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*गाजा में फिलिस्तीनियों के नरसंहार की खिलाफत करने वाले मुंबई के नेताओं की नजरबंदी  अलोकतांत्रिक*

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*फिलिस्तीनियों के न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा*

किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने श्याम गोहिल, सीपी आईएमएल महाराष्ट्र के सचिव, की नजरबंदी और हिरासत की कड़े शब्दों में निंदा की है।

उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि महाराष्ट्र प्रशासन द्वारा आज, 18 जून 2025 को मुंबई के आजाद मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, यह प्रदर्शन गाजा और फिलिस्तीन के लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

कल मध्यरात्रि के बाद लगभग 1:30 बजे रात को पुलिस उनके घर आई और उन्हें नजरबंद कर दिया। तब से उनके गेट पर पुलिस कर्मी तैनात हैं। यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर खुला हमला है और फिलिस्तीन के साथ एकजुटता में खड़ी आवाजों को दबाने की कोशिश है।

मुंबई भर में व्यापक और समन्वित दमन किया गया है। हिरासत में लिए गए अन्य लोगों में कॉम. प्रकाश रेड्डी (सीपीआई), मेराज सिद्दीकी (समाजवादी पार्टी), कॉम. राजू कोरडे और जुनैद खान (पीडब्ल्यूपी), फिरोज मिठीबोरवाला (इंडिया फिलिस्तीन सॉलिडैरिटी फोरम), और शहर भर के कई  सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हैं।

यह शर्मनाक  पुलिस दमन महाराष्ट्र की डबल इंजन सरकार और मोदी-भाजपा शासन के असली चरित्र को दर्शाता है, जो भारत की औपनिवेशिक-विरोधी एकजुटता की गौरवशाली विरासत के विपरीत है । उत्पीड़ित राष्ट्रीयताओं के साथ खड़े होने वाली और रंगभेद तथा औपनिवेशिक प्रभुत्व के खिलाफ बोलने वाली आवाजों को चुप कराकर, वे वैश्विक अन्याय में अपनी सहभागिता को उजागर कर रहे हैं।

Ramswaroop Mantri

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