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*आरक्षण से वंचित समाजों ने सर्वोच्य न्यायालय के फैसले को आधार मानकर वर्गीकरण के सम्बंध में की बैठक*

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*वक्ताओं ने कहा आरक्षण में सभी समाजों को बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित हो*

*वंचित समाज संघर्ष मोर्चा चलाएगा चरणबद्ध आन्दोलन*

इन्दौर। दलित, शोषित एवं पीड़ित वर्ग के विकास के साथ ही सर्वहारा वर्ग को बराबर के अधिकार देने का पुण्यकारी कार्य बाबा साहेब डाक्टर भीमराव अम्बेडकर जी ने किया, जिसमें वंचित एवं शोषित वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई, लेकिन राजनैतिक दलों ने अपने स्वार्थ के लिए अपने चहेते वंचित समाज को आरक्षण का लाभ देते हुए सांसद विधायक तक बना दिए, इतना ही नहीं नौकरियों में भी समूचे दलित समाज के हिस्से का आरक्षण भी दो समाज खटिक एवं बलाई समाज को दे दिया गया, जबकि वाल्मीकि, मेहत्तर, मांग-मातंग, कोली/कोरी, धानुक, वंशकार, बसोड़ जैसे समाज आज भी अपने हक और अधिकार से वंचित हैं, इसी बात से चिंतित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट के 1 अगस्त 2024 को दिए गये फैसले आरक्षण में आरक्षण यानि वंचित समाज के आरक्षण अधिकारों का वर्गीकरण का स्वागत करते हुए वंचित समाज संघर्ष मोर्चा का गठन किया। 

इसी संघर्ष मोर्चे  के तत्वावधान में वंचित समाज के प्रतिनिधियों की बैठक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस सभागृह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी महेश गौहर ने की। बैठक का शुभारम्भ वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद हरिश नागर, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश महावर कोली, महेश गौहर, इंजिनियर संतोष कल्याणे, रतलाम की महिला समाजसेवी पदमा चावरे आदि ने दीप प्रज्जवलन एवं बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। 

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हमारी निष्क्रयता और टांग खींचने प्रवृति के कारण ही आरक्षण का लाभ केवल एक – दो जाति समूह को मिला ही माल पाया है। 

सर्वोच्य न्यायालय के निर्णय के वर्गीकरण के आधार पर सभी को बराबर की भागीदारी सुनिश्चित हो।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के 1 अगस्त 2024 के आदेश के तहत वंचित समाज के आरक्षण में आरक्षण का स्वागत करते हुए वंचित समाज संघर्ष मोर्चा की बैठक में प्रदेश के 23 जिलों के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के आयोजक इंजिनियर संतोष कल्याणे ने बताया कि बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार आरक्षण का वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि वंचित, शोषित समाज के सभी समाजों को बराबरी का हक मिले, इस हेतु वंचित समाज संघर्ष मोर्चा द्वारा चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया, जिसमें सर्वप्रथम हस्ताक्षर अभियान के तहत 5 लाख हस्ताक्षर करवा कर मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। साथ ही धरना प्रदर्शन, घेराव जैसे आन्दोलन किए जाएंगे।  नौकरी एवं राजनैतिक क्षेत्र में मिले इस हेतु वंचित समाज के विभिन्न समाजों में जागृति लाने हेतु बैठकों एवं विचार गोष्ठी के माध्यम से जागृत किया जाकर बड़ा आन्दोलन किया जाएगा। 

इस अवसर पर उज्जैन से रफीक अंजाना, खंडवा से किशोर सारसर, मंदसोर से राजाराम तंवर, इन्दौर से हरिश नागर, श्याम अजय पाल, प्रकाश महावर कोली, अमृतलाल नाहर, उमाकांत काले, सरोज कल्याणे, सीमा नरवले, रतलाम से श्रीमती पदमा चावरे, शैलेंद्र मेहना, विशाल कंडारे, बालकृष्ण करोसिया आदि ने भी विचार रखे। 

कार्यक्रम का संचालन राजेश धोलपुरे ने एवं अंत में आभार सूरज गौहर ने माना।

Ramswaroop Mantri

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