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*बिहार में SIR अभियान पर घमासान:सड़क उतरे महागठबंधन के नेता…*

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चुनाव आयोग के फैसले का विरोध बिहार की राजधानी पटना में महागठबंधन का चक्काजाम आंदोलन पूरे उफान पर है। इनकम टैक्स गोलंबरदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक चुनाव आयोग मतदाता पुनरीक्षण अभियान वापस नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आरपीएफ और जीआरपी को तैनात किया है।

डाकबंगला चौराहा और सचिवालय के आसपास भारी भीड़ जुटी हुई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव आज पटना में रैली और मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। पप्पू यादव भी अपने समर्थकों के साथ सचिवालय हॉल्ट पर ट्रेन रोक कर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन को राजधानी के प्रमुख मार्गों और रेलवे स्टेशनों पर भारी बल तैनात करना पड़ा है। ट्रैफिक पूरी तरह बाधित है और लोग वैकल्पिक रास्तों से आने-जाने को मजबूर हैं। चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बिहार चुनाव से पहले EC की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR अभियान का विरोध बढ़ गया है। इसके खिलाफ आज बुधवार 9 जुलाई के महागठबंधन की ओर से राज्यव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है। चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल आरजेडी और कांग्रेस के साथ अवाम दल, वीआईपी पार्टी ही नहीं पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी सहित महागठबंधन के सभी घटक दल शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी पटना पहुंचने वाले हैं। वहीं आरजेडी के तेजस्वी यादव के साथ मिलकर वे इनकम टैक्स गोलंबर से राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। जहानाबाद में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने रेल पटरी पर उतरकर ट्रेनों की आवाजाही बाधित कर दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह से ही पटना-गया रूट पर कई ट्रेनों को रोका गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने कहा कि उन्हें बिना सूचना के रेलवे स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।

प्रमुख घटनाक्रम

जहानाबाद-दरभंगा रेल मार्ग पर ट्रेनें रोकी गईं, कई रूट प्रभावित।
सड़क मार्गों पर जाम, NH-30, NH-31 सहित प्रमुख हाईवे पर प्रदर्शनकारियों की भीड़।

राजनीतिक दलों की भागीदारी

राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
कांग्रेस
वाम दल
वीआईपी पार्टी
जन अधिकार पार्टी (पप्पू यादव)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पटना पहुंचने वाले हैं। तेजस्वी यादव के साथ मिलकर इनकम टैक्स गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक मार्च करेंगे।

SIR अभियान को लेकर आरोप
महागठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने का प्रयास कर रहा है।
यह अभियान एकतरफा और पक्षपातपूर्ण है। यह जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी कदम है। जिससे खास वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन का आम जनजीवन पर असर

कई जगहों पर दुकानें बंद, स्कूल-कॉलेजों में उपस्थिति प्रभावित
रेल और रोड ट्रैफिक बुरी तरह बाधित
पुलिस बलों की तैनाती बढ़ाई गई
राज्य के कई जिलों में धारा 144 लागू

जानें आखिर क्या है SIR अभियान?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग का एक विशेष अभियान है। जिसमें मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जाता है — मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं।

भोजपुर में आंदोलन उग्र हुआ

भोजपुर जिले के आरा स्टेशन पर कांग्रेस और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने मिलकर फरक्का एक्सप्रेस को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे-बैनर लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
रेल यातायात पर असर इतना अधिक रहा कि कई ट्रेनों का समय बदला गया और कुछ को आंशिक रूप से रद्द करना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं। आंदोलन के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की झड़प की भी खबर है।

हर जिले में दिखा असर

राज्य के लगभग सभी जिलों में चक्काजाम और बंद का असर देखा जा रहा है। मुजफ्फरपुर, सहरसा, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्णिया, गया और मधुबनी में भी महागठबंधन कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। बसें और ऑटो सेवा बाधित है, स्कूल-कॉलेजों में उपस्थिति कम रही। जगह-जगह दुकानों के शटर बंद रहे और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस ने किसी भी संभावित हिंसा को रोकने के लिए फ्लैग मार्च किया।

विपक्षी दलों की एकजुटता

इस विरोध प्रदर्शन में आरजेडी, कांग्रेस, वाम दलों के साथ-साथ इमारत-ए-शरिया, वीआईपी पार्टी और जन अधिकार पार्टी भी शामिल हैं। सभी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से दलित, अल्पसंख्यक और गरीब तबके के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। तेजस्वी यादव ने इसे संविधान विरोधी अभियान बताया और कहा कि बिहार की जनता अब चुप नहीं बैठेगी। बिहार में आज का चक्काजाम पूरी तरह सफल और व्यापक असर वाला दिखा। मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर उपजा यह विरोध अब राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बनता जा रहा है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती शांति बनाए रखना और जनजीवन सामान्य करना है।75

Ramswaroop Mantri

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