अग्नि आलोक
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*सुबह की ताजा खबरे:ऑपरेशन सिंदूर:दुश्मन के हौसले किए चकनाचूर,मौका देख बदल गए ट्रंप,पाकिस्तान पर बरस रहा ट्रंप का प्यार, खत्म होगी रूस-यूक्रेन की तकरार! वक्फ कानून पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई आज…*

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रूस-यूक्रेन में होगा युद्धविराम? ट्रंप-पुतिन की 2 घंटे तक बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर यूक्रेन में युद्धविराम को लेकर चर्चा की, जो दो घंटे तक चली। ट्रंप ने विश्वास जताया कि रूस और यूक्रेन तुरंत युद्धविराम की दिशा में बातचीत शुरू करेंगे और युद्ध को समाप्त करेंगे।

भारत कोई धर्मशाला नहीं… सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत दुनिया भर के शरणार्थियों के लिए धर्मशाला नहीं है, यह बात एक श्रीलंकाई नागरिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए कही गई, जिसने भारत में शरण मांगी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 19 केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और याचिकाकर्ता को किसी अन्य देश में शरण लेने की सलाह दी।

चीन से पिटे ट्रंप की बदली पॉलिसी, भारत को रहना होगा तैयार

अमेरिका और चीन के बीच शक्ति का संतुलन बदल गया है। चीन के साथ ट्रेड वॉर में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप बाजी हार गए हैं। अप्रैल में उस पर भारी टैरिफ लगाना और फिर पीछे हटना इसका साफ संकेत है। यानी पलड़ा चीन के पक्ष में झुक गया है। ट्रंप अपनी ताकत का इस्तेमाल तीन तरीकों से करते रहे हैं। आदेश देना, कार्ड खेलना और विरोधियों को ताना मारना। लेकिन, हाल के दिनों में ऐसा लगता है कि वह मुश्किलों का सामना करने पर पीछे हट जाते हैं। उन्होंने चीन से आयात पर अमेरिकी टैक्स में कटौती की है। 

अमेरिका और चीन के बीच शक्ति का संतुलन बदल गया है। चीन के साथ ट्रेड वॉर में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप बाजी हार गए हैं। अप्रैल में उस पर भारी टैरिफ लगाना और फिर पीछे हटना इसका साफ संकेत है। यानी पलड़ा चीन के पक्ष में झुक गया है। ट्रंप अपनी ताकत का इस्तेमाल तीन तरीकों से करते रहे हैं। आदेश देना, कार्ड खेलना और विरोधियों को ताना मारना। लेकिन, हाल के दिनों में ऐसा लगता है कि वह मुश्किलों का सामना करने पर पीछे हट जाते हैं। उन्होंने चीन से आयात पर अमेरिकी टैक्स में कटौती की है। घरेलू स्तर पर भी उन्हें ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ा है। कुछ मामलों में उनकी सफलताएं उतनी अच्छी नहीं हैं जितनी दिखती हैं। उनकी ताकत का एक तरीका यह है कि लोग उन्हें विजेता मानते हैं। लेकिन, उनकी ‘जीरो-सम’ सोच (जिसमें एक का फायदा दूसरे का नुकसान होता है) उन्हें कमजोर कर सकती है। एक्‍सपर्ट मानते हैं कि ट्रंप को ‘विन-विन’ तरीका अपनाना चाहिए जिसमें सहयोगियों के साथ फायदे वाले रिश्ते बनाने पर ध्यान दिया जाए। अगर ट्रंप ऐसा नहीं करते हैं तो उनका अमेरिका को दोबारा महान बनाने का सपना धरा का धरा रह जाएगा।

ट्रंप अपनी ताकत दिखाने के लिए तीन मुख्य तरीके अपनाते हैं। पहला है आदेश देना। वह सोशल मीडिया पर खूब आदेश जारी करते हैं और घोषणाएं करते हैं। वह उम्मीद करते हैं कि लोग तुरंत ध्यान देंगे। दूसरा तरीका है कार्ड खेलना। जैसा कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से व्हाइट हाउस में हुई मीटिंग में कहा था- आपके पास अभी कार्ड नहीं हैं। राष्ट्रपति को अक्सर लगता है कि वह अच्छे सौदे कर सकते हैं। उनके पास सबसे अच्छे कार्ड हैं। तीसरा तरीका है विरोधियों को ताना मारना। ट्रंप ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ ऐसा ही किया था।

मौका देख बदल गए ट्रंप

हालांकि, हाल के हफ्तों में ट्रंप ने यह भी दिखाया है कि वह मुश्किलों का सामना करने पर पीछे हट जाएंगे। वित्तीय बाजारों में गिरावट के बाद उन्होंने व्यापारिक साझेदारों पर खास टैक्स लगाने में देरी की। इससे पता चलता है कि वह आर्थिक दर्द को ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर सकते। कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओर से टैक्स लगाने और सख्त भाषा का इस्तेमाल करने के बाद उन्होंने कनाडा के प्रति नरम रुख अपनाया।

इन सभी मामलों में, ऐसा लगता है कि ट्रंप ने अपने कार्डों को ज्यादा आंका और अपने विरोधियों के कार्डों को कम आंका। दूसरे लोग यह सबक सीख सकते हैं कि उनमें लंबी लड़ाई लड़ने का दम नहीं है। राष्ट्रपति को घरेलू स्तर पर भी ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और कुछ लॉ फर्मों ने उनका विरोध किया है।

सबसे महत्वपूर्ण कदम पिछले हफ्ते उठाया गया। जब अमेरिका ने चीन से आयात पर टैक्स में कम से कम 90 दिनों के लिए कटौती की। वह भी बीजिंग से बिना कोई खास रियायत लिए। ट्रंप को डर था कि एक लंबा टकराव महंगाई को बढ़ा सकता है। यमन के हूती विद्रोहियों के साथ अमेरिका का युद्धविराम भी कम आक्रामक रुख का संकेत देता है। हालांकि, यमनी लड़ाकों ने लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हमला करना बंद कर दिया। लेकिन, उन्होंने इजरायल पर मिसाइलें दागना जारी रखा। वह अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक है।

भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकता बांग्लादेश, एक्‍सपर्ट ने सुनाई खरी-खरी

भारत ने बांग्लादेश से जमीनी रास्तों से होने वाले निर्यात को सीमित कर दिया है, जो बांग्लादेश की ओर से भारतीय सामानों पर लगाई जा रही व्यापारिक पाबंदियों का जवाब है। इस कदम से बांग्लादेश को लगभग 77 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। जीटीआरआई का कहना है क‍ि बांग्‍लादेश खुद अपने को नुकसान पहुंचा रहा है। 

भारत ने हाल ही में बांग्लादेश से जमीनी रास्तों से होने वाले निर्यात को सीमित कर दिया है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि यह कदम बांग्लादेश की ओर से भारतीय सामानों पर लगाई जा रही व्यापारिक पाबंदियों का जवाब है। उन्होंने बिजनेस टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि बांग्लादेश खुद को नुकसान पहुंचा रहा है। वह भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। भारत ने बांग्लादेशी सामानों पर कोई रोक नहीं लगाई है, बल्कि सिर्फ जमीनी रास्तों को सीमित किया है। जीटीआरआई के अनुसार, भारत के इस कदम से बांग्लादेश को लगभग 77 करोड़ डॉलर का नुकसान होगा, जो कि द्विपक्षीय आयात का 42% है। श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि बांग्लादेश को अब LDC (लीस्‍ट डेवलेप्‍ड कंट्री) का दर्जा प्राप्त नहीं है। इसलिए भारत को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। भारत और बांग्लादेश के रिश्ते मुहम्मद यूनुस के चीन समर्थक रवैये के कारण तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत सरकार का कहना है कि यह व्यापार नीति बदलाव द्विपक्षीय व्यापार में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए है।

अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बांग्लादेश भारत से कई चीजों के आयात पर रोक लगा रहा है। इसके जवाब में भारत ने एक सोचा-समझा कदम उठाया है। उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश एक समय में कपड़ों का बड़ा निर्यातक था। वो चमड़े जैसे अन्य उत्पादों को भी इसमें जोड़ रहा था। लेकिन, कुछ समय से धार्मिक तत्वों ने एक सख्त रुख अपनाया है और वो भारत के खिलाफ हो गए हैं।’

श्रीवास्तव ने आगे कहा, ‘बिना किसी उकसावे के बांग्लादेश ने भारत से कई चीजों के आयात पर रोक लगा दी है। इसके जवाब में भारत ने एक सोचा-समझा कदम उठाया। हमने उनसे किसी भी आयात पर रोक नहीं लगाई। हम उन्हें एक टीजर देना चाहते थे। हमने कहा कि वो जमीनी रास्ते से नहीं आ सकते। अगर आप भेजना चाहते हैं, तो समुद्री रास्ते से भेजें। सब कुछ आ सकता है, कुछ भी नहीं रोका गया है।’

जीटीआरआई के एक विश्लेषण के अनुसार, भारत की ओर से बांग्लादेश से कई आयातों पर प्रतिबंध लगाने से पड़ोसी देश को 77 करोड़ डॉलर का नुकसान होगा, जो कि द्विपक्षीय आयात का लगभग 42% है।

ऑपरेशन सिंदूर: ‘गोली उन्होंने चलाई, लेकिन धमाका हमने किया’, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बोले सैन्य अधिकारी

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने दुश्मन की चौकियों और आतंकी ढांचे पर सटीक हमला कर उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस ऑपरेशन की सफलता पर जोर देते हुए एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि गोली उन्होंने चलाई थी, लेकिन धमाका हमने किया। अधिकारी ने कहा कि हर गोला दुश्मन के लिए जवाब बना और उनके हौसले चकनाचूर हो गए।

भारतीय सेना के अधिकारी ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बात की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक योजनाबद्ध और लक्ष्य आधारित कार्रवाई थी, जिसका मकसद दुश्मन की आतंकवादी गतिविधियों और घुसपैठ में मदद करने वाली चौकियों को पूरी तरह खत्म करना था। सैन्य अधिकारी ने कहा कि गोली दुश्मनों ने चलाई थी, लेकिन धमाका हमने किया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि यह ऑपरेशन कोई प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि पहले से तैयार की गयई जवाबी कार्रवाई थी।

दुश्मन के हौसले किए चकनाचूर
अधिकारी ने बताया कि सेना ने इस ऑपरेशन में स्वदेशी रडार सिस्टम और टारगेट एक्विजिशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से भारी गोला-बारी हुई, लेकिन भारतीय सेना ने अपने किसी जवान को नुकसान नहीं होने दिया।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में न सिर्फ दुश्मनों के चौकियों को तबाह किया गया, बल्कि उनके मनोबल को भी चकनाचूर कर दिया। अधिकारी ने कहा कि जब उन्होंने हमारे गांवों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया, तब हमने भी तय कर लिया कि हर गोला उनके खिलाफ जवाब बनेगा।

सेना प्रमुख ने की जवानों से मुलाकात
बता दें कि इससे पहले रविवार को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के लोंगेवाला में जाकर कॉनार्क कोर के जवानों से मुलाकात की। साथ ही उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, वायुसेना और बीएसएफ ने मिलकर शानदार तालमेल से दुश्मन के इरादों को नाकाम किया।

उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन राजस्थान के जैसलमेर से लेकर कच्छ तक फैले रेगिस्तान में चला, जहां भीषण गर्मी में भी जवानों ने पूरी मुस्तैदी दिखाई। इसके साथ ही सेना प्रमुख ने जवानों की हिम्मत, समर्पण और पराक्रम को सलाम करते हुए कहा कि देश को आप पर गर्व है।
परेशन सिंदूर, जिससे दहल उठा दुश्मन
गौरतलब है कि 6 से 7 मई की दरमियानी रात को 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे तक सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। 25 मिनट के इस ऑपरेशन में 24 मिसाइलों के जरिए नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया। इन नौ ठिकानों में से पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे, वहीं चार पाकिस्तान में थे। इन ठिकानों में आतंकियों को भर्ती किया जाता था। उन्हें प्रशिक्षित किया जाता था। इतना ही नहीं भारतीय सेना के इस कार्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के परिवार के दस लोगों की मौत हो गई।

jyoti malhotra

अब खुलेंगे पाक जासूस ज्योति के राज: NIA ने सात घंटे की पूछताछ, खंगाला जा रहा पहलगाम आतंकी हमले का लिंक

एनआईए की टीम ज्योति मल्होत्रा के महज दो साल में तीन बार पाकिस्तान जाने, उस वक्त पहलगाम जाने जब आमतौर पर वहां पर्यटक नहीं आते और आतंकी हमले की टाइमिंग को जोड़कर जांच कर रही है।

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने करीब सात घंटे तक पूछताछ की। एजेंसी की टीम उससे पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े लिंक खंगालने की कोशिश कर रही है। इस संबंध में उससे कई सवाल किए। पहलगाम की घटना के दौरान वह कहां थी और जनवरी में पहलगाम जाने का क्या मकसद था। इस बारे में एजेंसी ने सवाल किए।

NIA questioned YouTuber Jyoti Malhotra who was arrested on charges of spying for Pakistan

एनआईए की टीम ज्योति मल्होत्रा के महज दो साल में तीन बार पाकिस्तान जाने, उस वक्त पहलगाम जाने जब आमतौर पर वहां पर्यटक नहीं आते और आतंकी हमले की टाइमिंग को जोड़कर जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि एनआईए कई पहलुओं से जांच कर रही है। ज्योति का 2024 में पाकिस्तान जाना, जनवरी 2025 में पहलगाम जाना, पाकिस्तान की साफ छवि दिखाने, वहां रह रहे हिंदुओं के प्रति सद्भावना के वीडियो बनाने, पहलगाम के वीडियो अपलोड करना जांच एजेंसी को अखर रहे हैं। ज्योति ने जनवरी में पहलगाम के अलावा गुलमर्ग, डल लेक, लद्दाख की पैंगॉन्ग झील के वीडियो भी बनाए हैं। इन वीडियो से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को किसी तरह की मदद मिली या नहीं। ये वीडियो अनजाने में बनाए गए या किसी के कहने पर, इन सब सवालों के जवाब एनआईए तलाश रही है। इसके साथ ही पुलिस ज्योति की लोकेशन भी लगातार बदल रही है। कभी उसे महिला थाना, कभी सिविल लाइन थाना तो कभी सीआईए में ले जाकर पूछताछ की जा रही है।

देर रात घर लेकर पहुंची पुलिस
पुलिस की टीम रविवार देर रात ज्योति मल्होत्रा को लेकर उसके घर पहुंची। ज्योति को अपने कपड़े लेने के बाद वापस अपने साथ ले गई। पिता हरीश मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस टीम में तीन महिला कर्मियों सहित पांच-छह लोग थे।

NIA questioned YouTuber Jyoti Malhotra who was arrested on charges of spying for Pakistan

मोबाइल, लैपटॉप खंगाल रही
ज्योति के लैपटॉप, मोबाइल को जांच के लिए करनाल के मधुबन भेजा गया है। एफएसएल की टीम इनका डाटा खंगाल रही है। हिसार पुलिस को एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार है। इस रिपोर्ट से कई राज खुलने की संभावना है। पुलिस ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हरकीरत को तो छोड़ दिया, लेकिन उसके मोबाइल की जांच की जा रही है।

NIA questioned YouTuber Jyoti Malhotra who was arrested on charges of spying for Pakistan

‘किसी ने आतंकवादियों की मदद की है तो वह भारतीय नहीं’
पहलगाम आतंकी हमले के बाद ज्योति ने करीब दो मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। इसमें वह कह रही है कि किसी ने इन आतंकवादियों की मदद की है, तो वह भारतीय नहीं है। जो भी आतंकवादियों का साथ दे रहा है, वह बहुत गलत कर रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन

ट्रंप-पुतिन के बीच दो घंटे फोन पर चर्चा, रूसी राष्ट्रपति ने कहा- समझौते के बाद ही युद्धविराम संभव

व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के बीच सोमवार को दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई है। रूसी राष्ट्रपति ने वार्ता को महत्वपूर्ण, स्पष्ट और उपयोगी बताया है। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच सीधी वार्ता फिर से शुरू करने में अमेरिका की भूमिका के लिए ट्रंप का आभार भी व्यक्त किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा की है। ट्रंप के साथ दो घंटे से अधिक देर तक हुई बातचीत में पुतिन ने कहा कि, दोनों देशों के बीच समझौते के बाद युद्धविराम संभव है। उन्होंने वार्ता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन संघर्ष विराम और युद्ध को खत्म करने के लिए तत्काल शांति वार्ता शुरू करेंगे।

रूसी मीडिया के अनुसार पुतिन और ट्रंप के बीच दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत चली। रूसी राष्ट्रपति ने वार्ता को महत्वपूर्ण, स्पष्ट और उपयोगी बताया। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच सीधी वार्ता फिर से शुरू करने में अमेरिका की भूमिका के लिए ट्रंप का आभार भी व्यक्त किया।

युद्धविराम स्थापित करने वाले समझौते पर काम करने के लिए तैयार-पुतिन
पुतिन ने कहा कि रूस युद्ध विराम सहित समझौतों पर काम करने के लिए तैयार है। वह लड़ाई रोकने का समर्थन करते हैं, लेकिन शांति की दिशा में सबसे प्रभावी कदम विकसित करने की जरूरत है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनका देश यूक्रेन के साथ युद्धविराम स्थापित करने वाले समझौते पर काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने ऐसे समझौतों की आवश्यकता पर बल दिया जो सभी पक्षों को स्वीकार हो।

पुतिन ने कॉल के बाद कहा कि मॉस्को यूक्रेन में लड़ाई को समाप्त करने की दिशा में काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस एक “शांतिपूर्ण समझौते” के पक्ष में है और दोनों पक्षों को अनुकूल समझौता करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने ट्रंप के साथ हुई बातचीत को “स्पष्ट और सार्थक” बताया। पुतिन की कॉल से पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि अगर उन्हें(ट्रंप) लगता है कि पुतिन बातचीत के बारे में गंभीर नहीं हैं, तो ट्रंप युद्ध को समाप्त करने की कोशिश से पीछे हटने के लिए स्वतंत्र हैं। 

यूक्रेन संघर्ष विराम और युद्ध को खत्म करने के लिए तत्काल शांति वार्ता शुरू करेंगे-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन संघर्ष विराम और युद्ध को खत्म करने के लिए तत्काल शांति वार्ता शुरू करेंगे। यूक्रेन के साथ संघर्ष विराम और युद्ध समाप्ति के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए ट्रंप ने सोमवार को पुतिन को फोन किया था। उनके बीच दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई। वार्ता के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में का कि वेटिकन, जिसका प्रतिनिधित्व पोप करते हैं, ने कहा है कि वह वार्ता की मेजबानी करने में बहुत रुचि रखेगा। प्रक्रिया शुरू होने दीजिए।

वार्ता से पहले, व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध से हताश और निराश हैं। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम को लेकर अब ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से भी बात करेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध की समाप्ति के बाद रूस अमेरिका से बड़े पैमाने पर व्यापार शुरू करना चाहता है। वहीं, युद्ध के बाद यूक्रेन को भी कारोबार से बहुत फायदा होगा।

पुतिन के गंभीर नहीं होने पर पीछे हट जाएंगे ट्रंप
ट्रंप और पुतिन की बातचीत से पहले, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अगर ट्रंप को लगता है कि पुतिन बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है तो वह युद्ध समाप्त कराने के अपने प्रयासों से पीछे हट जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को पता है कि बातचीत में कुछ गतिरोध है। लेकिन उन्हें लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन से कहेंगे कि क्या आप बातचीत के लिए गंभीर हैं। क्या आप वाकई इस बारे में सोच रहे हैं?

पुतिन से बात करने के बाद जेलेंस्की से की बात
सूत्रों का कहना है कि, पुतिन से बातचीत के से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बात की थी। पुतिन के बाद खत्म होने के बाद ट्रंप ने एक बार फिर से जेलेंस्की से चर्चा कर रहे हैं। इसके अलावा ट्रंप नाटो सदस्य देशों से भी बात करने वाले हैं।

जेलेंस्की ने कहा, उच्च स्तरीय बैठक पर विचार
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश और उसके सहयोगी युद्ध को समाप्त करने के प्रयास के तहत यूक्रेन, रूस, अमेरिका, यूरोपीय संघ के देशों और ब्रिटेन के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक तुर्किये, वेटिकन या स्विट्जरलैंड की मेजबानी में हो सकती है। जेलेंस्की ने यह भी बताया कि सोमवार को ट्रंप साथ उनकी दो बार बातचीत हुई। एक बार सिर्फ उन दोनों के बीच और उसके तुरंत बाद फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी, इटली और यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ। ये दोनों बातचीत ट्रंप और पुतिन के बीच वार्ता से पहले हुई।

कारोबारी शहजाद

जासूसी, धर्मांतरण और आतंकी फंडिंग…. पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने के बाद एक बार फिर टांडा सुर्खियों में

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में यूपी एटीएस ने टांडा निवासी शहजाद को गिरफ्तार किया है। मसालों के व्यापार की आड़ में वह सीमा पार तस्करी और जासूसी गतिविधियों में शामिल था।

पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने के बाद टांडा एक बार फिर सुर्खियों में आया है। बीते कुछ महीनों से कस्बे और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े युवकों के खिलाफ गंभीर आरोपों में एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज हो गई है। पाकिस्तान के लिए जासूसी, धर्मांतरण और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर मामलों में कस्बे के कई युवकों के नाम सामने आ चुके हैं।

ताजा मामला टांडा निवासी शहजाद से जुड़ा है। शहजाद को एटीएस ने रविवार को ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शहजाद मसालों के व्यापार की आड़ में सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि वह कई बार पाकिस्तान भी गया और वहां आईएसआई एजेंटों से संपर्क में रहा। फिलहाल, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां शहजाद के परिवार से पूछताछ कर रही हैं। शहजाद के दस्तावेज, कॉल डिटेल्स और लेनदेन की गहन जांच की जा रही है।

धर्मांतरण मामला : गुजरात पुलिस ने मारा था छापा
शहजाद की गिरफ्तारी से पहले भी टांडा सुर्खियों में आ चुका है। 2021 के अगस्त में गुजरात पुलिस की एक टीम ने धर्मांतरण मामले में टांडा निवासी मोहम्मद अहमद को रात में छापा मारकर घर से उठा लिया था। यह मामला उमर गौतम और सलाउद्दीन शेख से जुड़ा था, जिन पर अवैध धर्मांतरण और दंगों में शामिल आरोपियों को कानूनी मदद देने के लिए धर्मार्थ फंड के दुरुपयोग का आरोप था। गुजरात पुलिस के अनुसार, टांडा निवासी मोहम्मद अहमद के खिलाफ वडोदरा में दर्ज मामले में सबूत मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। दिलचस्प बात यह है कि इसी युवक को साल 2021 के जून माह में एटीएस ने भी उठाया था और उससे लगभग दस दिन तक पूछताछ की थी।

पाक कनेक्शन में अनस की भी हुई थी गिरफ्तारी
टांडा क्षेत्र के ही गांव मुतीयापुरा निवासी युवक अनस को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साल 2021 अक्टूबर में पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारत के धार्मिक स्थलों की जानकारी भेजने में गिरफ्तार किया था। अनस की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही गांव में सन्नाटा छा गया और परिजन युवक के बारे में जानकारी जुटाने के लिए भटकते रहे। परिजनों ने बताया था कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब है और वह जम्मू जाकर जानकारी नहीं जुटा पा रहे। वहीं, गांव के लोग युवक की संलिप्तता से इनकार कर रहे थे।

जासूसी के आरोप में पकड़े शहजाद के परिवार से पूछताछ
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में यूपी एटीएस ने टांडा निवासी शहजाद को गिरफ्तार किया है। मसालों के व्यापार की आड़ में वह सीमा पार तस्करी और जासूसी गतिविधियों में शामिल था। अब इस गिरफ्तारी के बाद टांडा पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके परिवार से लगातार पूछताछ कर रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, शहजाद कई बार पाकिस्तान गया था और वहां आईएसआई एजेंटों से संपर्क में आया। वह भारतीय सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान भेजता था। एटीएस की कार्रवाई के बाद शहजाद के कॉल डिटेल्स, पासपोर्ट और वीजा संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। टांडा क्षेत्र की स्थानीय पुलिस भी उसके पारिवारिक और सामाजिक संपर्कों की छानबीन में जुटी है। शहजाद पर यह भी आरोप है कि उसने पाक एजेंटों को भारतीय सिम कार्ड दिलाने में मदद की और कुछ संदिग्ध लोगों को अवैध रूप से सीमा पार भेजने का प्रयास किया था। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं शहजाद के संपर्क में और लोग तो नहीं हैं। जांच अभी जारी है और जल्द ही कई और खुलासे हो सकते हैं।

पत्नी बोली आरोप निराधार, विदेशी धन से लाभ कमाते नहीं होती घर में मुश्किलें
मोहल्ला आजादनगर निवासी शहजाद पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान से लेडीज सूट और अन्य सामान लाकर बेचने का काम करता था। शनिवार को पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था, लेकिन रविवार को मोबाइल लौटाने के बहाने उसे मुरादाबाद बुलाकर फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही शहजाद के परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी राजिया ने सभी आरोपों को निराधार बताया और सरकार से न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना है कि अगर वे विदेशी धन से लाभ कमा रहे होते, तो दस साल में घर बनाते समय उन्हें इतनी मुश्किलें नहीं झेलनी पड़तीं। पुलिस ने शहजाद के घर पहुंचकर गहन छानबीन की। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा छा गया है और लोग इस मसले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।पड़ोसी बोले- अच्छा था उसका व्यवहार
शहजाद की गिरफ्तारी के बाद से मोहल्ला आजादनगर में खामोशी है। पुलिस ने रविवार को उसे मुरादाबाद से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि शहजाद पहले पाकिस्तान से सामान मंगाकर बेचता था और गाड़ी चलाने के साथ-साथ कभी-कभार कंबल भी बेचा करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहजाद का व्यवहार सभी से अच्छा था और वह कभी किसी विवाद में नहीं पड़ा। वह पांच भाइयों में सबसे बड़ा है और बीते दस वर्षों से एक सामान्य मकान बना रहा है, जो बंटवारे में मिली ज़मीन पर खड़ा हो रहा है। उसकी पत्नी और बच्चे भी पाकिस्तान गए थे, लेकिन उनका कहना है कि यह केवल पारिवारिक मुलाकात के लिए था।

लखनऊ बनाम हैदराबाद

प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली पांचवीं टीम बनीं लखनऊ, हैदराबाद ने दर्ज की सत्र की चौथी जीत

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ ने 20 ओवर में सात विकेट खोकर 205 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद ने 18.2 ओवर में चार विकेट गंवाकर 206 रन बनाए और छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सनराइजर्स हैदराबाद ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को छह विकेट से हरा दिया और उन्हें प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। इस तरह ऋषभ पंत के नेतृत्व वाली टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली पांचवीं टीम बन गई। सोमवार को खेले गए मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ ने 20 ओवर में सात विकेट खोकर 205 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद ने 18.2 ओवर में चार विकेट गंवाकर 206 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनके लिए अभिषेक शर्मा ने सर्वाधिक 59 रन बनाए। वहीं, लखनऊ के लिए दिग्वेश राठी ने दो विकेट लिए जबकि विलियम ओरुर्के और शार्दुल ठाकुर को एक-एक सफलता मिली।

हैदराबाद की पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद की शुरुआत इस मैच में झटके के साथ हुई थी। अथर्व ताइडे 13 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद अभिषेक शर्मा ने ईशान किशन के साथ पारी को संभाला। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 35 गेंदों में 82 रनों की साझेदारी हुई। अभिषेक 20 गेंदों में 59 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें दिग्वेश राठी ने शार्दुल ठाकुर के हाथों कैच कराया। 

इसके बाद ईशान किशन को हेनरिक क्लासेन का साथ मिला। दोनों ने कुछ अच्छे शॉट्स खेले और 41 रन जोड़े। किशन 28 गेंदों में 35 रन बनाकर आउट हो गए जबकि क्लासेन 47 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौटे। वहीं, कामिंदु मेंडिस 32 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए। उन्हें हैमस्ट्रिंग से जूझते देखा गया। अनिकेत वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी पांच-पांच रन बनाकर नाबाद रहे।

लखनऊ की पारी
इससे पहले मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ को शानदार शुरुआत दिलाई थी। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 115 रनों की साझेदारी हुई जिसे हर्ष दुबे ने तोड़ा। उन्हें मार्श को अपना शिकार बनाया जो 39 गेंदों में 65 रन बनाकर पवेलियन लौटे। वहीं, हर्षल पटेल ने मार्करम को बोल्ड किया। वह 38 गेंदों में 61 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ने अपने करियर का पांचवां अर्थशतक लगाया। लखनऊ के लिए निकोलस पूरन ने 45 रन बनाए जबकि कप्तान ऋषभ पंत का बल्ला एक बार फिर खामोश रहा। उन्होंने सिर्फ सात रन बनाए। आयुष बडोनी, तीन, अब्दुल समद तीन, शार्दुल ठाकुर चार रन बनाकर आउट हुए। वहीं, आकाश दीप छह और रवि बिश्नोई खाता खोले बिना नाबाद रहे। हैदराबाद के लिए ईशान मलिंगा ने दो और हर्ष दुबे, हर्षल पटेल तथा नीतीश कुमार रेड्डी ने एक-एक विकेट चटकाया।

विक्रम मिसरी, विदेश सचिव

संघर्ष विराम, मध्यस्थता में ट्रंप की भूमिका…परमाणु धमकी; विक्रम मिस्री ने समिति को दी ये जानकारियां

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को संसदीय समिति को ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के घटनाक्रम को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उस दौरान उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर सामने आई जानकारियां भी समिति के सामने रखीं।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद हुए भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष पर सोमवार को एक संसदीय समिति को जानकारी दी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अपराजिता सारंगी एवं अरुण गोविल आदि ने भाग लिया।

आतंकवादी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं-मिस्री
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, विदेश सचिव ने संसदीय पैनल को बताया कि पहलगाम हमले की जांच से पता चला है कि आतंकवादियों ने पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड से संपर्क किया था। इसके साथ ही विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वांछित आतंकवादी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं, भारत के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं। आतंकवाद के पनाहगाह के रूप में पाकिस्तान का पिछला रिकॉर्ड दुनिया देख चुकी है, जो ठोस तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान में आतंकियों, सैन्य खुफिया एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के बीच गहरा गठजोड़ है, जो भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है। विदेश सचिव ने संसदीय समिति को यह भी बताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार संबंधित पक्षों को पाकिस्तान प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद के खतरे के बारे में जागरूक कर रहा है।  विदेश सचिव ने कहा कि किसी अन्य देश को जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

संघर्ष विराम में अमेरिका भूमिका नहीं
करीब दो घंटे तक चली बैठक में विदेश सचिव से सबसे अधिक सवाल संघर्ष विराम में अमेरिकी मध्यस्थता के संदर्भ पूछे गए। सूत्रों के मुताबिक, विदेश सचिव ने संघर्ष विराम में अमेरिका या किसी अन्य देश की भूमिका से इन्कार किया। उन्होंने सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय द्विपक्षीय स्तर पर ही लिया गया था। संघर्ष विराम का प्रस्ताव पाकिस्तान की ओर से आया था।

सैन्य कार्रवाई की पाक को पूर्व सूचना नहीं दी गई
विदेश सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकियों के ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बारे में पाकिस्तान को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ शुरुआती मगर सटीक सैन्य हमले के बाद इसकी जानकारी पाकिस्तान को दी गई। पड़ोसी देश को बताया गया कि भारत ने किसी देश के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि कि सैन्य कार्रवाई की पूर्व सूचना पाकिस्तान को दी गई थी। विदेश सचिव ने कहा कि विदेश मंत्री के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।

परमाणु हमले के संकेत नहीं
मिस्री ने समिति को यह भी बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष पारंपरिक ही रहा। पड़ोसी देश की तरफ से कोई ऐसा संकेत नहीं मिला कि वह परमाणु हमला भी कर सकता है। एक सदस्य की ओर से भारत के खिलाफ तुर्किये के प्रतिकूल रुख के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तुर्किये कभी भारत का समर्थक नहीं रहा है। कुछ सांसदों ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान ने संघर्ष के दौरान चीनी प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल था, मिस्री ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भारत ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला किया था।

संसदीय समिति ने सर्वसम्मति से विदेश सचिव को ट्रोल करने की निंदा की 
विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने सर्वसम्मति से विदेश सचिव विक्रम मिस्री को ट्रोल करने की निंदा की और उनके पेशेवर आचरण की प्रशंसा की है। बता दें कि, भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए हुए समझौते के बाद विदेश सचिव को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्हें राजनीतिक नेताओं, पूर्व नौकरशाहों और रक्षा दिग्गजों से समर्थन मिला था।

दिग्वेश राठी

IPL 2025: मैदान पर भिड़े अभिषेक शर्मा और दिग्वेश राठी, आउट करने के बाद जश्न मनाने के तरीके को लेकर हुआ विवाद

सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और लखनऊ सुपर जाएंट्स के गेंदबाज दिग्वेश राठी मैदान पर भिड़ गए। दरअसल, दिग्वेश ने अभिषेक को आउट करने के बाद नोटबुक सेलिब्रेशन किया जो अभिषेक को अच्छा नहीं लगा। वह पवेलियन लौटने से पहले दिग्वेश के पास गए और उन्होंने अपनी गुस्सा जाहिर की। इसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई। हालांकि, कप्तान ऋषभ पंत और अंपायरों ने आकर दोनों को अलग-अलग किया और मामले को शांत कराया। 

दिग्वेश ने हैदराबाद को दिया दूसरा झटका
दिग्वेश राठी ने हैदराबाद को दूसरा झटका दिया। उन्होंने अभिषेक शर्मा को अपना शिकार बनाया। वह 59 रन बनाकर आउट हुए। अभिषेक अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और अर्धशतक लगा चुके थे, लेकिन दिग्वेश की गेंद पर शार्दुल ठाकुर को कैच थमा बैठे। अभिषेक ने अपनी पारी में 20 गेंदें खेली और चार चौके और छह छक्के जड़े। हालांकि, अभिषेक को आउट करने के बाद दिग्वेश ने एक बार फिर वही नोटबुक सेलिब्रेशन किया जिसके लिए उन पर दो बार जुर्माना लग चुका है। अभिषेक दिग्वेश की इस हरकत से काफी गुस्से में नजर आए। दिग्वेश भी आवेश में अभिषेक के पास पहुंचे और उनसे पवेलियन की ओर लौटने का इशारा करने लगे। मैदानी अंपायरों और लखनऊ के अन्य खिलाड़ी ने इन दोनों बल्लेबाजों को अलग किया जिसके बाद अभिषेक पवेलियन लौटे। 

लखनऊ ने हैदराबाद के सामने रखा 206 रन का लक्ष्य
मिचेल मार्श और एडेन मार्करम की अर्धशतकीय पारियों के दम पर लखनऊ सुपर जाएंट्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के सामने 206 रन का लक्ष्य रखा है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ ने 20 ओवर में सात विकेट खोकर 205 रन बनाए। हैदराबाद के लिए ईशान मलिंगा ने दो विकेट लिए जबकि हर्ष दुबे, हर्षल पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी ने एक-एक विकेट झटके।

उखरुल में शिरुई लिली महोत्सव

भारी सुरक्षा के बीच उखरुल में शिरुई लिली महोत्सव का आगाज आज, राज्यपाल करेंगे उद्घाटन

मणिपुर के उखरूल जिले के शिरुई गांव में शिरुई लिली महोत्सव का आगाज मंगलवार से होने जा रहा है। पांच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन मंगलवार को राज्यपाल अजय भल्ला करेंगे। सोमवार को राज्यपाल ने शिरुई गांव जाकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया।

दो वर्षों के अंतराल के बाद, मणिपुर के उखरूल जिले के शिरुई गांव में शिरुई लिली महोत्सव का आगाज मंगलवार से होने जा रहा है। पांच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन मंगलवार को राज्यपाल अजय भल्ला करेंगे। सोमवार को राज्यपाल ने शिरुई गांव जाकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। कार्यक्रम के मद्देनजर उखरुल और शिरुई गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। महोत्सव का इस बार का थीम है, “मानवता के लिए सौंदर्य”, जिसका उद्देश्य सामाजिक चेतना के साथ सौंदर्य को जोड़ना, प्रेम, भाईचारा और शांति का संदेश देना है। आयोजकों और लोगों को उम्मीद है कि शिरुई लिली की खुशबू से पूरे प्रदेश में शांति और भाईचारे का संदेश फैलेगा। पांच दिवसीय महोत्सव विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा, जिनमें शिरुई गांव (जहां उद्घाटन समारोह होगा), टीएनएल ग्राउंड, फांगरेई और बख्शी ग्राउंड शामिल हैं। समापन समारोह 24 मई को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। उम्मीद है शिरुई लिली की खुशबू से हिंसाग्रस्त राज्य में शांति का संदेश प्रसारित होगा।

Moradabad Fire

रानीनांगल गांव के 60 गोदामों में भीषण आग, लपटों से आसमान लाल, 2 KM दूर से दिखा भयानक मंजर

सोमवार रात मुरादाबाद के ग्राम रानीनागल स्थित पुराने कपड़े के करीब गोदामों में सोमवार की शाम तेज हवाओं के बीच आग भड़क गई। करीब दो किमी तक लपटें और धुआं का गुबार आसमान में दिखाई देने लगा। आग को काबू में करने के लिए जिले के अलावा रामपुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगाई गई। घंटों प्रयास के बाद आग काबू में…

भोजपुर के ग्राम रानीनांगल में सोमवार शाम पुराने कपड़ों के करीब 60 गोदामों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि लपटें और धुएं का गुबार दो किलोमीटर दूर तक नजर आने लगा। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती गई और एक-एक कर सभी गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। हादसे में लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक हो गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। 

आग की सूचना पर मुरादाबाद, रामपुर, टांडा और ठाकुरद्वारा से फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। देर रात तक आग बुझाने का अभियान चलता रहा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी केके ओझा ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और अब उसे पूरी तरह बुझाने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार शाम करीब सात बजे एक गोदाम से धुआं निकलता दिखा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 60 से ज्यादा गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवा के चलते आग की लपटें तेजी से फैलती गईं। 

विशाल-साई धनशिका

रजनीकांत की ऑनस्क्रीन बेटी से शादी रचाने जा रहा ये तमिल एक्टर

तमिल अभिनेता विशाल घर बसाने जा रहे हैं। वे अभिनेत्री साई धनशिका से शादी रचाने वाले हैं। कथित तौर पर आज सोमवार को दोनों ने एक इवेंट में अपनी शादी के बारे में एलान किया। साथ ही डेट भी बता दी। कपल इसी साल सात फेरे लेने की तैयारी में हैं। विशाल और साई करीब 15 साल से दोस्त हैं।

विशाल के जन्मदिन पर होगी शादी
पिछले कुछ दिनों से विशाल और साई धनशिका की शादी की खबरें चल रही थीं। आज एक इवेंट में कपल ने इन खबरों को कंफर्म कर दिया। साथ ही यह खुलासा भी किया कि वे 29 अगस्त 2025 को शादी करने वाले हैं। इसी दिन विशाल का जन्मदिन भी होता है। 

दोनों के बीच उम्र का कितना फासला?
विशाल और साई धनशिका की शादी की खबर सामने आने के बाद से ही इनके बीच का उम्र का फासला भी चर्चा में है। विशाल 47 वर्ष के हैं और अपने जन्मदिन के मौके पर वे 48 वर्ष के होंगे। वहीं, धनशिका का जन्म 20 नवंबर 1989 को हुआ। वे 35 साल की हैं। दोनों की उम्र में करीब 12 साल का अंतर है। 

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कौन हैं साई धनशिका?
साई धनशिका तेलुगु इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपना एक्टिंग करियर 16 साल की उम्र में ही शुरू कर दिया था। उन्होंने रजनीकांत की ‘कबाली’ (2016) में अपनी एक्टिंग से काफी लोकप्रियता हासिल की। इस फिल्म में वे रजनीकांत की बेटी के किरदार में नजर आईं। 

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कई महीने से कर रहे थे डेट
विशाल और साई धनशिका कई महीनों से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। आखिर अगस्त में दोनों सात फेरे लेने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी से पहले कपल अपनी सगाई की तारीख का एलान भी कर सकता है।

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देश के तीन राज्यों में पकड़े गए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपी।

इन्फ्लुएंसर से छात्र, व्यापारी से गार्ड तक; भारत में कैसे PAK के लिए जारी थी जासूसी

अब तक कितने कथित जासूसों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है? इन्हें कहां से गिरफ्तार किया गया है? इनका भारतीयों को बहकाने का ‘मोडस ऑपरेंडाई’ यानी तरीका क्या था? पुलिस ने इन्हें कैसे और कब-कब गिरफ्तार किया? आइये जानते हैं…

भारत की तरफ से पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद अब अधिकारी देश में छिपे पाकिस्तान परस्तों को पकड़ने में जुटे हैं। भारत की अलग-अलग एजेंसियों और पुलिस ने अब तक कम से कम 10 लोगों को पाकिस्तान के लिए कथित तौर पर जासूसी करने के आरोपों में गिरफ्तार किया है। पहलगाम आतंकी हमलों के मद्देनजर देश में अहम स्थलों की जानकारी लीक होने के बाद एजेंसियों ने यह अभियान चलाया है। 

गौरतलब है कि अब तक इन मामलों में जो 10 लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनमें से पांच हरियाणा से हैं। वहीं, चार लोग पंजाब से गिरफ्तार किए गए हैं। इस कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़े एक शख्स को उत्तर प्रदेश से भी गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इस पूरे मामले की कलई हरियाणा से इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी से खुलनी शुरू हुई। हिसार पुलिस ने ज्योति की गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया था कि देश के इन्फ्लुएंसर चंद फायदों के लिए युवाओं को बहकाने का प्रयास कर रहे हैं। 

से में यह जानना अहम है कि आखिर अब तक कितने कथित जासूसों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है? इन्हें कहां से गिरफ्तार किया गया है? इनका भारतीयों को बहकाने का ‘मोडस ऑपरेंडाई’ यानी तरीका क्या था? पुलिस ने इन्हें कैसे और कब-कब गिरफ्तार किया?

1. ज्योति मल्होत्रा

कौन?
ज्योति मल्होत्रा खुद को एक ट्रैवल व्लॉगर बताती है। उसका एक यूट्यूब चैनल- ‘ट्रैवल विद जेओ’ है। ज्योति हरियाणा के हिसार की रहने वाली है और उस पर जासूसी और पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप लगे हैं। महिला यूट्यूबर के खिलाफ हरियाणा के हिसार में ही मुकदमा दर्ज हुआ है। 

जासूसी के जाल में कैसे फंसी?

  • ज्योति मल्होत्रा ने 22 अक्टूबर 2018 को अपना पासपोर्ट बनवाया था। करीब तीन साल पहले उसने अपना यूट्यूब चैनल बनाया। शुरुआत में वीडियोज पर व्यूज ज्यादा नहीं आते थे। ट्रैवल व्लॉगिंग के दौरान ही उसका संपर्क दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुआ और जासूसी के जाल में फंस गई। 
  • दानिश ने ज्योति को भारत में जासूसी के लिए तैयार करना शुरू किया। आईबी के इनपुट के अनुसार, ज्योति दो बार दिल्ली से सिख जत्थे बंदी के साथ व एक बार अकेली करतारपुर साहिब गुरुद्वारा दर्शन करने पाकिस्तान जा चुकी है।
  • पाकिस्तान में दानिश के कहने पर ज्योति उसके जानकार अली अहवान से मिली। अली अहवान ने ज्योति के ठहरने व घूमने का प्रबंध करने के साथ उसकी मुलाकात पाकिस्तानी इंटेलीजेंस के अधिकारियों से कराई। ज्योति ने पुलिस को बताया कि दानिश के कहने पर वह पाकिस्तानी इंटेलीजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) के शाकिर उर्फ राणा शाहबाज से मिली और उसका मोबाइल नंबर भी लिया।
  • जेंसियों ने कैसे दबोचा?
  • ज्योति हाई प्रोफाइल पार्टियों में बड़े लोगों से जान पहचान बनाने का प्रयास करती थी। ज्योति ने अपने चैनल के माध्यम से पाकिस्तान की सकारात्मक छवि दिखाने वाले वीडियो बनाए। इसके लिए ‘इंडियन गर्ल इन पाकिस्तान’ के थंबनेल को सबसे ज्यादा प्रयोग किया। इन्हीं में से एक वीडियो पर 12 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। 

इतना ही नहीं ज्योति के चैनल पर एक वीडियो और था, जिसमें वह दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में आयोजित इफ्तार पार्टी में दानिश और उनकी पत्नी के साथ मुलाकात कर रही है। वीडियो में ज्योति आयोजन की भव्यता की तारीफ करती हुई दिखाई दे रही है। साथ ही बार-बार पाकिस्तान की यात्रा करने और वीजा प्राप्त करने की इच्छा भी जताती है।    

इसी दानिश को पहलगाम हमले के बाद 13 मई 2025 को भारत सरकार ने गलत गतिविधियों के लिए पर्सोना नॉन ग्राटा (अवांछित) घोषित किया और 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया था। ज्योति ने इस पार्टी में चीन के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। इस पार्टी के बाद से ही ज्योति एजेंसियों की रडार पर थी। यहां से सामने आया कि ज्योति पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में थी।

2. नोमान इलाही

कौन?
जांच एजेंसियों ने जासूसी नेटवर्क से जुड़े एक व्यक्ति नोमान इलाही को भी गिरफ्तार किया है, जो कि हरियाणा में एक सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। वह मुख्यतः उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला है। पुलिस ने उसे 13 मई को पानीपत से पकड़ा। 

जासूसी के जाल में कैसे फंसा?
नोमान ने पुलिस के सामने कबूला है कि वह आठ साल पहले अवैध रूप से पाकिस्तान पहुंचा था। यहां उसने कुछ लोगों से मुलाकात की थी। पुलिस को शक है कि वह जासूसी का प्रशिक्षण लेने पाकिस्तान गया था। 

बताया जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पुलिस ने पंजाब के मलेरकोटला से दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज की। पुलिस को इस दौरान उन खातों की जानकारी मिली, जिनमें पाकिस्तान से पैसे आ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को पानीपत और कैराना के 12 खातों की जानकारी मिली, जिनमें सीधे पाकिस्तान से पैसे नहीं आ रहे थे, बल्कि इन्हें डायवर्ट कर के भेजा गया था। इसके बाद सभी खाताधारकों को जांच के दायरे में लाया गया। यहीं से पुलिस को नोमान का कनेक्शन मिला। 

पुलिस ने इसके बाद नोमान के घर पर छापेमारी की। उसके घर से पुलिस को छह पासपोर्ट मिले। इनमें तीन पासपोर्ट उसके और उसके परिवारवालों के थे। तीन और अन्य लोगों के थे। नोमान के पासपोर्ट की वैधता 2010 में ही खत्म हो गई थी और इसका रिन्युअल नहीं कराया गया। हालांकि, जब नोमान से सख्ती से पूछताछ की गई तो सामने आया कि वह 2017 में पाकिस्तान गया था। यह यात्रा अवैध तौर पर की गई। इसके बाद पुलिस को शक है कि वह पाकिस्तान में आईएसआई के एजेंट्स से मिला था। 

3. अरमान

कौन?
16 मई को हरियाणा के नूंह से 23 वर्षीय अरमान की गिरफ्तारी हुई। बताया गया है कि वह नगीना के रजाका का रहने वाला है। 

एजेंसियों ने कैसे दबोचा?
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से दुश्मन देश को सूचनाएं भेज रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। जब उसका मोबाइल फोन खंगाला गया, तो उसमें पाकिस्तान के नंबरों से हुई बातचीत, चैट्स, फोटो और वीडियो मिले। 

आरोपी के मोबाइल से भारत के डिफेंस एक्सपो 2025 की तस्वीरें भी मिलीं, जो उसने पाकिस्तानी एजेंटों को भेजी थीं। जांच में सामने आया कि अरमान अपने मोबाइल में पाकिस्तान के 92 सीरीज वाले नंबरों के साथ व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क में था। मोबाइल में दो सिम कार्ड और दो आईएमईआई नंबर चिन्हित हुए हैं। इसके अलावा एक मोबाइल नंबर से भी वह जासूसी करने की गतिविधि को अंजाम दे रहा था। 

4. देविंदर सिंह ढिल्लों

कौन?
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार देवेंद्र सिंह ढिल्लों पंजाब के पटियाला जिले में पंजाब विश्वविद्यालय से एमए राजनीति शास्त्र की पढ़ाई कर रहा है। इसने विश्वविद्यालय के नजदीक ही अपना कमरा ले रखा था। उसका गांव हरियाणा के कैथल स्थित मस्तगढ़ में है। आरोपी के घर में चार सदस्य है। उसकी एक छोटी बहन है, वह भी 12वीं में पढ़ाई कर रही है। उसके पिता की गांव में ही खेती हैं। जबकि उसकी मां एक गृहिणी हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि मध्यमवर्गीय परिवार के इस युवक के खिलाफ सोशल मीडिया पर हथियार के साथ पोस्ट डालने से पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

जासूसी के जाल में कैसे फंसा?
देवेंद्र की दोस्ती फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवती से हुई। इस लड़की ने उसे हनी ट्रैप में फंसा लिया। देवेंद्र 2024 की नवंबर में ही सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ करतारपुर कॉरिडर से पाकिस्तान गया था। इस दौरान वह करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब, लाहौर में कई धार्मिक स्थलों पर गया। वहीं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट के संपर्क में आया।   

एजेंसियों ने कैसे दबोचा?
पुलिस की गुप्तचर यूनिट के हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि 11 मई को उसे सूचना मिली कि मस्तगढ़ निवासी देवेंद्र सिंह ढिल्लों ने अपनी फेसबुक आईडी पर बंदूकों के साथ फोटो अपलोड की है। जांच में पता चला कि देवेंद्र के पास कोई लाइसेंसी हथियार नहीं है। उसने उसके गांव के मालक सिंह के हथियारों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फोटो अपलोड करके वायरल की और भय का माहौल बनाया।

बाद में पुलिस ने जब उसके मामले की जांच के लिए गांव में दबिश दी तो आरोपी को इसकी भनक लग गई। इसके चलते उसने अपने सभी डिजिटल डिवाइस से डाटा डिलीट कर दिया। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन व अन्य डिवाइस अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट अब डाटा रिकवर करने में जुटी है। पुलिस की जांच में सामने आया कि देवेंद्र पांच से अधिक पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था।

5. मोहम्मद तारीफ

कौन?
हरियाणा के नूंह स्थित तावडू उपमंडल के गांव कांगरका का रहने वाला। पिता का नाम हनीफ बताया गया।

जासूसी के जाल में कैसे फंसा?
अभी यह साफ नहीं है कि मोहम्मद तारीफ पाकिस्तानियों के जाल में कैसे फंसा। हालांकि, पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह रुपये के लालच में कुछ समय से दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के एक कर्मचारी को अहम खुफिया जानकारी दे रहा था। 

एजेंसियों ने कैसे दबोचा?
हरियाणा पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि तारीफ निवासी लंबे समय से सेना और उसकी तैयारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दुश्मन देश पाकिस्तान में भेज रहा है। इस सूचना के बाद चंडीगढ़ विशेष पुलिस बल और केंद्रीय जांच एजेंसी ने तावडू सीआईए और सदर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे गांव बावला राधा स्वामी सत्संग के समीप से रविवार देर शाम हिरासत में लिया गया। हिरासत में लेने से पहले पुलिस टीम को सामने देख तारीफ ने अपने मोबाइल में कुछ चैट डिलीट करने का भी प्रयास किया था। 

जांच में सामने आया कि उसके मोबाइल में पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर थे। साथ ही कुछ डाटा भी डिलीट पाया गया। उसके मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तानी नंबरों से चैट, फोटो, वीडियो और सैन्य गतिविधियों की तस्वीरें मिलीं, जो उसने पाकिस्तान के किसी नंबर पर भेजी थी। वह दो अलग अलग सिम कार्ड के जरिए पाकिस्तानी नंबरों से लगातार संपर्क में था। पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि पाकिस्तान उच्चायोग दिल्ली में स्थित कर्मचारी आसिफ बलोच को भारत देश की सैन्य गतिविधियां और खुफिया सूचनाओं को भेजता था।

6. गजाला खातून और 7. यामीन मोहम्मद

6 व 7 मई की रात भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था। 8 मई को सबसे पहले पंजाब के मलेरकोटला पुलिस ने इनपुट के आधार पर दो जासूस गजाला और यामीन मोहम्मद को गिरफ्तार किया था, जो दिल्ली पाकिस्तान हाई कमीशन में काम करने वाले दानिश के संपर्क में थे। यहीं से जासूसों की गिरफ्तारी तेज हुई। 

गजाला दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात अफसर के संपर्क में आने के बाद पाकिस्तान भी गई थी। इसके पास से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और बैंक बैलेंस का ट्रांसजेक्शन रिकॉर्ड भी पुलिस को मिला है। 

8. मोहम्मद रकीब

कौन?
बठिंडा कैट इलाके से गिरफ्तार हुआ मोहम्मद रकीब मूलतः उत्तराखंड के रुड़की का रहने वाला बताया जाता है। डोसनी गांव निवासी रकीब के परिवार की तीन पीढ़ियां सैन्यकर्मियों की वर्दी और कपड़ों की सिलाई के काम से जुड़ी हैं। रकीब के दादा असगर ने वर्षों पहले बठिंडा में सैन्य वर्दी सिलाई का काम शुरू किया था। इसके बाद उसके पिता इकबाल ने उनका काम संभाला। इकबाल के पांचों बेटों रईस, नासिर, आकिल, नाजिम और रकीब ने भी अपने दादाइलाही काम को अपनाते हुए उनसे सिलाई का हुनर सीखकर इसी पेशे को अपनाया।

एजेंसियों ने कैसे दबोचा?
पुलिस ने थाना कैंट में दर्ज की गई एफआईआर में बताया गया कि सैन्य छावनी में टेलर का काम करने वाले रकीब से पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव नंबर और सेना के संदिगध कागजात बरामद किए गए हैं। जो आरोपी से मोबाइल में मिले हैं। मोबाइल में पाकिस्तान से जुड़े कुछ नंबर भी मिले हैं। आरोपी से मोटो कंपनी का ई13 मोबाइल, एयरटेल का सिम कार्ड और नोकिया कंपनी का फोन बरामद किया गया है। उससे पुलिस की पूछताछ जारी है।

सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए आरोपी रकीब से एसएसपी समेत अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। ताकि पता लगाया जा सके कि उक्त आरोपित पाकिस्तानी की किस एजेंसी के साथ संपर्क में था और कैसे आया। वह कितने समय से उनके साथ संपर्क में था और अब तक वह कौन-कौन सी जानकारी उन्हें भेज चुका है।

. मोहम्मद मुर्तजा अली

कौन?
जानकारी के अनुसार, मूलतः बिहार से आने वाला मोहम्मद मुर्तजा अली जालंधर के गांधी नगर में किराये के मकान में रहता था। बीते दिनों उसे जासूसी के बदल मोटी रकम प्राप्त हुई, जिससे उसने हाल ही में एक प्लॉट लिया था। इसी पर वह करीब डेढ़ करोड़ की लागत से वह कोठी भी बनवा रहा था।

एजेंसियों ने कैसे दबोचा?
गुजरात और जालंधर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद मुर्तजा अली को गिरफ्तार किया है। उसके पास से मोबाइल, सिम और 40 लाख के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला। गुजरात पुलिस ने जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की मदद से एक संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद मुर्तजा अली को भार्गव कैंप क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बीते एक महीने में उसके बैंक खाते में करीब 40 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है।

10. शहजाद

कौन?
शहजाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से दबोचा गया है। वह मूलतः रामपुर के टांडा का रहने वाला बताया गया है और कारोबारी है। वह भारत और पाकिस्तान के बीच कॉस्मेटिक्स, मसाले, कपड़े का अवैध लेन देन करता था। 

जासूसी के जाल में कैसे फंसा?
पुलिस को शक है कि अवैध लेन-देन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई उसकी मदद करती थी। बदले में वह भारत की गोपनीय जानकारियां साझा करता था। इसके बदले आईएसआई एजेंट उसे रुपये भी मुहैया करा रहे थे। वह कई लोगों को पाकिस्तान भिजवाने में भी मदद कर चुका था। 

एजेंसियों ने कैसे दबोचा?
एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, शहजाद पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली गई तो कई कॉल्स संदिग्ध लगीं। इसके बाद निगरानी और बढ़ा दी गई। इसके बाद जब आरोपी रविवार को मुरादाबाद पहुंचा तो पुलिस ने उसे दबोच लिया और लखनऊ ले गई। 

कैसे करते थे जासूसी?

ज्योति मल्होत्रा: ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति पाकिस्तान के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट्स करती थी और सकारात्मक छवि वाले कंटेंट दिखाती थी। वह पाकिस्तान जाने के बाद वॉट्सएप और स्नैपचैट के जरिए जासूसी जानकारी भेजने लगी। 

नोमान इलाही: गार्ड के तौर पर काम कर रहा नोमान भारतीय सेना की गतिविधियों और ट्रेनों के आवागमन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजता था। 

अरमान: आरोपी ने भारत में सैन्य गतिविधियों और डिफेंस तैयारियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं, जिनमें फोटो, लोकेशन और संभावित कार्यक्रमों की जानकारी शामिल थी। यह जानकारी दुश्मन देश के लिए सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकती थी। 

देविंदर सिंह ढिल्लों: हनी ट्रैप में फंसने के बाद आरोपी ने पटियाला सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से खींचकर आईएसआई एजेंटों को भेजी थीं। 

मो. तारीफ: तारीफ व्हाट्सएप के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों और डिफेंस तैयारियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात दो कर्मचारियों को उपलब्ध करा रहा था। 

गजाला और यामीन मोहम्मद: गजाला उर्फ गजाला खातून भारतीय सेना के ट्रकों की आवाजाही, सेना के ठिकाने, और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तान तक भेजती थी। इसका साथी यामीन मोहम्मद भी शामिल था।

मोहम्मद रकीब: बठिंडा में सैन्य छावनी में रहने के दौरान सैन्य सूचनाएं पाकिस्तान से जुड़े नंबरों पर भेजता था। उसके मोबाइल फोन से संदिग्ध सैन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

मुर्तजा अली: अली भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान भारतीय न्यूज चैनलों की एक विशेष एप्लिकेशन बनाकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारत की गोपनीय जानकारी मुहैया कराता था। इस एप्लिकेशन के जरिए वह भारतीय न्यूज चैनलों की सामग्री और देश के आंतरिक हालातों की खबरें पाकिस्तान भेज रहा था। इसके बदले में उसे पाकिस्तान से मोटी रकम मिलती थी। 

शहजाद: भारत में वह आईएसआई के एजेंट्स को रकम पहुंचाता था। साथ ही उन्हें सिम भी मुहैया कराए। उस पर जासूसी की ट्रेनिंग दिलाने के लिए कुछ लोगों को पाकिस्तान भेजने का भी आरोप है। वह पाकिस्तान के कई हैंडलर्स के संपर्क में था और भारत से काफी सामान की तस्करी करता था। 

एक ही उम्र वर्ग और एक-दूसरे से जुड़े हैं सभी जासूस
अभी तक हत्थे चढ़ने वाले सभी जासूसों की उम्र 30 से 35 से बीच है। इसके अतिरिक्त सभी जासूस एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात अस्तान-अ-रहीम उर्फ दानिश है। इसी दानिश को जासूसी के आरोप में 13 मई को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने देश छोड़ने के आदेश जारी किया था।

पाक की यात्रा करने की मंशा से हाई कमीशन जाने वाले युवाओं को दानिश ने जासूसी के दलदल पर धकेला और आईएसआई के इशारे पर युवाओं से सैन्य ठिकानों सहित अन्य स्थानों की तस्वीरें व जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने लगा था।

राष्ट्र को खतरा ही नहीं बल्कि देश में आईएसआई की गहरी पैठ दर्शाता
सूत्रों के मुताबिक जासूसों की करतूत सिर्फ सूचनाएं लीक करने तक सीमित नहीं मिली है, जबकि आईएसआई और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ गहरे ताल्लुक भी मिले हैं। 

इन भारतीय युवाओं को पाकिस्तान ट्रैवलिंग, पैसे के लेनदेन, पाक खुफिया विभाग के सदस्यों से लगातार संपर्क, उनसे फोन पर बातचीत और चैट के अतिरिक्त मामूली इनकम होने के बावजूद जासूसों का लग्जरी लाइफ-स्टाइल राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा ही नहीं बल्कि आईएसआई की भारत में गहरी पैठ उजागर करती है।

jyoti malhotra youtuber

बहुत शातिर है जासूस ज्योति: न खाई, न सोई, सवालों पर साधी रही चुप्पी

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा पुलिस कस्टडी में गुमसुम है। पुलिस उससे शनिवार से ही पूछताछ कर रही है, वहीं रविवार को रिमांड अवधि के पहले दिन नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (एनआईए) सहित कई अन्य जांच एजेंसियों ने उससे सिविल लाइन थाने में चार-पांच घंटे पूछताछ की, लेकिन अधिकतर सवालों पर चुप्पी साधे रही। अभी ऐसे कोई संकेत उसने नहीं दिए हैं, जिससे पता चल सके कि पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के साथ कोई गोपनीय दस्तावेज साझा किए हैं।

घुटने पकड़कर बैठी रही ज्योति
सिविल लाइन थाना पुलिस ने ज्योति को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। सेना की इंटेलिजेंस भी उससे सोमवार को पूछताछ कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि ज्योति चिंता में दिख रही है। पुलिस कस्टडी में वह घुटने पकड़कर बैठी रही। शनिवार रात में सोई नहीं और खाना भी अच्छे से नहीं खाया। रविवार को उससे चार-पांच घंटे अलग-अलग एजेंसियों ने बातचीत की। इसमें एनआईए भी शामिल है। 

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jyoti malhotra and Danish Pak High Commission Officer – फोटो : facebook

पाकिस्तान से मिलाने वाले खर्च पर बोली ज्योति
एजेंसियों ने पाकिस्तानी उच्चायोग में पार्टी में शामिल होना, पाकिस्तानी अधिकारी दानिश से संबंधों, उसके खर्चों की फंडिंग आदि के बारे में पूछताछ की, लेकिन इन सवालों पर वह कोई जवाब नहीं दे रही। हालांकि इतना जरूर बोली कि वह केवल अपने चैनल के लिए वीडियो बनाती है। यह उसका शौक है। पाकिस्तान जाने के लिए वीजा जरूरी था तो इसी सिलसिले में उच्चायोग गई। वहां दानिश से मुलाकात हुई। पाकिस्तान में ठहरने-घूमने के खर्चों का प्रबंध कौन करता था, इस सवाल पर कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग से प्रायोजित यात्रा के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को बुलाया जाता रहा है। 

Jyoti Malhotra sat silently on her knees kept silent on NIA questions

नहीं दिए इन सवालों के जवाब
गोपनीय जानकारियां साझा करने के सवाल पर वह कुछ नहीं बोली। वह पाकिस्तान कब-कब गई और वहां किन-किन लोगों से मिली थी। दानिश से उसकी जान पहचान कब और कैसे हुई, और कौन-कौन लोग हैं, जो पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में हैं। पाकिस्तान में वह और कितने लोगों को जानती है। इसी तरह के कई सवाल ज्योति से पूछे, लेकिन इनमें से अधिकतर के जवाब नहीं दिए। 

Jyoti Malhotra sat silently on her knees kept silent on NIA questions

नहीं आया कोई मिलने
सूत्र बताते हैं कि दिन में उसके घर से मिलने के लिए कोई नहीं आया। उसे खाना दिया, लेकिन अरुचि जताई। बता दें कि जासूसी के आरोप में पुलिस ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को शुक्रवार रात उसके न्यू अग्रसेन कॉलोनी एक्सटेंशन के घर से गिरफ्तार किया था। शनिवार को अदालत पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

पीएम मोदी बोले- नागरिकों के अनुकूल नया ओसीआई पोर्टल, डिजिटल शासन को बढ़ावा देने में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि बेहतर कार्यक्षमता वाला ओसीआई पोर्टल नागरिकों के अनुकूल डिजिटल शासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए ओसीआई पोर्टल को लॉन्च किया। इसमें ऐसा इंटरफेस है, जिससे भारतीय मूल के लोगों का पंजीकरण करना अब और आसान हो गया है।

अमित शाह की पोस्ट साझा को करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, बेहतर फीचर्स और कार्यक्षमता के साथ नया ओसीआई पोर्टल नागरिकों के अनुकूल डिजिटल शासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ओसीआई योजना की शुरुआत 2005 में की गई थी।

यह योजना उन सभी भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) को ओसीआई के रूप में पंजीकरण की अनुमति देती है, जो 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत के नागरिक हैं या उस दिन भारत के नागरिक बनने के पात्र हैं या उनके वंशज हैं। 

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा, आज नए ओसीआई पोर्टल का शुभारंभ किया गया, जिसमें आधुनिक यूजर इंटरफेस है, ताकि प्रवासी भारतीयों का पंजीकरण आसान हो सके। इसमें बेहतर कार्यक्षमता, मजबूत सुरक्षा और यूजर-फ्रेंडली अनुभव जैसे नए फीचर्स जोड़े गए हैं।  

उन्होंने यह भी बताया कि नया ओसीआई पोर्टल ociservices.gov.in/onlineOCI पर उपलब्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति, जिसके माता-पिता, दादा-दादी, या परदादा-परदादी पाकिस्तान, बांग्लादेश या किसी अन्य ऐसे देश के नागरिक रहे हों, जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक गजट में अधिसूचना के जरिए निर्दिष्ट करे, ओसीआई कार्डधारक के रूप में पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होगा।

इलाजरत मरीज और उनके परिजन

सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज के पैर की पांचों उंगलियां कुतर गए चूहे, NMCH में चूहों का आतंक

Bihar : एक समय चूहे शराब पीने की वजह से चर्चा में आये थे। ऐसी ही चर्चा आज फिर है। उस समय चूहे सिर्फ फाइल में दौड़ते थे, लेकिन वही चूहे आज बिहार के दूसरे बड़े अस्पताल में हड़कंप मचा रखा है। अस्पताल में भर्ती मरीज  की पांचों उँगलियों को ही कुतर दिया।

बिहार के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल में चूहों ने आतंक मचा रखा है। आतंक ऐसा कि अस्पताल में भर्ती मरीज का पैर कुतर दिया है। अब इस मामले पर हंगामा मचा है। मामला बिहार की राजधानी पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का है, जहां चूहों ने एक मरीज अवधेश कुमार के पैर की पांचों उंगलियों को कुतर दिया है। अब इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन खामोश है।

दरअसल बिहार के नालंदा जिला निवासी अवधेश कुमार इलाज कराने पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल आये थे, जहां हड्डी रोग विभाग में उनको भर्ती किया गया था। अवधेश कुमार डायबिटीज से पीड़ित हैं और उनका एक पैर पहले से ही नहीं है। साथ ही डायबीटिक न्यूरोपैथी के कारण अवधेश कुमार के दूसरे पैर में भी समस्या आ गई थी।. लगभग 20 दिन पूर्व उन्हें एनएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर ओमप्रकाश की यूनिट में भर्ती कराया गया था।  ऑपरेशन होने के बाद अवधेश कुमार हड्डी रोग विभाग के यूनिट 4 में बेड संख्या 55 पर भर्ती थे।

जस्टिस यशवंत वर्मा मामले पर उपराष्ट्रपति ने उठाए सवाल

एक पुस्तक विमोचन समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर विचार करने का समय आ गया है, जिसमें कहा गया था कि शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होगी।

राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जस्टिस यशवंत वर्मा नकदी मामले में न्यायपालिका पर फिर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, एक न्यायाधीश के आवास पर जली हुई नकदी मिली, पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। क्या हम कानून के शासन का पालन कर रहे हैं? न्यायपालिका को जांच से बाहर रखना, उसे निरीक्षण से दूर रखना, यह किसी संस्था को कमजोर करने का सबसे आसान तरीका है। हर संस्था को जवाबदेह और कानूनी प्रक्रिया के अधीन होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने जांच समिति पर भी उठाए सवाल 
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जस्टिस यशवंत वर्मा नकदी मामले में जांच के लिए गठित समिति पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को, जिनके क्षेत्र में दो राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश आते हैं, एक ऐसी जांच में लगाया गया, जिसका कोई सांविधानिक आधार या वैधानिक वैधता नहीं है।

द कॉन्सिट्यूशन वी अडॉप्टेड (विद आर्टवर्क) पुस्तक के विमोचन के अवसर पर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, यदि इस जांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, तो यह और भी गंभीर मुद्दा है। मामले की वैज्ञानिक आपराधिक जांच जरूरी थी। उन्होंने कहा, देश में जांच कार्यपालिका का कार्य है और न्यायिक निर्णय न्यायपालिका का क्षेत्र। एक न्यायाधीश को हटाने के लिए समिति केवल संसद सदस्यों के प्रस्ताव के जरिये लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति की ओर से ही गठित की जा सकती है। उपराष्ट्रपति ने पूछा, ऐसा क्यों हुआ कि इस मामले में आपराधिक न्याय प्रणाली को उस तरह से क्रियान्वित नहीं किया, जैसा हर दूसरे व्यक्ति के लिए किया जाना चाहिए था?

क्या है मामला?
कथित नकदी की बरामदगी 14 मार्च को रात करीब 11.35 बजे जस्टिस वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित आवास में आग लगने के बाद हुई थी।  22 मार्च को सीजेआई ने आरोपों की आंतरिक जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया  था और घटना में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की जांच रिपोर्ट अपलोड करने का फैसला किया। इसमें कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो शामिल थे। हालांकि, न्यायमूर्ति वर्मा ने आरोपों को खारिज कर दिया था और कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा स्टोररूम में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई।  

वीरास्वामी फैसले पर हो पुनर्विचार
धनखड़ ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के 1991 में आए के वीरास्वामी फैसले पर फिर से विचार करने का वक्त आ गया है, जिसमें कहा गया था कि शीर्ष अदालत व हाईकोर्ट के जजों पर मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति की जरूरत होगी। इस फैसले ने जवाबदेही और पारदर्शिता की हर कोशिश को निष्प्रभावी करते हुए, दंडमुक्ति का ढांचा खड़ा कर दिया। अब समय आ गया है कि इसमें बदलाव हो। मुझे भरोसा है कि मौजूदा सुप्रीम कोर्ट, जो प्रतिष्ठित, ईमानदार लोगों से बना है, यह बदलाव करेगा। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश ने बहुत कम समय में ऐसा भरोसा जगाया है, जिससे आम जनता को राहत महसूस हो रही है।  

सुप्रीम कोर्ट

भारत कोई धर्मशाला नहीं-सुप्रीम कोर्ट ने श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी की याचिका खारिज की, कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक श्रीलंकाई नागरिक द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जिसमें उसने अपनी सजा पूरी होने के बाद देश से निर्वासन को चुनौती दी थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत कोई ‘धर्मशाला’ नहीं है, जहां दुनिया भर के शरणार्थियों को शरण दी जा सके।

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि क्या भारत दुनिया भर के शरणार्थियों को शरण देने के लिए है? हम पहले से ही 140 करोड़ की आबादी से जूझ रहे हैं। यह कोई धर्मशाला नहीं है जहां हम हर जगह से आए विदेशी नागरिकों को जगह दें।

सुप्रीम कोर्ट मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें कहा गया था कि श्रीलंकाई तमिल नागरिक को यूएपीए मामले में सात की सजा पूरी होते ही भारत छोड़ देना चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ को बताया कि श्रीलंकाई तमिल युवक वीजा पर यहां आया था। उसे अपने देश में जान का खतरा है। वह बिना किसी निर्वासन प्रक्रिया के तीन साल से हिरासत में है। 

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता से वकील से पूछा कि यहां बसने का आपका क्या अधिकार है? तो वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता एक शरणार्थी और उसके पत्नी-बच्चे भारत में बस गए हैं। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि अनुच्छेद 21 का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। उसकी स्वतंत्रता छीनी गई थी। लेकिन अनुच्छेद 19 के अनुसार भारत में बसने का मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है।  जब वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपने देश में जान का खतरा है तो न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि किसी अन्य देश चले जाएं। 

यह है मामला
याचिकाकर्ता को 2015 में दो अन्य लोगों के साथ LTTE कार्यकर्ता होने के शक में गिरफ्तार किया गया था। उसे यूएपीए के तहत ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया और 10 साल की सजा सुनाई थी। मद्रास हाईकोर्ट ने उसकी सजा घटाकर तीन साल कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि सजा पूरी होने के बाद उसको देश छोड़ना होगा।  वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता 2009 में LTTE के पूर्व सदस्य के रूप में श्रीलंका में युद्ध लड़ चुका है और उसे वहां से निकाला गया है। अगर उसे वापस भेजा जाता है तो उसकी जान को खतरा होगा। उसने कहा कि उसकी पत्नी और बेटा कई बीमारियों से पीड़ित हैं। 

राशा थड़ानी

मां रवीना टंडन का गाना ‘टिप टिप बरसा पानी’ हुआ वायरल

: हाल ही में राशा थडानी ने ‘टिप टिप बरसा पानी’, ‘एक दो तीन’ और ‘उई अम्मा’ गाने पर बेहतरीन डांस किया है। इनके वीडियो वायरल हो गए हैं। अब इस पर उन्होंने रिएक्शन दिया है।राशा धड़ानी ने इन दिनों इंटरनेट पर बवाल मचा रखा है। 90 के दशक में जैसे उनकी मां रवीना टंडन ने तहलका मचा रखा था उसी तरह से वह भी इन दिनों सुर्खियों में हैं। राशा थडानी की पहली फिल्म ‘अजाद’ बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रभाव नहीं डाल सकी थी लेकिन उन्होंने अपने डांस से लोगों का दिल जीत लिया है। ‘उई अम्मा’ गाने पार उनका प्रदर्शन लोगों को खूब पसंद आ रहा है।

राशा ने डांस से लूटी महफिल
जी सिने अवार्ड 2025 में कई मशहूर सितारे पहुंचे। राशा थडानी ने यहां अपनी मां के गाने ‘टिप टिप बरसा पानी’ पर जबरदस्त डांस किया। इसके बाद उन्होंने माधुरी दीक्षित के गाने ‘एक दो तीन’ गाने पर डांस करके महफिल लूट ली। आखिर में उन्होंने ‘उई अम्मा’ गाने पर डांस किया। राशा थडानी के ये डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। यूजर इन पर खूब रिएक्शन दे रहे हैं। इससे राशा थडानी काफी खुश हैं। उन्होंने इसे अपनी इंस्टा स्टोरी पर शेयर किया है। 

‘टिप टिप बरसा पानी’ गाने के बारे में


आपको बता दें कि ‘टिप टिप बरसा पानी’ साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोहरा’ का गाना है। इसमें रवीना टंडन और अक्षय कुमार ने अदाकारी की थी। गाने पर रवीना टंडन ने जबरदस्त डांस किया था। अब इस गाने पर राशा की डांस देखकर फैंस रवीना की तारीफ कर रहे हैं। फैंस रवीना की बेटी को काबिल बता रहे हैं और मां की परवरिश की तारीफ कर रहे हैं।

शर्मिला टैगोर के साथ सबा पटौदी

‘अरण्येर दिन रात्रि’ की स्क्रीनिंग के लिए कान पहुंची शर्मिला टैगोर, बेटी ने दिखाईं झलकियां

अभिनेत्री शर्मिला टैगोर अपनी बेटी के साथ कान पहुंची हैं।इन दिनों फ्रांस में कान फिल्म फेस्टिवल चल रहा है। यहां भारत समेत दुनियाभर के कलाकार पहुंच रहे हैं। ऐसे में दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर सोमवार को अपनी बेटी और आभूषण डिजाइनर सबा पटौदी के साथ फ्रांस के कान पहुंचीं। वह यहां सत्यजीत रे की 1970 की फिल्म ‘अरण्येर दिन रात्रि’ की स्क्रीनिंग के लिए पहुंची।

शेयर की शर्मिला की तस्वीरें
‘अरण्येर दिन रात्रि’ बंगाली भाषा की फिल्म है। अंग्रेजी में इसका नाम ‘डेज एंड नाइट्स इन द फॉरेस्ट’ है। आज क्लासिक्स सेक्शन के तहत इसे कान फिल्म फेस्टिवल 2025 में दिखाया गया। सबा पटौदी ने इंस्टाग्राम पर अपनी मां के साथ कई तस्वीरें शेयर कीं हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा ‘कान 2025! मां और मैं… संजोने लायक पल।’

Cannes 2025 Sharmila Tagore reached cannes with Daughter Saba Pataudi for Aranyer Din Ratri Screening

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शर्मिला टैगोर के साथ सबा पटौदी – फोटो : इंस्टाग्राम @sabapataudi

कान में ‘अरण्येर दिन रात्रि’ की स्क्रीनिंग
फिल्म ‘अरण्येर दिन रात्रि’ में शर्मिला टैगोर ने अभिनय किया है। वह सह-कलाकार सिमी गरेवाल, निर्माता पूर्णिमा दत्ता, मार्गरेट बोडे, द फिल्म फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक और एफएचएफ के संस्थापक शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर के साथ समारोह में स्क्रीनिंग में शामिल हुईं।

Cannes 2025 Sharmila Tagore reached cannes with Daughter Saba Pataudi for Aranyer Din Ratri Screening

फिल्ल की कहानी
फिल्म ‘अरण्येर दिन रात्रि’ अलगाव और आधुनिकता पर आधारित है। फिल्म में चार शहरी पुरुषों की कहानी दिखाई गई है। चारों छुट्टी के लिए पलामू के जंगलों में भाग जाते हैं। फिल्म का प्रीमियर हॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता वेस एंडरसन द्वारा प्रस्तुत किया गया। वह रे के प्रशंसक हैं।

Cannes 2025 Sharmila Tagore reached cannes with Daughter Saba Pataudi for Aranyer Din Ratri Screening

इन लोगों ने किया अभिनय
आपको बता दें फिल्म ‘अरण्येर दिन रात्रि’ सुनील गंगोपाध्याय के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित फिल्म है। फिल्म का निर्देश सत्यजीत रे ने किया है। फिल्म में शर्मिला टैगोर के अलावा सौमित्र चटर्जी, सुभेंदु चटर्जी, समित भांजा, रबी घोष, काबेरी बोस, अपर्णा सेन और सिमी गरेवाल ने अभिनय किया है।

Ramswaroop Mantri

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