पटनाः बिहार में सत्ता की सियासत में परिवारवाद का खेल उजागर हुआ. प्रदेश की कई पार्टियों ने अपने सगे संबंधियों को ही चुनावी मैदान में उतारा है. लगभग हर जिले में किसी न किसी बड़े सियासी घराने के बेटे, बेटी, दामाद, बहू या पत्नी चुनावी अखाड़े में हैं. गायघाट से गया, रोहतास से औरंगाबाद और समस्तीपुर से लेकर मुजफ्फरपुर तक, टिकट बंटवारे में पारिवारिक समीकरण देखे जा सकते हैं.
बिहार के विधानसभा चुनाव में रिश्तेदारी की झलक नजर आ रही है. हर एक पार्टी के भीतर परिवारवाद की खिचड़ी पक रही है. कोई अपने बेटे-बहू को टिकट दे चुका है. तो कहीं, समधी, समधन तक चुनावी मैदान में उतारे गए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी, जेडीयू, राजद और रालोमो ने अपने परिवार वालों पर ही भरोसा जताया. किसी सांसद की पत्नी मैदान में हैं तो कहीं पूर्व मंत्री के बेटे को टिकट मिला. कहीं, दामाद से उम्मीदें हैं तो कहीं बहू और समधिन को प्रचारक बनाया. सारण के गरखा चिराग ने अपने भांजे सीमांत मृणाल को मैदान में उतारा है. जिससे साफ होता है कि बिहार की राजनीति में वंशवाद सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति बन चुकी है. नेताओं के घरों से निकली नई पीढ़ी अब अपनी सियासी पहचान गढ़ने को तैयार है.
हम पार्टी की सभी 4 सीटों पर रिश्तेदार
गया की दस सीटों में चार हमको मिलीं हैं. इन सभी पर जीतनराम मांझी ने परिवार या रिश्तेदारों को उतारा है. टिकारी से डॉ. अनिल कुमार और अतरी से उनके भतीजे रोमित कुमार उम्मीदवार हैं. बाराचट्टी से ज्योति देवी मांझी (समधिन) और इमामगंज से दीपा मांझी (पतोहु) मैदान में हैं. उधर, चेरिया बरियारपुर में जदयू ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेटे अभिषेक आनंद को टिकट दिया, जबकि राजद ने पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह के बेटे सुशील सिंह कुशवाहा को उतारा
जदयू प्रत्याशी कोमल की मां वीणा सांसद, पिता एमएलसी
कुढ़नी से राजद प्रत्याशी गायघाट से जदयू प्रत्याशी कोमल सिंह की मां वीणा देवी वैशाली से सांसद हैं. पिता जदयू के एमएलसी हैं. उनके अलावा सकरा में जदयू विधायक अशोक चौधरी के बेटे आदित्य कुमार चुनावी मैदान में हैं. मीनापुर से जदयू ने पूर्व मंत्री दिनेश प्रसाद सिंह के बेटे अजय कुशवाहा को टिकट दिया. कुढ़नी से बबलू कुशवाहा ससुर बसावन भगत (पूर्व मंत्री) की परंपरा आगे बढ़ा रहे हैं. साहेबगंज में राजद ने पूर्व मंत्री राम विचार राय के दामाद पृथ्वीनाथ राय को उम्मीदवार बनाया. बरूराज से वीआईपी के ई. राकेश राय चुनाव मैदान में हैं, पिता शशि राय पांच बार विधायक रह चुके हैं.
रोहतास में भी कुशवाहा-चौधरी परिवार मैदान में
सासाराम से स्नेहलता (उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी) रालोमो प्रत्याशी हैं. दिनारा से आलोक सिंह (मंत्री संतोष सिंह के भाई) मैदान में हैं। औरंगाबाद से गोपाल सिंह के पुत्र त्रिविक्रम नारायण सिंह भाजपा प्रत्याशी हैं. करगहर में संतोष मिश्रा (पूर्व मंत्री गिरीश नारायण के पुत्र) कांग्रेस के उम्मीदवार बनाए गए हैं. औरंगाबाद से भाजपा के त्रिविक्रम नारायण सिंह (गोपाल नारायण सिंह के पुत्र) प्रत्याशी हैं. नवीनगर से जदयू ने चेतन आनंद (आनंद मोहन और लवली आनंद के पुत्र) को मैदान में उतारा है.
तरारी-बक्सर इलाके में पांडेय परिवार का क्षेत्र में प्रभाव है. तरारी से भाजपा विधायक विशाल प्रशांत (पूर्व जदयू विधायक सुनील पांडेय के पुत्र) फिर मैदान में हैं. उनके चाचा हुलास पांडेय बक्सर की ब्रह्मपुर सीट से लोजपा (आर) के प्रत्याशी हैं. शाहपुर से राकेश रंजन (दिवंगत भाजपा उपाध्यक्ष विश्वेश्वर ओझा के पुत्र) भाजपा प्रत्याशी हैं. जगदीशपुर से राम विष्णु सिंह लोहिया के बेटे किशोर कुणाल को टिकट मिला है.





