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अफ़सोस, मौत अभी आपके दरवाजे से गई नहीं है

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-राकेश दुबे 

मेरे पास अफ़सोसजनक और पुष्ट खबर है कि कोरोनारोधी वैक्सीन के दो डोज लगवाने के बाद भी भोपाल में कोरोना के मामले सामनेआये हैं, और भोपालके एक प्रतिष्टित चिकित्सक परिवार में एक गृहिणी की मौत हुई है और उनके चिकित्सक पति कोरोना से ठीक होकर घर आये हैं | आज चिकित्सक ही नहीं भोपाल, प्रदेश और देश में हर वो नागरिक संकट से दूर नहीं है, जो कोरोना रोधी निर्देश का पालन नहीं कर रहा है | बीते कल १९ नवंबर २०२१ तक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते घंटों के दौरान देश में १११०६ नए मामले सामने आए हैं,४५९ लोगों की जान गई है जबकि १२,७ ८९ लोग इस बीमारी से ठीक हुए है। आबादी के जमावड़े इसे ज्यादा फैलाते हैं, अफ़सोस राज्य सरकारें आयोजन करने से नहीं चूक रही हैं | 
बड़ी गभीर स्थिति है| ठीक हुए लोगों के अनुभव से पहले शरीर रचना पर सामान्य बात |हम सभी पांच इंद्रियों – दृष्टि, श्रवण, गंध, स्वाद और स्पर्श के साथ जन्म लेते हैं। नाक तो गर्भावस्था की पहली तिमाही में ही बन जाती है और दसवें सप्ताह तक बच्चे का भ्रूण गंध का एहसास भी करने लगता है। कोरोना से उबरे एक सज्जन ने बताया “जहां तक मुझे याद है, जीवन में पहली बार मैं बिना गंध के जी रहा हूं और यहीं से फिर वह सवाल पहली की तरह मेरे सामने मंडराने लगता है कि जब हम स्वाद और गंध खो देते हैं तो क्या होता है ?”दो इंद्रियों के बिना जीना, जो हमारे पारिस्थितिक तंत्र, परिवार और खाने के साथ हमारे रिश्ते को परिभाषित करती हैं। खाने से स्वाद और गंध का अहसास, कोविड से पहले की उसकी स्मृतियों की बात हो गई है |
कोरोना से उबरे लोगों का कहना है केवल उस खाने का विशेष स्वाद याद आता है, जिसे उस समय खा रहा होता हूं। वरना तो केवल मैं उस खाने को चबा भर रहा होता हूं, गंध से कोई अंतर नहीं कर पाता| भूख कम हो गई है सब्जियों के बाजार में अब मैं केवल खरीदारी करता हूं, क्योंकि अब किसी सब्जी उस स्वाद और खुशबू का पता तो मुझे चलता नहीं, जो पकने के बाद उससे आती है। 
भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार कोरोना दुष्काल के मामले इस समय केरल में सबसे ज्यादा ६२२९० सक्रिय हैं वहीं महाराष्ट्र में१५३८३ , तमिलनाडु में ९०७८ कर्नाटक में ७३७८ और पश्चिम बंगाल में ८०७२ मामले अभी भी सक्रिय हैं। महाराष्ट्र में ६६२७ ६६८ मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से ६४ ७१ ३२३ ठीक हो चुके हैं। दूसरे नंबर पर केरल है जहां अब तक ५०८४९६ मामले सामने आ चुके हैं।तीसरे नंबर पर कर्नाटक है, जहां अब तक २९९२८९७ मामले सामने आ चुके हैं। तमिलनाडु में२७१७९१८ , आंध्रप्रदेश २०७०७३८ उत्तरप्रदेश में१७१०३०६ , पश्चिम बंगाल में १६०७५१६ दिल्ली में१४४०५७५ , ओडिशा में १०४६४१७ छत्तीसगढ़ में१००६४५९ , राजस्थान में ९५४५६८ जबकि गुजरात में भी अब तक संक्रमण के करीब ८२७११२ मामले सामने आ चुके हैं। जबकि इनमें से ८१६७१९ मरीज ठीक हो चुके हैं। इसके बाद मध्यप्रदेश में७९२९९३ , हरियाणा में७७१४९५ , बिहार में७२६१७८ , तेलंगाना में६७४१८१ , असम में ६१४८८३ इसके बाद पंजाब ६०२९०६ का नंबर आता है। वहीं दूसरी ओर देश भर में ३३८९७९२१ मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। 
इसके बाद टेस्ट की बात देश में प्रति दस लाख पर ४४९१६१ टेस्ट किये गये हैं |देश में अब तक वैक्सीन के ११५.२ करोड़ डोज दिए जा चुके हैं। भारत सरकार, द्वारा कल १९ नवंबर२०२१ , तक जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में मामलों की संख्या बढ़कर ३४४,८९,६२३ पर पहुंच चुकी है। इस संक्रमण से अब तक ४६५०८२ लोगों की मृत्यु हो चुकी है जबकि देश भर में ३३८,९७,९२१ मरीज ठीक हो चुके हैं। 
ये सारे तर्क और आंकड़े आपको डराने के लिए नहीं चेताने के लिए हैं | कोरोना अनुशासन का पालन करें, मौत अभी आपके दरवाजे से गई नहीं है

Ramswaroop Mantri

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