इब्न ए आदम
नीतीश कुमार सिर्फ़ संघ से सीख रहे हैं ऐसा नहीं है , वो संघ ( भाजपा ) सरकारों को सिखा भी रहे हैं । अभी कुछ समय पहले बिहार में पुलिस के मालखाने से बड़ी मात्रा में शराब ग़ायब हो गयी थी , मालखाने में जमा माल के खाते का हिसाब रखना पड़ता है इसलिए नीतीश जी की पुलिस ने काग़ज़ों में दिखा दिया कि सारी शराब चूहे पी गए ।
अब यही समस्या बाबा जी की पुलिस के सामने आयी । एटा में मालखाने से 30 लाख रुपय क़ीमत की 1400 शराब की पेटियाँ ग़ायब हो गयी तो वहाँ के पुलिस अधिकारियों को नीतीश जी का मंत्र याद आ गया और उन्होंने भी रोज़नामचे में दर्ज कर दिया कि सारी शराब चूहे पी गए ।
जब बिहार के चूहे शराब पी सकते हैं तो उत्तर प्रदेश के भी पी सकते हैं लेकिन बस एक बात समझ नहीं आयी कि यह चूहे ख़ाली बोतल का क्या करते हैं ?? शराब पीकर ख़ाली बोतल क्यों नहीं छोड़ते ?




