धार. मध्य प्रदेश के धार सांसद छतर सिंह दरबार शनिवार को हंसी का पात्र बन गये. उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में दरबार आतंकवाद के मुद्दे पर बोल रहे थे. इस दौरान वे पाकिस्तान (Pakistan) को बार-बार अमेरिका (USA) बोलते रहे. इस बात का अहसास कराने के बावजूद उन्हें सही शब्द सुनाई नहीं दिया. वे अपनी ही धुन में बोलते चले गए. कार्यक्रम का आयोजन धार के शासकीय पीजी कालेज में किया गया था. यहां उज्ज्वला योजना के तहत एक हजार हितग्राहियों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिया जाना था.

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद थे. गौरतलब है कि सांसद छतरसिंह दरबार आए दिन किसी न किसी कारण सुर्खियों में रहते हैं. दो दिन पहले ही कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के एक कार्यक्रम में उन्होंने मनावर के बीएमओ जीएस चौहान को मंच से ही खरी-खोटी सुनाई थी, वो भी केवल इसलिए कि उनके आने से पहले ही कार्यक्रम शुरू करवा दिया गया था.
लोगों को संबोधित करते हुए सांसद दरबार ने कहा- ‘20 सैनिकों के सिर काटकर ले गए थे अमेरिका के आतंकवादी और अमेरिका की सेना. जबरदस्ती…जबरदस्ती आ कर. तत्कालीन प्रधानमंत्री, तत्कालीन सरकार ने कई शक्तिशाली देशों से आग्रह किया कि साब हमारे सिर वापस लौटवा दो, हमारी मदद करो. मदद करने की और सिर लौटाने की बात तो दूर रही, अमेरिका की मिलिट्री और आतंकवादियों ने हमारे सैनिकों के सिरों का फुटबॉल जैसा सुलूक किया. और वीडियो वायरल करके हमें जलील किया. अभी आपको याद होगा, हमारा वायुसेना का अधिकारी पकड़ा गया था अमेरिका में. अभिनंदन वहां फूल बरसाने नहीं गया था, अभिनंदन वहां मारने गया था. मिसाइल दागने गया था, तोप का गोला मारने गया था. पर किसी कारणवश वो पकड़ा गया. मैं वो देख रहा था मोदी जी ने उस वक्त क्या किया था. मैं हाउस में उपस्थित था. मोदी जी ने किसी के सामने गिड़गिड़ाए नहीं कि मेरे अभिनंदन को छुड़ाने में मदद करिए.’
बीएमओ पर उतारा गुस्सा
इससे पहले दरबार सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल टूटने पर सबके सामने बीएमओ पर भड़क गए. उनके आने से पहले ही तय कार्यक्रम शुरू किया जाना उन्हें अच्छा नहीं लगा. कार्यक्रम को शुरू देखकर BMO से बोले- मेरा इंतजार नहीं कर सकते थे. 10 मिनट ही तो देरी हुई है. उन्होंने कहा- ध्यान रखना था कि सांसद को बुलाया है. किसी विधायक या सरपंच वगैरह को नहीं बुलाया है. मैं सांसद हूं, समझ में नहीं आ रहा है.





