क्यों न यह भी समझा जाय कि अडानी के बंदरगाह मुंद्रा से 21हजार करोड़ की 3 हजार किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी पर पर्दा डालने के लिए ही शाहरुख खान के बेटे के ड्रग प्रकरण को षड्यंत्रपूर्वक रचा हो।
असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे प्रकरण रच देने में माहिर है यह सरकार ।बहुत शातिर दिमाग लोग हैं इनके पास । ये एक तीर से केवल दो निशाने ही नहीं साधते ,कई निशानी साधते हैं ।
नम्बर एक – शाहरुख खान -मुसलमान
नम्बर दो – बालीवुड पहले से ही है निशाने पर ।
नम्बर तीन – गैर बीजेपी सरकार वाला राज्य – महाराष्ट्र
नम्बर चार – अपने खास मित्र अडानी को बचाना ।
सबसे महत्वपूर्ण जो भी ताकतें इस देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए अफीम युद्ध छेड़े हुए है उसकी उपेक्षा क्यों ?
करोड़ों ग्रेजुएट – अंडरग्रेजुएट और अशिक्षित युवा संगठित होकर रोजगार न मांगे ?या तो नशे के एडिक्ट होकर अपराध में लिप्त हो या बंधुवा मजदूर की तरह काम करें ।
उपरोक्त रिपोर्ट से अंदाज़ लगा सकते हैं कि कितना ड्रग्स बगैर पकड़ाए देश में आता होगा ?





