्ट्रेट तैयार किया है। इसमें घरेलू खाद्य सामग्री के वेस्ट रैपर्स जिसे लगाने के लिए 10 हजार स्टेप्लर पिन का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा इसमें 200 तरह के वेस्ट प्लास्टिक रैपर्स का उपयोग किया गया है। इसमें महात्मा गांधी की भाव भंगिमाएं मुस्कुराते हुए बताई गई है।
3. पेड़ों की जड़, छाल से तैयार अहिल्याबाई का पोर्ट्रेट
राजमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का पोर्ट्रेट बनाने के लिए कलाकार ने पुरानी सड़ी-गली पेड़ों की लकड़ियों, जड़, छाल, बांस और प्लायवुड के टुकड़ों और चित्तियों का उपयोग किया है। राजमाता की यह कृति उनकी परम्परागत फोटो के आधार पर बनाई गई है। इस कृति में कलाकार की कलाकारी की बारीकी का अंदाजा पास में जाकर देखने पर ही पता चलता है कि किस तरह से खराब सामग्रियों को उपयोग कर आर्ट को तैयार किया।
4. प्लास्टिक स्क्रैप से तैयार स्वर कोकिला की कृति
कलाकार ने एक बड़ी कृति स्वर कोकिला की बनाई है। इसमें पूरी तरह प्लास्टिक स्क्रैप का उपयोग किया गया है। इन्हें लगाने के लिए 30 हजार स्क्रू का इस्तेमाल किया गया है। इसमें भी स्व. लता दीदी की उस मुस्कुराहट को बताया गया है जो आमतौर पर उनके चेहरे पर दिखती थी।
5. कपड़ों की चिंदियों से तैयार ऐतिहासिक राजबाड़ा
कलाकार ने शहर के हृदय स्थल और ऐतिहासिक राजबाड़ा की कृति बनाने के लिए भी वेस्ट को बेस्ट किया है। इस कृति को कटे-फटे पुराने टाट, जूट की थैलियों, कपड़े की चिंदियों और धागों का उपयोग किया है। इसमें राजबाडा का पुरातन बड़ा गेट, गोलाकार खिड़कियां, विल्सी आदि को हूबहू इन सामग्रियों से बनाया है। बहुत करीब आने ठीक से गौर करने पर पता चलता है कि कलाकार ने किन-किन सामग्रियों का उपयोग किया है।
6. सफाई सामग्रियों से बनाई यह कृति

एक अन्य कृति वेस्ट सफाई सामग्रियों से बनाई है। स्वच्छता के नायक के सपनों को साकार करती इस कृति में महिला सफाईकर्मी को बताया गया है जिसके हाथ में झाडू है। इस कृति में प्रयुक्त सारी सामग्रियां पूर्णत: वेस्ट सफाई सामग्रियां हैं।
यह भी खास : ग्रेंड हॉल में बंगाल, दिल्ली, बेंगलुरु पूणे कलाकारों ने की फूलों की सजावट

बीसीसी का ग्रेंड हॉल जहां जी-20 की मीटिंग्स होना है उसका बीच का हिस्से के कारपेट पर दो स्थानों पर फूलों की विशेष सजावट की गई है। इस फ्लावर डेकोरेशन के लिए बंगाल, दिल्ली, बेंगलूर और पुणे के कलाकार आए हैं। इसमें रोज, बेबी ब्रेथ, जरबेरा, कारनेशन, कामिनी, मैरी गोल्ड आदि प्रजातियों के फूलों का उपयोग किया गया है। इस फ्लावर डेकोरेशन के फूल बदले भी जा सकेंगे।
सीएम और नगरीय प्रशासन मंत्री भी होंगे शामिल
तय कार्यक्रम के मुताबिक आमंत्रित देशों के मंत्री और एक्सपर्ट बैठक में शामिल होंगे। 21 को इस विषय पर एक संयुक्त निष्कर्ष सामने होगा। 20 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह की मेजबानी में सभी मंत्री समूह के लिए भोज का आयोजन होगा।
इससे पहले 19 को दोपहर 3 बजे बाद सभी अधिकारी मांडू भी जाएंगे। 21 की शाम को 56 दुकान पर रात्रि भोज का आयोजन होगा। श्रम और रोजगार विषय की यह पांचवीं और अंतिम बैठक है। इससे पहले इस वर्किंग ग्रुप की बैठकें जोधपुर, गुवाहाटी, जिनेवा में हो चुकी हैं।
इन देशों के मेहमान इंदौर पहुंचे
अर्जेंटीना, जर्मनी, यूएसए, यूके, नीदरलैंड, ब्राजील, रूस, स्पेन, इजिप्ट, यूरोपियन यूनियन, इंडोनेशिया, ओमान, साउथ अफ्रीका, तुर्किए, चाइना, कनाडा, फ्रांस, जापान, सऊदी अरबिया, सिंगापुर, यूएई, बांग्लादेश, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, वर्ल्ड बैंक ग्रुप के ग्लोबल डायरेक्टर और वर्ल्ड बैंक के डेलिगेट्स इंदौर पहुंचे।





