मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने कृषि फीडरों पर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति करने पर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी जारी की है। मुख्य महाप्रबंधक (सेवा/सेवाएं) आरएस जैन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यदि किसी माह में कृषि फीडरों पर निर्धारित अवधि से अधिक बिजली आपूर्ति दी गई, तो संबंधित ऑपरेटर से लेकर महाप्रबंधक (GM) स्तर तक के अधिकारियों का वेतन काटा जाएगा।
कंपनी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यदि किसी माह में किसी फीडर पर दो दिन लगातार 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पाई जाती है, तो संबंधित ऑपरेटर का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। यदि चार दिन लगातार यह स्थिति बनी रहती है, तो जूनियर इंजीनियर (JE) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसी तरह छह दिन तक ऐसी स्थिति रहने पर सहायक अभियंता (AE) और सात दिन तक रहने पर महाप्रबंधक (GM) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार कृषि फीडरों पर प्रतिदिन अधिकतम 10 घंटे तक ही बिजली आपूर्ति की अनुमति है। इसके बावजूद अधिक आपूर्ति पाए जाने पर इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित अधिकारी पर न केवल वेतन कटौती होगी, बल्कि आवश्यकतानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कृषि फीडरों पर लगाए गए टाइम इंटीग्रेशन मीटर से प्राप्त डेटा को ही आधार माना जाएगा। किसी तकनीकी कारण से अतिरिक्त आपूर्ति होने की स्थिति में अधिकतम 15 मिनट की छूट दी जाएगी। मुख्य महाप्रबंधक ने निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का पालन सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि “नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारू और संतुलित बनी रहे।





