राज्य सरकार ने देवास में 19 अप्रैल तक और पन्ना, मंडला जिले के सभी नगराें में लाॅकडाउन 15 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक बढ़ा दिया है। इन्हें मिलाकर अब 18 जिलाें में लाॅकडाउन बढ़ चुका है। मुख्यमंत्री ने यह फैसला इन जिलाें के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से चर्चा के बाद लिया। उन्हाेंने कहा- प्रदेशव्यापी लाॅकडाउन नहीं लगाया जाएगा। इस बीच रविवार को 47 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप मप्र पहुंच गई। सरकारी डोज में से 15 प्रतिशत जिला अस्पतालों में भेज रहे हैं। यहां आईसीयू एचडी में भर्ती मरीजों को यह मिलेगा। बाकी इंजेक्शन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जाएंगे। यह सोमवार से लगना भी शुरू हो रहे हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए निजी अस्पतालों का कंपनी से सीधे संपर्क भी कराया जा रहा है।
इधर, प्रदेश में रविवार से शुरू हुए वैक्सीनेशन उत्सव का पहला दिन उत्साहजनक रहा। एक दिन में 3.80 लाख लोगों को पहली डोज दी गई। यह 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अगले तीन दिनों यानी 12,13 और 14 अप्रैल को प्रदेश में 15 लाख कोरोना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें इंदौर में हर दिन 50 हजार, भोपाल में 40 हजार, जबलपुर 25 हजार, ग्वालियर 25 हजार, उज्जैन में 20 हजार टीके लगाए जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वैक्सीनेशन ड्राइव में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों का शत प्रतिशत टीकाकरण कराया जाएगा।
अच्छी खबर : 47 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप पहुंची, सरकारी अस्पतालों में बंटेंगे
तृतीय-चतुर्थ श्रेणी 25% ही कर्मचारी रोटेशन में आएंगे
सरकार ने मंत्रालय एवं राज्य स्तरीय कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक प्रथम-द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत, तृतीय-चतुर्थ श्रेणी की 25 प्रतिशत रोटेशन के अनुसार होगी। जिला कलेक्टर कर्फ्यू क्षेत्र में जिला/संभाग स्तरीय कार्यालयों को पूरी तरह या आशिंक रूप से संचालित करने का निर्णय ले सकेंगे।
भोपाल में क्यों नहीं? कलेक्टर का जवाब- बेड और ऑक्सीजन पर्याप्त, बाकी व्यवस्थाएं भी सुधार रहे, जरूरत पड़ेगी तो सोचेंगे
इन दिनाें भाेपाल में एक ही सवाल की चर्चा है। वाे ये कि भाेपाल में करीब 3 हजार एक्टिव केस हैं और हर दिन औसतन 650 नए केस मिल रहे हैं। फिर भी प्रशासन यहां लाॅकडाउन नहीं बढ़ा रहा? ऐसे ही सवालाें के जवाब कलेक्टर अविनाश लवानिया ने दिए…
क्या कारण है कि लॉकडाउन नहीं लगा रहे?
लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बहुत ज्यादा प्रभावित होती हैं। बिना लॉकडाउन के स्थिति सुधर जाए तो बेहतर होगा। कोलार बंद किया ही हुआ है।
संक्रमित तो सब जगह बढ़ रहे हैं?
हां, पर और भी विकल्प हैं, जिससे स्थिति नियंत्रित करने के प्रयास कर रहे हैं।





