अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

10 वें दिन भी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में जारी रहा धरना

Share

कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ कि 31 जुलाई को  बरषी मनाएंगे।गांव गांव से डूबप्रभावित संख्या में पंहुचेंगे। 8 फरवरी 2017 को सर्वाच्च अदालत के फैसले अनुसार 31 जुलाई तक सबका संपूर्ण पुनर्वास कर गांवो को खाली करना था। 
 *नर्मदा की पुकार…31 जुलाई मरण रेखा नहीं, जीवन रेखा|

आपको ज़रूर याद होगा की  सुप्रीम कोर्ट के 8 फरवरी 2017 के फैसले ने नर्मदा घाटी में सर्वप्रथम हलचल और फिर हाहाकार मचा दिया था | सत्याग्रह, अनशन, जेल सहित कई प्रकार के संघर्ष कार्यक्रमों ने कानून तथा अदालतों के फैसलों पर आधारित पुनर्वास बाकी होते हुए हज़ारों परिवारों को डुबोना या बलपूर्वक हटाना नामंज़ूर किया | घाटी की महिलायें ‘फूल नहीं चिंगारी’ बनकर संघर्ष में उतर आई | मध्य प्रदेश शासन ने करोड़ों रूपये खर्च कर अस्थायी पुनर्वास का जुमला खड़ा किया लेकिन एक भी परिवार इस जाल में फसा नहीं | आखिर शासन को 900 करोड़ के पैकेज घोषित करने पड़े | इस सब के बाद हज़ारों को भू-खंड मिले हैं और नए अनुदान राशि का आबंटन हुआ फिर भी पुनर्वास अधूरा हैं | पुनर्वास स्थलों पर पीने का पानी ब्यवस्था आज भी ठीक नही है।आज भी  करीबन हजारों की संख्या में डूब प्रभावितों का हक मिलना बाकी है। नर्मदा की पूरी पर्यावरणीय व्यवस्था बिगड़ गई है , नदी सूख रही है।फिर भी उसका खोया हुआ पानी, उसकी जलसंग्रहण में मदद रूप रेत, नोचना और नर्मदा घाटी के बाहर लेजाना जारी है और नर्मदा घाटी की खेती पर कॉर्पोरेट परियोजनाओं का हमला भी |

देश की कई नदियों की तरह इस नदी के आज के हालात तथा भविष्य खतरे में है | न डूब, न सूखा…. मानो सरदार सरोवर ही है धोखा |सर्वोच्च अदालत के फैसले में दी थी Deadline 31/7/2017 की, और राज्य सरकार को दी थी “सुप्रीम इजाज़त” गाँव गाँव के लाखों लोगों को हटाने की| 

 इस साल आज तक खाली हैं जलाशय |लेकिन क्या होगा नर्मदा का भविष्य, यह चिंता है आन्दोलन की| सवाल मात्र सरदार सरोवर का नहीं है,सवाल सभी बांधों का है , घाटी के सभी गाँवो का। आक्रोश है नर्मदा के साथ साथ खेती, रेती, पेड़, जंगल, संस्कृति, प्रकृति बचाने का!ऐलान है नदी बचाने का ! इसीलिए आप सस्नेह आमंत्रित हैं , नर्मदा घाटी में ! 
बालाराम यादव, मंशाराम अलावे, जितेंद्र मछुआरा,  गेंदालाल उच्वारे, कुँवरसिंह नारगावें, मोहन इसके, वाहिद मंसूरी, जगदीश पटेल,  डॉ विनोद यादव, डॉ महेश मालवीय,कमला यादव, सांवा मछुआरा,शोभाराम भाई, प्रताप भाई,  महेंद्र तोमर,पवन यादव, मुकेश भगोरिया।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें