अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

मंत्री उषा ठाकुर पर आरोप लगाने वाले डिप्टी रेंजर का मानपुर तबादला,हुए थे निलंबत ,अब फिर हुआ तबादला

Share

इंदौर

पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर पर समर्थन के वाहन छुड़ाने का आरोप लगाने वाले डिप्टी रेंजर रामस्वरूप दुबे का फिर से तबादला हो गया है।कुछ दिन पहले वनमंडल को दुबे के खिलाफ तीन अन्य मामलों में शिकायतें हुई जिसमें एक मामले में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।

लेकिन 22 जुलाई को वन विभाग मुख्यालय द्वारा उनका तबादला फिर मानपुर कर दिया गया है। अब विभाग असमंजस में हैं, कि वह किस का आदेश माने। निलंबन के आदेश के बाद डिप्टी रेंजर ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जिसमें 3 अगस्त को सुनवाई है।

मंत्री उषा ठाकुर पर आरोप लगाने वाले डिप्टी रेंजर दुबे को वन मंडल में गलत ढंग से आउट ऑफ टर्न प्रमोशन लेने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत पर निलंबित किया गया था अब मुख्यालय से तबादले का नया आदेश आ गया है। जिसमें डिप्टी रेंजर को मानपुर जाने के निर्देश दिए डिप्टी रेंजर ने बताया कि निलंबन और तबादले का आदेश हुआ है।

स्थांतरण के आदेश की कॉपी

स्थांतरण के आदेश की कॉपी

25 दिन पहले हुआ था निलंबन

बडगोंदा-मानपुर रेंज में तैनात डिप्टी रेंजर आरएस दुबे को 25 दिन पहले डीएफओ नरेंद्र पांडवा ने एक मामले की जांच में दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया। यह मामला 2012 में उनके ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन से जुड़ा है। इसमें एक वनकर्मी मुकेश यादव ने एक शिकायत की थी, जिसकी जांच चल रही थी। जांच में दस्तावेजों सहित कई गड़बड़ियां मिलीं, जिसके चलते उन्हें सस्पेंड किया गया है। लेकिन भोपाल मुख्यालय से 23 जुलाई को एक और आदेश में डिप्टी रेंजर का तबादला मानपुर कर दिया गया है।

ये है मामला

वन मंडल की बड़गोंदा बीट के डिप्टी रेंजर राम सुरेश दुबे ने पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर सहित 20 ग्रामीणों के खिलाफ डकैती डालने की धाराओं में केस दर्ज किए जाने को लेकर आवेदन बड़गोंदा थाने में दिया था । कि ग्राम बड़गोंदा में मनोज पिता अशोक पाटीदार द्वारा 10 जनवरी को रास्ता बनाने के लिए खुदाई की जा रही थी। इस पर डिप्टी रेंजर दुबे ने स्टाफ के साथ जाकर खुदाई रुकवाई। बुलडोजर और ट्रॉली को जब्त कर परिसर में खड़ा करवा दिया था। कार्रवाई दौरान मनोज का स्टाफ से काफी विवाद भी हुआ था। मंत्री समर्थक होने की भी धौंस दी गई थी।

11 जनवरी को विधानसभा में मंत्री का कार्यक्रम था। इसी में मनोज ने इसकी जानकारी मंत्री को दी थी। डिप्टी रेंजर का आरोप है कि प्रोग्राम खत्म होने के बाद मनोज समेत 20 लोग कैंपस में घुसे। मंत्री भी बाहर ही खड़ी थीं। बुलडोजर और ट्रॉली वह बगैर अनुमति लेकर चले गए। इस पर मंत्री ठाकुर, मनोज, सुनील यादव, अमित जोशी, वीरेंद्र आंजना, सुनील पाटीदार, प्रदीप पाटीदार, सुरेश कुंवर सिंह सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आवेदन दिया था।

जनवरी माह में सभी ने घटना के बाद सभी ने दिए थे बयाना

आवेदन मिला तो जांच करेंगे

आईजी हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है कि हमें वन विभाग की तरफ से अभी कोई आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर जांच की जाएगी।

मेरी मौजूदगी में बुलडोजर नहीं लेकर गए : ठाकुर

इस मामले में मंत्री ठाकुर ने कहा कि मेरी मौजूदगी में बुलडोजर और ट्रॉली नहीं ले जाई गई। जहां पर रास्ता बनाने का काम चल रहा था वहां पैदल चलना भी मुश्किल है। ग्रामीण अपने खर्चे से कच्ची रोड बना रहे थे। जबरन उन्हें परेशान किया जा रहा था।

तटस्थ कमेटी जांच करेगी

वन मंत्री विजय शाह ने इस मामले में कहा- एक तटस्थ कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। हर पहलू की पड़ताल करवाई जाएगी।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें