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जूडा अध्यक्ष को धमकाने का मामला : मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स का कफन ओढ़कर प्रदर्शन….कमलनाथ ने कहा- तानाशाही कर रही सरकार

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भोपाल

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर संकट अब बढ़ गया है। जूडा ने सरकार पर हड़ताल को खत्म करने के लिए हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में बुधवार को जूनियर डॉक्टरों ने गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में कफन ओढ़कर प्रदर्शन किया। जूनियर डॉक्टर बोले- अब कफन ओढ़ने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है।

इधर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि शिवराज जी यह कैसी तानाशाही है। प्रदेश में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं, उनकी जायज मांगों को मानने की बजाय उनके घर देर रात को पुलिस भेजकर बुजुर्ग परिजन को धमकाया जा रहा है? तुरंत दोषियों पर कार्रवाई करें।

जूडा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा ने कहा कि हड़ताल खत्म करने का दबाव बनाने के लिए जूनियर डॉक्टरों के घर पर सरकार पुलिस भेजती है। सरकार कोरोना वॉरियर्स की मांगों के प्रदर्शन को खत्म करने के लिए गलत रास्ते अपना रही है। हम भी लड़ाई से पीछे नहीं हटने वाले। सरकार चाहे तो हमें जेल भेज दे।

बता दें, भोपाल जूडा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक ने वीडियो जारी कर उनके घर पर पुलिस भेजकर माता-पिता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी हड़ताल को खत्म करने के लिए हथकंडे अपना रही है। वहीं, मामले में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने आरोप को निराधार बताया। कहा- सरकार ऐसा क्यों करेंगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को उनकी जरूरत है। उनको तुरंत काम पर वापस आना चाहिए। उनकी मांगें मानी गई हैं।

जूडा को अब बाहर से भी समर्थन

वहीं, जूनियर डॉक्टरों को अब बाहर से मेडिकल डॉक्टर्स एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों ने समर्थन दिया है। इसके पहले मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और एमबीबीएस छात्रों ने भी समर्थन दिया था। सभी ने सकार से जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की मांगों को मानने की अपील की है।

सरकार पर वादे से मुकरने का आरोप

प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने 6 मई को उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार बाद में मुकर गई।

ये हैं मांगें

  • जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड में 24 प्रतिशत करके 55000 से बढ़ाकर 68,200 एवं 57,000 से बढ़ाकर 70680 व 59,000 से बढ़ाकर 73,160 किया जाए।
  • हर साल वार्षिक 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी बेसिक स्टाइपेंड पर दी जाए।
  • पीजी करने के बाद 1 साल के ग्रामीण बांड को कोविड की ड्यूटी के बदले हटाने के लिए एक कमेटी बनाई जाएं, जिसमें जूडा के प्रतिनिधि भी शामिल हों।
  • कोविड ड्यूटी में कार्यरत जूनियर डॉक्टर को 10 नंबर का एक सर्टिफिकेट दिया जाए, उसे सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दें।
  • कोविड में काम करने वाले जूनियर डॉक्टर और उनके परिवार के लिए अस्पताल में एक एरिया और बेड रिजर्व किया जाए। साथ ही नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए।

Ramswaroop Mantri

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