मध्यप्रदेश में अब सभी शहरों (नगरीय क्षेत्रों) में शनिवार-रविवार दो दिन का लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। चौहान ने कहा कि यह लॉकडाउन शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक यानी कुल 60 घंटे का होगा। सरकार का यह फैसला दमोह को छोड़कर मध्यप्रदेश के सभी बड़े-छोटे शहरों में लागू होगा। दमोह में 17 अप्रैल को विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान होना हैं। दमोह में रोजाना औसतन 28 कोरोना केस आ रहे हैं। यहां अब तक 94 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। यह प्रदेश में मौत के मामले में नौवें नंबर पर है। चार अप्रैल को ही यहां एक मौत दर्ज की गई है।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक दमोह में कुल एक्टिव केस 199 हैं। पिछले 24 घंटे में दमोह में 30 कोरोना संक्रमित केस मिले हैं।
इस बीच भोपाल के कोलार क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 9 अप्रैल शाम 6 बजे से 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। कोलार क्षेत्र की आबादी ढाई लाख से ज्यादा है। यहां अभी 1800 एक्टिव केस हैं।
रतलाम जिले में नौ दिन का लॉकडाउन रहेगा। यहां 9 अप्रैल शुक्रवार की शाम 6 से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक सबकुछ बंद किया जा रहा है। खरगोन, कटनी और बैतूल में सात दिन तक 9 अप्रैल की शाम 6 बजे से 17 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक सब लॉक रहेगा। इससे पहले छिंदवाड़ा में आज 8 अप्रैल गुरुवार रात 8 बजे से लगातार सात दिन के लिए लॉकडाउन लगाया गया है।
एक दिन पहले को ही मध्यप्रदेश के सभी शहरों में नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई थी। लेकिन बुधवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 4324 कोरोना मरीज आने के बाद सरकार ने शनिवार-रविवार लॉकडाउन का ऐलान किया। इसकी घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी मंशा लॉकडाउन की नहीं रही है।
ऑक्सीजन और रेमडेसिविर के इंजेक्शन की कमी से हालात बदतर हो रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से 48 घंटे में सागर में 4 और खरगोन में 1 कोरोना मरीज की मौत हो गई। ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने भिलाई स्टील प्लांट से करार किया है। हर रोज प्लांट से 60 टन ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। इस बीच पिछले 24 घंटे में पूरे एमपी में कोरोना से 27 मरीजों की मौत हुई है।
पहली खेप अगले एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है। भोपाल कलेक्टर ने जिले में चल रहे प्लांट 24 घंटे चालू रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। 24 घंटे में 4324 केस मिले हैं। प्रदेश के 4 बड़े शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में ही 50 फीसदी संक्रमित आए हैं।





