धार
मल्लिकार्जुन मंदिर की बंद कर दी गई बावड़ी काे देखने के लिए नगर पालिका के इंजीनियर माैके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। पहले ताे उन्हाेंने समिति के लाेगाें से कहा कि आप काेर्ट में केस लगाए, लेकिन जब वहां के रहवासियाें और समिति के लाेगाें ने उन्हें दस्तावेजी प्रमाण साैंपे ताे माने।
उन्हें लाेगाें ने बताया कि यहां कुछ लाेगाें ने बावड़ी काे मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। साथ ही उस जगह पर कब्जा कर अपनी दुकानें बना ली है। इस पर कुछ दुकानदार भी वहां पहुंचे और बहस करने लगे। रहवासियाें ने उन्हें बताया कि यह मंदिर से जुड़ा मामला है और अवैध रूप से बावड़ी काे बंद कर जलस्राेत काे खत्म कर दिया गया है। इसके लिए हम आंदाेलन करेंगे। इंजीनियर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और वहां से चले गए।
यहां के अंकित पांडे ने बताया कि बावड़ी काे लेकर समिति के पदाधिकारियाें और लाेगाें ने लंबे समय तक प्रशासन काे आवदेन दिए, लेकिन काेई कार्रवाई नहीं की गई है। हमारे पास सारे प्रमाण और कागज हैं। हमने गुरुवार काे भी नपा में सीएमओ काे फिर से शिकायत की थी। यदि अब भी काेई कार्रवाई नहीं की जाती है ताे हम सड़काें पर उतरकर आंदाेलन के लिए मजबूर हाेंगे। गाैरतलब है कि भास्कर ने हाल ही में मल्लिकार्जुन मंदिर और बावड़ी का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था।





