सपना हर इंसान देखता है. किसी का पूरा होता है तो किसी का अधूरा रह जाता है. लेकिन, आपको बता दें कि जो सपने दिल और मेहनत से देखे जाते हैं वे जरूर पूरे होते हैं. ऐसा ही एक सपना देखा था स्लोवाकियाई ट्रैवल ब्लॉगर ज़ुज़ाना ने. जुजाना ने न सिर्फ सपना देखा, बल्कि उसे अपनी मेहनत से पूरा भी कर दिखाया.

दुनिया की हर सीमा को पार करते हुए हर संस्कृति को करीब से महसूस करते हुए और अनगिनत मुश्किलों का सामना करते हुए ज़ुज़ाना ने वह कर दिखाया, जिसका सपना लाखों लोग देखते हैं. वे कहती हैं कि, 5 वर्षों की अथक मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के बाद उन्होंने दुनिया के हर देश की यात्रा पूरी की है. इस ऐतिहासिक यात्रा का अंतिम पड़ाव बना न्यूज़ीलैंड, जहां एयरपोर्ट पर कदम रखते ही उनका सपना साकार हो गया.

जुजाना बताती हैं कि, न्यूज़ीलैंड पहुंचकर उन्होंने अपनी 5 साल लंबी ऐतिहासिक यात्रा को सफलतापूर्वक समाप्त किया. जैसे ही उन्होंने एयरपोर्ट पर “वेलकम टू न्यूज़ीलैंड” सुना तो भावुक हो गईं. कहा, यही वो पल था जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में दर्ज हो गया.

जुजाना बताती हैं कि, ये 5 साल उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण और सबसे अविश्वसनीय थे. जहां उन्हें अलग-अलग देशों में अद्भुत लोगों से मिलने का अवसर मिला. यही नहीं, मानवता की उदारता व लोगों को करीब से देखने का अनुभव मिला. वे कहती हैं कि, “हम अलग से ज़्यादा एक जैसे हैं और मैंने हमेशा लोगों की अच्छाई पर विश्वास किया.”

जुजाना कहती हैं कि, अफ्रीकी देशों के हवाई अड्डों पर उनसे बिना कारण पैसे मांगे गए, पुलिस द्वारा रोका गया और मॉरिटानिया में आयरन ट्रेन से यात्रा के बाद रेगिस्तान के बीच छोड़ दिया गया. इसके बावजूद, हर कठिन परिस्थिति में उसी देश का कोई न कोई स्थानीय व्यक्ति मदद के लिए आगे आया. ज़ुज़ाना ने कहा कि वे इन सभी मददगार लोगों की हमेशा आभारी रहेंगी

ज़ुज़ाना ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, इंस्टाग्राम पर उन्हें समर्थन देने वाले फॉलोअर्स और दुनिया भर के लोगों को दिया. उन्होंने कहा कि अनुशासन, जोखिम उठाने की हिम्मत और खुद के प्रति ईमानदारी के साथ कोई भी सपना साकार किया जा सकता है.

अंत में ज़ुज़ाना ने अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा, “दुनिया के हर देश की यात्रा में आप सभी का साथ न होता, तो आज मैं यहां नहीं होती.”





