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थकान के सात कारण और एनर्जी एनर्जी बढ़ाने के तरीके 

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         डॉ. प्रिया ‘मानवी’

घंटों तक आराम करने के बाद भी क्या आपका शरीर थकान महसूस करता है। अमूमन 45 की उम्र के बाद पुरुषों और 35 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई कारणों से थकान बढ़ जाती है। ऐसे में अधिकतर लोग एनर्जी को बढ़ाने के लिए एक कप कॉफी या चाय पीते है। मगर कुछ समय बार शरीर में वो कमज़ोरी दोबारा से महसूस होने लगती है।

    इसमें कोई दो-राय नहीं है कि दिनभर की व्यस्तता शरीर को कमज़ोर बना देती है। अब ऐसे में भरपूर आराम न मिलना और अनियमित आहार इस समस्या के मुख्य कारण साबित होने लगते हैं।

      गर्मी के मौसम में अक्सर धूप में निकलने के बाद थकान बढ़ने लगती है और निर्जलीकरण का सामना भी करना पड़ता है। इसके अलावा वे लोग जो ब्रेकफास्ट स्किप कर देते है, उनके शरीर में पोषण की कमी बढ़ने लगती है, जिससे बॉडी फंक्शनिंग प्रभावित होने लगती है। इसका असर कार्यक्षमता सहित स्किन और बालों की ग्रोथ पर भी दिखने लगता है।

सिडेंटरी लाइफस्टसइल को फॉलो करने से मसल्स में ऐंठन बढ़ने लगती है, जिसके चलते व्यक्ति को हर पल थकान का सामना करना पड़ता है। लगातार थकान बनी रहने से ऊर्जा के स्तर में कमी आने लगती है और व्यक्ति खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से असहाय महसूस करता है। इसके अलावा दवाओं का सेवन भी कारण बनता है। लगातार थकान बनी रहने से ऊर्जा के स्तर में कमी आने लगती है.

इन कारणों से करना पड़ता है थकान का सामना :

*1. पोषण की कमी*

हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार शरीर में एनर्जी के स्तर को बनाए रखने के लिए आहार में आयरन, विटामिन बी 12 और विटामिन डी को अवश्य शामिल करें। इससे रेड ब्लड सेल्स की मात्रा बढ़ने लगती है, जिसस रक्त का प्रवाह उचित बना रहता है और ऑक्सीजन की भरपूर प्राप्ति होती है। इससे शरीर में होने वाली थकान, कमज़ोरी और ध्यान केंद्रित करने में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन कम विटामिन बी12 के स्तर को थकान और मांसपेशियों की कमज़ोरी से जोड़ता है।

*2. इलेक्ट्रोलाइट का बढ़ता असंतुलन*

गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी का खतरा बना रहता है। ऐसे में सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम को रेगुलेट करने में मदद मिलती हैं। दरअसल, निर्जलीकरण के चलते शरीर में कमज़ोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और थकान का सामना करना पड़ता है।

*3. नींद की कमी*

नींद की कमी के चलते शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का स्तर असंतुलित होने लगता है, जिससे मोटापे का सामना करना पड़ता है। फ्रंटियर्स इन साइकोलॉजी के रिसर्च के अनुसार ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया वाले लोगों को अक्सर दिन में थकान का अनुभव होता है, जिससे उन्हें कमज़ोरी और धुंधलापन महसूस हो सकता है। ऐसे में नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने और कमज़ोरी से राहत पाने के लिए स्लीप हाइजीन को अवश्य मेंटेन रखें।

    नींद की कमी के चलते शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का स्तर असंतुलित होने लगता है, जिससे मोटापे का सामना भी करना पड़ता है।

*4. तनाव का स्तर बढ़ना :*

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार तनाव का बढ़ता स्तर शरीर में थकान का मुख्य कारण बनने लगता है। इससे शरीर को एगजॉशन डिसऑर्डर का सामना करना पड़ता है, जिससे क्रॉनिक इंफ्लामेशन का जोखिम बढ़ जाता है। कॉनिक स्ट्रेस के चलते मोटिवेशन की कमी और व्यवहार में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है, जिससे व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रख पाता है। ऐसे में थकान को कम करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य को उचित बनाए रखना आवश्यक है।

*5. कैफीन का बढ़ता सेवन*

ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे स्लीप साइकिल बाधित होती है, जो तनाव और एंग्ज़ाइटी को बढ़ाता है। इसमें मौजूद शुगर की मात्रा दिनभर की थकान का कारण साबित होती है, जिससे शरीर में मौजूद एनर्जी का लेवल डाउन होने लगता है।

*6. ओवरवेट*

मोटापे के चलते शरीर में डायबिटीज़, हृदय रोगों, कैंसर और नींद की कमी का सामना करना पड़ता है। इससे शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते है, जो सुस्ती का कारण साबित होते हैं। बढ़ते वज़न कि कारण शरीर पर उसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।

*7. क्रॉनिक डिज़ीज़*

शरीर में बढ़ने वाली मधुमेह की समस्या कमज़ोरी का कारण बनने लगती हैं। इससे शरीर में ऊर्जा के स्तर में गिरावट आने लगती है। मधुमेह वाले लोगों को रक्त शर्करा के स्तर में उतार चढ़ाव का अनुभव होता है जो थकावट का कारण बनता है। वहीं कैंसर के मरीज़ अक्सर बीमारी या कीमोथेरेपी जैसे उपचारों से अत्यधिक थकान की शिकायत करते हैं।

ये हैं थकान दूर करने के तरीके :

*1. व्यायाम :*

दिनभर में कुछ वक्त वर्कआउट के लिए निकालने का प्रयास करें। इससे मांसपेशियों की मज़बूती बढ़ने लगती है और थकान से राहत मिल जाती है। शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ने से ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ने लगता है, जिससे शरीर में बढ़ने वाले आलस्य और सुस्ती को दूर किया जा सकता है। दिनभर में कुछ वक्त वर्कआउट के लिए निकालने का प्रयास करें।

*2. सोने- उठने का समय फिक्स करें :*

दरे तक सोना और देर रात जागना दोनों ही स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। ऐसे में समय पर सोएं और 7 से 9 घंटे की पूरी नींद लें। वहीं उठने के लिए भी एक समय तय कर लें। इससे सुबह उठकर शरीर एक्टिव और हेल्दी महसूस होता है।

*3. ब्रेकफास्ट स्किप न करें*

एक लंबी फासि्ंटं के बाद किए जाने वाले ब्रेकफास्ट को स्किप करने से बचें। इससे शरीर को पोषण और एनर्जी की प्राप्ति होती है, जिससे व्यक्ति दिनभर हेल्दी महसूस करता है। इससे शरीर को फायदा मिलता है और कई तरह के रोगों से बचाव होता है।

Ramswaroop Mantri

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