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*TCS का झटका, बाकी कंपनियों में मचा हड़कंप! 20 हजार कर्मचारियों की छंटनी*

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देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने करीब 20 हजार कर्मचारियों को निकालने का बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह कदम लागत घटाने और ऑटोमेशन बढ़ाने की रणनीति के तहत उठाया गया है। जानकारों का कहना है कि सिर्फ TCS ही नहीं, बल्कि अन्य बड़ी आईटी कंपनियां जैसे इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा भी आने वाले महीनों में छंटनी की तैयारी कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक मंदी और प्रोजेक्ट्स में कमी के कारण भारतीय आईटी सेक्टर में रोजगार संकट गहराता जा रहा है। कर्मचारियों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल है, जबकि कंपनियां इसे “पुनर्गठन” बता रही हैं। आईटी सेक्टर, जो कभी स्थिर करियर का प्रतीक माना जाता था, अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में छंटनी को लेकर विवाद गहरा गया है। कंपनी के अनुसार 1% कर्मचारियों को हटाया गया, जबकि रिपोर्ट में 19,755 कर्मचारियों की कमी दिखाई गई है। NITES ने इस अंतर पर सवाल उठाए हैं। कंपनी ने नई भर्तियां की हैं और कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज दिए जा रहे हैं। तीसरी तिमाही में बोनस भी दिया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS employee count discrepancy) में छंटनी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कंपनी के चीफ एचआर ऑफिसर (TCS CHRO statement) सुदीप कुनुमल ने गुरुवार को कहा कि सिर्फ 1% यानी करीब 6,000 कर्मचारियों को हटाया गया है। लेकिन कंपनी की ताजा तिमाही रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे कुछ और ही कहानी कहते हैं।

“बढ़ा-चढ़ाकर बताए जा रहे फैक्ट्स”

कुनुमल ने कहा कि,

“इनमें से कई आंकड़े सही नहीं हैं। वो काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताए जा रहे हैं। इन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। हम कोई संख्या हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहे।” उन्होंने बताया कि मिड और सीनियर लेवल पर करीब 1% कर्मचारियों को रिलीज किया गया, जिन्हें दोबारा सही भूमिका में तैनात नहीं किया जा सका।

लेकिन TCS की जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY26) की फैक्टशीट के मुताबिक, कंपनी का कुल हेडकाउंट 19,755 घटकर 5,93,314 रह गया जो पिछली तिमाही (Q1 FY26) में 6,13,069 था।

“कंपनी की सच्चाई उजागर हुई”
आईटी कर्मचारियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन NITES ने इस अंतर पर सवाल उठाए। NITES के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा,

“यह अंतर साफ दिखता है और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है। कंपनी की अपनी रिपोर्ट सच्चाई उजागर करती है। इतने बड़े स्तर पर आंकड़ों की गलती संभव नहीं, यह जानबूझकर की गई कोशिश लगती है।”

TCS की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का एट्रिशन रेट (कर्मचारियों के छोड़ने की दर) Q2 FY26 में घटकर 13.3% हो गया, जो पिछली तिमाही में 13.8% था। कुनुमल ने बताया कि कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2025 के दौरान 18,500 नए कर्मचारियों की भर्ती की है और सभी ऑफर पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा,

“हम बिजनेस की जरूरत के हिसाब से बेस्ट टैलेंट लाएंगे, लेकिन कोई फिक्स संख्या बताना सही नहीं होगा।”

जुलाई में TCS ने घोषणा की थी कि वह अपने ग्लोबल वर्कफोर्स का 2% (करीब 12,261 कर्मचारी) हटाएगी। यह कदम एआई और नई तकनीकों के अनुकूल पुनर्गठन के तहत उठाया गया था। कंपनी ने हटाए गए कर्मचारियों को दो साल तक का सेवरेंस पे देने की बात कही थी।

एचआरओ ने कहा- सेवरेंस पैकेज दिए जा रहे
कुनुमल ने कहा,

“हमने छंटनी की प्रक्रिया बहुत सहानुभूति और सम्मान के साथ की। हर कर्मचारी को सपोर्ट देने के लिए डेडिकेटेड टीमें बनाई गईं और बाजार के मुताबिक सेवरेंस पैकेज दिए गए।”

अब कंपनी तीसरी तिमाही में ज्यादा बोनस और वैरिएबल पे देने की योजना बना रही है। कुनुमल ने कहा, “सभी योग्य कर्मचारियों को बोनस मिलेगा। जूनियर लेवल पर 100% पेमेंट जारी रहेगा और सीनियर लेवल पर परफॉर्मेंस के आधार पर ज्यादा बोनस दिया जाएगा।”

गुरुवार को TCS के शेयर 1.09% बढ़कर 3,060.20 रुपए पर बंद हुए, जबकि निफ्टी 50 0.54% चढ़कर 25,181.80 अंक पर रहा। कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए।

Ramswaroop Mantri

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