पुरी (उड़ीसा)
ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है। पिछले साल की ही तरह इस बार भी इसमें श्रद्धालुओं को शामिल होने की इजाजत नहीं है। सिर्फ मंदिर प्रबंधन से परिसर से जुड़े और प्रशासन के चुनिंदा लोग ही शामिल हुए हैं। जहां-जहां से यात्रा निकल रही हैं उन इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है, तकि इसमें भीड़ न जुटे। हालांकि, सभी लोग घर पर बैठकर रथ यात्रा देख सकेंगे।
उधर, गुजरात के अहमदाबाद में भी सुबह 7.10 बजे रथयात्रा निकाली गई, जो 10.51 बजे संपन्न हो गई। अहमदाबाद और पुरी दोनों ही जगह रथयात्रा में शामिल होने वालों से लेकर रथ खींचने वाले खलासियों की RT-PCR जांच कराई गई थी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही इन्हें यात्रा में शामिल होने की अनुमति मिली है। अहमदाबाद में जगन्नाथ रथ यात्रा का पूरा रूट करीब 13 किलोमीटर का था। आमतौर पर इस यात्रा को पूरा होने में 10 घंटे का वक्त लगता है, लेकिन इस बार भीड़ न होने से यह करीब 4 घंटे में पूरी हो गई।
गुजरात में सीएम विजय रूपाणी ने सोने की झाड़ू (पाहिंद विधि) लगाई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इन दिनों अहमदाबाद में हैं। उन्होंने मंगला आरती में परिवार के साथ हिस्सा लिया और भगवान जगन्नाथ की पूजा की। देखें, पुरी और अहमदाबाद में निकल रही रथयात्रा की फोटोज…

पुरी की रथ यात्रा में भगवान बलभद्र की प्रतिमा।

पुरी की रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा।

यह तस्वीर पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा की है। इस दौरान देवी सुभद्रा की प्रतिमा को ले जाते श्रद्धालु।

यह तस्वीर भी पुरी की रथ यात्रा की है। इसमें भगवान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ नजर आ रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण इस बार भी श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं है।

जगन्नाथ मंदिर परिसर पुरी (उड़ीसा)

भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का रथ। (पुरी की फोटो)

अहमदाबाद में भी जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली गई। इसमें मंगला आरती में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए।

अहमदाबाद जगन्नाथ मंदिर में गजराज से आशीर्वाद लेते हुए अमित शाह।

जिन-जिन इलाकों से रथयात्रा निकलनी है, वहां-वहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके चलते इस बार श्रद्धालु इसी तरह भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने को मजबूर हैं।





