हिमांशु कुमार
आज दंतेवाड़ा की अदालत में सोनी सोरी की पेशी थी. आप कहेंगे सोनी सोनी पर तो भाजपा सरकार द्वारा लगाए गए सारे मुकदमे खत्म हो चुके थे. सच कहा आपने लेकिन यह मुकदमा कांग्रेस के समय में लगाया गया है.
सन 2020 में सोनी सोरी को एनआईए ने पूछताछ के लिए बुलाया. सोनी सोरी को पूछताछ से एक दिन पहले बुखार आया. उन्होंने सुबह जिला अस्पताल में जांच कराई तो वह कोरोना पाजीटिव पाई गईं.
सोनी सोरी ने फोन पर एनआईए के अधिकारियों को इस बात की सूचना दे दी. दंतेवाड़ा के एसपी ने रात को डॉक्टर और स्वास्थ विभाग की टीम को सोनी सोरी के घर भेजा. डॉक्टर ने एक स्लाइड बनाकर सोनी सोरी की जांच की और कहा कि आप कोरोना नेगेटिव हैं.
एसपी ने सोनी सोरी से कहा आपको हर हाल में कल एनआईए के सामने पेश होना ही पड़ेगा. इसके साथ ही शहर भर की टैक्सियों को धमका दिया गया कि सोनी सोरी को लेकर कोई नहीं जाएगा.
सोनी सोरी बुखार की हालत में लिंगा कोड़ोपी की मोटरसाइकिल पर बैठकर 90 किलोमीटर सफर करके जगदलपुर पहुंची. एनआईए ने सोनी सोरी से 7 घंटे बुखार की हालत में ही पूछताछ की. सोनी सोरी फिर मोटरसाइकिल पर ही वापस आई.
रास्ते में ही सोनी सोरी को डॉक्टर का फोन आया कि आप कोरोना पॉजिटिव थी, आप घर से बाहर क्यों गई ? डॉक्टर ने बताया कि आपके खिलाफ एफआईआर कर दी गई है.
सोनी ने कहा – ‘रात को आकर आप ही ने तो कहा था कि मैं कोरोना नेगेटिव हूं.’ डॉक्टर ने कहा- ‘मुझे एसपी ने धमकी दी थी कि मैं आपको नेगेटिव घोषित करूं. बंदूक की नोक पर मुझे यह करना पड़ा. मैं क्या करता ?’
उसी एफआईआर को लेकर सोनी सोनी पर मुकदमा कायम कर दिया गया है. आज दंतेवाड़ा में उसी केस की पेशी थी. आप कहेंगे ऐसा थोड़ी होता है. होता है सर, आदिवासियों के साथ ऐसा ही होता है.





