अग्नि आलोक
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 डॉलर 40 रुपये करने के दावे थे और कहां नरेंद्र मोदी काल में 42 प्रतिशत गिर गया है रुपया?

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया हर रोज गिरने के नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है और इस पर सियासी बेशर्मी यह कि इसे भी सही ठहराने की हास्यास्पद कोशिशें की जा रही हैं?
खबरों की मानें तो 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में आई थी, तब से लेकर अब तक डॉलर के मुकाबले रुपए में लगभग 42 प्रतिशत गिरावट आ चुकी है!भारतीय करेंसी रुपए की वैल्यू डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रही है, खबर है कि…. डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 15 पैसे की गिरावट के साथ 82.32 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ, लेकिन…. इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, जरूरत इस बात की है कि जनता आत्मनिर्भर होकर विदेश जाए, डॉलर कमाए और 1 डॉलर के 82 रुपए पाए?
डॉलर-रुपए के अच्छे दिन लंबे समय से चल रहे हैं, लिहाजा इस पर लगातार डॉलरनामा भी लिखा जा रहा है?

डॉलर के मुकाबले रुपए का गिरना जारी है और रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर है, लेकिन अब यह कोई खास खबर नहीं है, वजह?
रुपया तेजी से गिरना शुरू हुआ है, इसके बावजूद मोदी सरकार ने कोई खास सक्रियता नहीं दिखाई है!

खबर है कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और आगे भी सख्त रुख बनाए रखने के स्पष्ट संकेत से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिसके चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 80.79 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ?
में लिखा था…. वैसे तो मोदी-राज में गैस, पेट्रोल आदि के रेट को लेकर बाबा रामदेव के सारे दावे ढेर हो गए हैं, लेकिन…. बाबा रामदेव का एक दावा दमदार निकला? डॉलर 80 रुपए के पार निकला!
वर्ष 2018 में आजतक के हल्ला बोल कार्यक्रम में बाबा रामदेव का कहना था- सिर्फ रुपया ही नहीं गिरा, देश की साख भी गिरी!
तब, बाबा का कहना था कि विदेशी कंपनियां भारत में पैसा कमाकर सारा धन अपने देश ले जाती है, यही हाल रहा तो जल्दी ही एक डॉलर की कीमत 80 रुपये के बराबर भी हो जाएगी?  


आजतक के हल्ला बोल कार्यक्रम में बाबा रामदेव का कहना था कि- कोलगेट जैसी कंपनियां यहां कमाकर सारा धन अपने देश ले जाती हैं. कोलगेट ने देश में कौन-सी गौशाला, विद्यालय, अस्पताल खोल दिए हैं? आज वो पूछ रहे हैं कि आपके टूथपेस्ट में नमक है? आज उन्हें नमक, नीम और बबूल याद आ रहा है? अपने देश का रुपये अपने देश में होना चाहिए, और अब तो रुपये का इतना बुरा हाल हो गया है कि रुपया ही नहीं गिरा, देश की साख भी गिरी है!
बाबा ने कहा कि- आज डॉलर के सामने रुपये की कीमत 70 हो गई है. हो सकता है कि कल 80 रुपये देकर हमें एक डॉलर खरीदना पड़े?
सियासी सयानों का मानना है कि जनता दाल के बढ़ते भाव को लेकर भी कुछ खास प्रभावित नहीं हो रही है, जो रोज खरीदनी पड़ती है, तो डॉलर से तो दूर-दूर तक लेना देना नहीं है, डॉलर को लेकर काहे परेशान होना?
में लिखा था…. रुपए का नाम बदल कर पैसा कर दो, डॉलर की आर्थिक औकात केवल अस्सी पैसा रह जाएगी?
जी हां! पैसे की ताकत तुम क्या जानो डॉलर बाबू, एक-एक पैसा, रुपए का फाइनेंशियल बॉडीगार्ड बना हुआ है?
पल-पल इंडिया (16/7/2022) में- डॉलर को बैन करो, रुपया ही नहीं गिरा, साहेब की प्रतिष्ठा भी गिर पड़ी है?
जिस तरह से कोई स्टूडेंट किसी सब्जेक्ट में फेल हो जाए, तो वह अपनी बात नहीं करता, दूसरे स्टूडेंट्स के नंबर गिनाने लगता है, देखा…. इसके कितने कम नंबर आए हैं, उसके कितने कम नंबर आए है?
कुछ इसी तरह से गोदी मीडिया की खबरें आ रही हैं…. भारतीय रुपया आजकल सबसे बुरे दौर को देख रहा है, डॉलर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक रूप से सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन अगर 2022 की शुरुआत से अब तक के हालात को देखें तो डॉलर ने न केवल रुपये को ही रुलाया है, वरन यूरोप से लेकर अमेरिकी महाद्वीप की कई बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को भी झटका दिया है, जिसमें यूरो से लेकर ब्रिटिश पौंड और जापानी येन भी शामिल है!

सियासी सयानों का मानना हैे कि जिस तरह से कई शब्दों को बैन किया गया हैे, वैसे ही भारत में डॉलर को भी बैन कर दिया जाए…. न रहेगा डॉलर, न लगेगा डामर?
–  कमाल है! अभी तक किसी ने यह तर्क नहीं दिया कि- नेहरू ने रुपया गोल बनाया इसलिए लुढ़कता जा रहा है?
डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़कता जा रहा है, लेकिन कमाल है! अभी तक किसी ने यह तर्क नहीं दिया कि- नेेहरू ने रुपया गोल बनाया इसलिए लुढ़कता जा रहा हैे?  
साहेब ईमानदार हैं! सड़क पर गिरा हुआ रुपया भी कभी नहीं उठाते हैं?
इन दिनों रुपया गिरने की खबरें लगातार आ रही है, यह आती रहेंगी, क्योंकि…. साहेब ईमानदार हैं! सड़क पर गिरा हुआ रुपया भी कभी नहीं उठाते हैं? तो…. अब काहे रुपया उठाएं?


बड़ा सवाल यह है कि जब हम डॉलर में कोई खरीददारी ही नहीं करते, तो डॉलर की चर्चा क्यों करें?
जब हम सोना खरीदने जाते हैं, तो क्या चर्चा करते हैं कि अमेरिका में सोना क्या भाव है?
फिर…. डॉलर की चर्चा क्यों?
और…. डॉलर की वेल्यू बढ़ने का फायदा भी है?
साहेब! 2014 में एक डालर दलाली मिलती थी, तो जेब में 65 रुपए आते थे, अब 78 रुपए आते हैं?

जब सारा विपक्ष डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने की चिंता कर रहा है, तो पीएम मोदी काहे चिंता करें? और…. चिंता करने से हो भी क्या जाएगा, जब मोदीजी गुजरात के सीएम थे तब बहुत चिंता की, क्या हुआ?
लिहाजा…. जाए बद्धा तेल लेवा जलसा कर!
खैर, डॉलर के मुकाबले रुपया क्या गिरा, लोग मोदीजी के पुराने वीडियो दिखा-दिखा कर मजे ले रहे हैं, लेकिन वे नादान नहीं जानते कि हर बदलाव एक मास्टर स्ट्रोक है?
भारत का मेहनती आदमी अमेरिका जाता है, खूब मेहनत करके कमाई करता है, लेकिन पहले देस में क्या भेज पाता था?
पहले एनआरआई परदेस में 1 डॉलर कमा कर देस में केवल 50 रुपए भेज पाता था, अब 77 रुपए भेज रहा है! यह भी तो देखो?
इतना ही नहीं, उसकी जेब में पैसा बचने भी लगा है, तभी तो जमकर पार्टी फंड में चंदा भी दे पा रहा है?
अब बोलो! डालर के मुकाबले रुपया गिरना अच्छा है कि खराब?
खबर है कि डॉलर के मुकाबले रुपया आज रिकॉर्ड निचले स्तरों पर आ गया है और इसने पहले के सारे निचले रिकार्ड तोड़कर नया ऑल टाइम लो लेवल बना लिया है, बधाई हो!
वैसे, रुपए की इज्जत रखने के लिए सरकार उससे भी ज्यादा तेजी से नीचे गिर रही है?
सियासी सयानों का मानना है कि कुछ समय बाद रुपया आत्मनिर्भर हो जाएगा, गिनकर नहीं, तोल कर लिया जाएगा और…. तब न गिरने की चर्चा होगी, न गिनने की टेंशन रहेगी?
पेट्रोल को तो तीस करें, डॉलर को चालीस!
ठग भी उन्नीस रह गए, बाबा हो गए बीस!!

Ramswaroop Mantri

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