Editor – “पक्का?”
Agency – “अरे हाँ सर जी, बिद्या कसम, पहली धार का है!”
Editor – “अच्छा? पहली धार का है? कितना सामान है?”
Agency – “साढ़े छह सौ एमएल तो होगा…”
Editor – “अरे, पूछ रहा हूँ कितने second का footage है?”
Agency – “सर नाड़ा खोलने से ले कर नाड़ा लगाने तक का पूरा है… पूरा अढतालीस second का है!”
Editor – “कितने में दोगे?”
Agency – “एक लाख पूरा लगेगा सर जी।”
Editor – “एक लाख?? क्यू एन आई वाला तो पचास हज़ार में दे रहा है…”
Agency – “उसका cheat shot है सर जी, close up वाला धार कहीं और का है। ध्यान से देखिये, उसमें धुआँ उठ रहा है। इतना गर्मी में धुआँ उठता है?”
Editor – “अच्छा? लेकिन फिर भी महँगा है।”
Agency – “क्या ब्बात कर रहे हैं सर!! पंद्रह second से अधिक का material ही नहीं था उसके पास… वो तो हमारा reporter स्स्स्स स्स्स्स का आवाज़ निकाल कर बत्तीस second तक ले गया धार को! Footage चाहिए तो बोलिये, नहीं तो हम किसी और channel को दे देंगे… लोग चुल्लू पसारे खड़े हैं footage के लिए… पहली धार का है!”
Editor – “अरे नहीं नहीं, भेज दो…. (न्यूज़रूम से) लगाओ रे, पट्टी चलाओ जल्दी breaking का!!! अड़तालीस second का footage पर अड़तालीस घंटा खींचना है… Package बनाओ जल्दी……. क्या लिख रहे हो भो***…. पहली धार का है बे चू ****…. लिखो उसमें!!”
Harnam Singh




