भोपाल. राजधानी भोपाल की खस्ताहाल सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने सीएस से लेकर संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को तलब कर लिया. इतना ही नहीं सड़कों का रखरखाव न हो पाने की वजह से उन्होंने राजधानी परियोजना प्राधिकरण को खत्म करने का भी आदेश जारी कर दिया है.

किसी प्रकार की बहानेबाजी नहीं चलेगी : सीएम
सीएम शिवराज सिंह चौहन ने सड़कों की हालत को लेकर बुलाई बैठक में कहा कि प्रदेश की सड़कों की स्थिति खराब नहीं होनी चाहिए. सड़कों की मरम्मत व रखरखाव का कार्य निरंतर किया जाए. सड़कों पर गड्ढे नहीं दिखने चाहिए जहां-जहां सड़कें खराब हैं, तुरंत मरम्मत चालू करें. कार्य में किसी प्रकार की बहानेबाजी नहीं चलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल सहित प्रदेश के सभी स्थानों की सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए शॉर्टटर्म और लॉन्गटर्म प्लानिंग बनाकर कार्य किए जाएं.
अलग-अलग एजेंसी की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल नगर में सड़कों का काम चार एजेंसियां पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, सीपीए और भोपाल विकास प्राधिकरण कर रही हैं. अधिक एजेंसियां होने से काम तत्परता के साथ नहीं हो पाता. सीपीए (capital project authority) की जरूरत नहीं है लिहाजा इसका काम तुरंत खत्म किया जाए. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे काम के लिए एजेंसियां तय करें
किसके पास कितनी सड़क की जिम्मेदारी
भोपाल नगर में राजधानी परियोजना प्रशासन के पास कुल 92.5 किमी लंबाई की सड़क है. वर्तमान में कोलार रोड क्षेत्र में पाइप लाइन व सीवरेज का काम चलने से सड़क की हालत ज्यादा खराब है. वहीं नगर निगम भोपाल के पास शहर की 710 किमी सड़क है. इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के पास कुल 400 किमी सड़क है, जिसमें 13 प्रमुख व 25 कॉलोनियों के रास्ते हैं.




