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मोखा के बेटे समेत तीन और बने आरोपी: दो नकली रेमडेसिविर सिटी अस्पताल की दवा स्टोर्स से जब्त

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जबलपुर

नकली रेमडेसिविर मामले में एसआईटी ने मोखा के फरार चल रहे बेटे हरकरण सिंह मोखा समेत रीवा के सुनील मिश्रा और राकेश शर्मा को भी आरोपी बनाया है। अब तक मामले में मोखा दंपती समेत अब तक आठ आरोपी बनाए जा चुके हैं। वहीं, मोखा के पुल नंबर दो स्थित प्लाॅट से भी कुछ टूटी शीशियां और एक बिना रैपर की साबुत वायल जब्त हुए हैं। एसआईटी सरबजीत की चल-अचल संपत्तियां भी खंगालने में जुटी है।

जबलपुर एसआईटी द्वारा प्रकरण में गिरफ्तार देवेश चौरसिया को पांच दिन की रिमांड में लेकर पूछताछ के बाद बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। देवेश चौरसिया से हुई पूछताछ के बाद एसआईटी ने मामले में मोखा के बेटे समेत सुनील व राकेश के नाम एफआईआर में बढ़ाए। देवेश ही विजय नगर के साईं सेल्स के संचालक क्षितिज राय से सुनील व राकेश के नंबर लेकर मोखा को दिए थे। राकेश इंदौर का है।

क्षितिज के माध्यम से मिला था नकली सुनील व राकेश का नंबर
दरअसल, देवेश क्षितिज राय की दुकान पर 30 रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने गया था। उसने क्षितिज से और इंजेक्शन के बावत जानकारी मांगी थी। तब क्षितिज ने सुनील व राकेश के नंबर दिए थे। मोखा ने बाद में उक्त दोनाें के नंबर सपन जैन को दिया था। फिर सपन जैन दोनों से 500 इंजेक्शन लेकर मोखा को अम्बे ट्रैवल्स के माध्यम से पहुंचाया था।

देवेश के पास नहीं मिली फार्मा की डिग्री
सिटी अस्पताल में दवा स्टोर्स का संचालक देवेश चौरसिया के पास एसआईटी को फार्मा की कोई डिग्री नहीं मिली। देवेश ने बताया कि दो नकली इंजेक्शनहरकरण ने लिए थे। सपन की गिरफ्तारी के बाद वह डर गया था और दोनों इंजेक्शन उसने देवेश को रखने के लिए दे दिए थे। देवेश ने उक्त दोनों इंजेक्शन मेडिकल स्टोर्स के फस्ट-फ्लोर में छुपा दिए थे।

गवाह न पलटे, इस कारण 164 के दर्ज कराए जा रहे बयान
एसआईटी ने इस मामले में कई पीड़ितों के साथ ही क्षितिज के भी बयान दर्ज कराए हैं। वहीं सिटी अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री के पति सिद्धार्थ खत्री, सरबजीत मोखा के बंगले के दोनों नौकर पप्पू व दीपू और स्टोर्स में काम करने वाले शफीक के 164 का बयान दर्ज कराने वाली है।

एसआईटी सूत्रों के मुताबिक 164 का बयान मजिस्ट्रेट के सामने होता है का फायदा ये होता है कि बाद में गवाह बयान से नहीं पलट सकते हैं। 164 का बयान दर्ज कराने के बाद एसआईटी सभी गवाहों का 170 सीआरपीसी के तहत बाउंड ओवर भी कराएगी। इसमें बयान से पलटने पर कार्रवाई का प्रावधान शामिल है।

मोखा का मोबाइल नहीं मिला, दो जब्त
एसआईटी इस मामले में सोनिया और सरबजीत की पत्नी जसमीत कौर मोखा के एक-एक मोबाइल जब्त किए। जबकि मोखा के मोबाइल के बारे में पता नहीं चल पा रहा है। एसआईटी की टीम फरार चल रहे हरकरण के बारे में हर संभव पता लगाने में जुटी है। उसकी ससुराल दिल्ली में है। एक टीम वहां भी जा सकती है, जबकि शहर में उसके मददगारों के यहां भी पुलिस तलाश में जुटी है।

डाटा रिकवर करने पहुंचे भोपाल से सायबर एक्सपर्ट
सिटी अस्पताल के कम्प्यूटराइज्ड डाटा में काफी कुछ हेरफेर किया गया है। डाटा रिकवर करने के लिए भोपाल से एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई है। दो सदस्यीय टीम में एएसपी स्तर के एक अधिकारी हैं। कम्प्यूटर का हार्डवेयर जब्त कर टीम ले जाएगी। वहां डाटा रिकवर किया जाएगा। एसआईटी की जांच में यह एक अहम साक्ष्य साबित होगा।

एसआइटी सीज कराएगी बैंक अकाउंट
मोखा और उसके परिवार पर एसआईटी का शिकंजा कसता जा रहा है। उसके परिजनों के बैंक अकाउंट, अस्पताल, प्लाट सहित चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में लगी है। एसआईटी इसे सीज कर सकती है। नकली रेमडेसिविर मामले की जांच में जुटी एसआइटी को हर दिन नए प्रमाण मिल रहे हैं।

नकली इंजेक्शन की खरीद फरोख्त में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले रीवा निवासी सुनील मिश्रा लोगों के बीच स्वयं का नाम शिवेंद्र कुशवाहा बताता था। हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना के करीब 170 मरीजों को नकली इंजेक्शन लगाने की सूचना मिली है।

Ramswaroop Mantri

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