लखनऊ
लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम में कुछ लोगों ने कांग्रेस के स्टार प्रचारक कन्हैया कुमार और उनके समर्थकों पर केमिकल फेंका। अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये केमिकल क्या था? हालांकि इससे कन्हैया और उनके समर्थकों का कहना है कि इससे चेहरे और शरीर जलन महसूस हो रही है। केमिकल फेंकने वाले देवांश वाजपेयी को लोगों ने पकड़ लिया। उसने कहा कि कन्हैया देशद्रोही है। इसका प्रोग्राम लखनऊ में क्यों होना चाहिए। जो देश का नही, वो हमारा कैसे हो सकता है।
मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम था। लोग कन्हैया का इंतजार कर रहे थे। कार्यक्रम में कन्हैया देरी से पहुंचे। जैसे ही वो मंच की ओर बढ़े, कुछ युवकों के एक समूह ने उनके ऊपर लिक्विड फेंका। इससे अफरा तफरी मच गई। लोगों ने एक प्रदर्शनकारी देवांश वाजपेयी को मौके पर ही पकड़ लिया।
कांग्रेस का आरोप- ये काम एबीवीपी का
एक प्रदर्शनकारी देवांश वाजपेयी को मौके पर ही लोगों ने पकड़ लिया।
कांग्रेसियों का आरोप है कि ये काम एबीवीपी कार्यकर्ताओं का है। वो कांग्रेस के कार्यक्रम को नहीं होने देना चाहते। वे नहीं चाहते कि लोकतांत्रिक ढंग से कोई अपनी बात रखे। कन्हैया कहीं लोगों के बीच हीराे न बन जाए, इससे ये डरे हुए थे।
भाजपा का आरोप-सुनने वाले लोग नहीं थे, इसलिए ड्रामा
भाजपा का आरोप है कि कन्हैया के कार्यक्रम में कुर्सियां खाली थीं। इसलिए कांग्रेसियों ने खुद ही ये ड्रामा रचा, जिससे इज्जत बचे। पुलिस जांच कर रही है। ये कोई पहली बार नहीं, जब कन्हैया कुमार के आयोजन से विवाद जुड़ गया हो।
आइए आपको बताते हैं कि कब और कैसे कन्हैया विवाद में घिरते रहे हैं…
जेएनयू प्रकरण : 9 फरवरी 2016 को जेएनयू कैंपस में कुछ अज्ञात युवकों ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को मौत की सजा दिए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसमें कथित तौर पर भारत विरोधी नारे भी लगाए थे। इसी आरोप में तत्कालीन जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद को गिरफ्तार किया गया था।
कन्हैया के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने पास किया निंदा प्रस्ताव : पटना में दिसंबर 2020 में पार्टी के कार्यालय सचिव इंदु भूषण के साथ उन्होंने बदसलूकी की थी। आरोप था कि कन्हैया कुमार ने कार्यालय सचिव के साथ मारपीट की थी। इसके बाद हैदराबाद में सीपीआई की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया।
पटना AIIMS में डॉक्टरों से मारपीट : पटना एम्स के जूनियर डॉक्टरों ने दुर्व्यवहार के भी आरोप लगाए थे। कन्हैया AISF के बिहार प्रदेश के सचिव सुशील कुमार को एम्स में देखने गए थे। सुशील एम्स के ट्रामा इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थे। जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि कन्हैया के साथ करीब डेढ़ दर्जन समर्थक थे। गार्ड से धक्का मुक्की की। आरोप लगा कि कन्हैया के समर्थक जूनियर डॉक्टरों के साथ भी धक्का-मुक्की करने लगे थे।
दुर्गा पूजा पंडाल में मारपीट : बेगूसराय के भगवानपुर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों से मारपीट कर ली। पूजा समिति के दो कार्यकर्ताओं के सिर फट गए। उग्र लोगों ने कन्हैया के काफिले में शामिल आधा दर्जन वाहनों के शीशे तोड़ दिए थे।





