श्रीराम सेन पत्रकार
सिलवानी सिलवानी नगर में पुल निर्माण को लेकर कारी चल रहा है और नीचे नदी के दोनों साइड दोनों ओर पुली की बराबरी से मिट्टी ढेर होने के कारण पानी का बहाव रुक गया और पुल के ऊपर वाली बस्ती में पानी भर गया जिससे गरीबों का काफी नुकसान हुआ खाने पीने का सामान बर्बाद बर्बाद हो गया खाना बनाने के बर्तन सारे बह गए यानी बहुत बड़ी तबाही हुई बस जनहानि नहीं हो पाई बाकी लोग बहुत बुरी तरह से बर्बाद हो गए

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सिलवानी नगर में यह पानी पहली बार नहीं भरा है पिछले वर्ष भी यही घटना हुई थी उस समय तत्कालीन एसडीएम संघमित्रा ने खड़े होकर के पहली बरसात में पानी की निकासी करवाई थी जिसके कारण नुकसान होने से बचा था इसके 1 वर्ष पूर्व इसी तरह की तबाही हुई।
सिलवानी नगर में कोई राजनेता कहने सुनने वाला नहीं है बौद्धिक स्तर के लोग अपना दिमाग गिरवी रख चुके हैं और यहां के नेताओं को क्या लेना-देना वोट लिया और लापता हो जाते हैं अगर लोकल में कोई विधायक रहता है तो उसे पता रहता है कि हमारे नगर की हालत क्या है और जब परेशानी आती है तब यहां की जनता गाली देने लगती है ।
बाकी राम राम जपना, पराया माल अपना ,वामी में हाथ तुम डालो मरो तुम तमाशा हम देखें कहावत पूर्णता सत्य है।





