गुना
सीएसपी नेहा पच्चीसिया का तबादला रुकवाने के लिए पहली बार लोगों में एक जुनून सा दिखाई दे रहा है। गांव, मोहल्ले एवं काॅलोनियों से लोग सीएम हेल्पलाइन पर ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगा रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि वह एक अच्छी अधिकारी हैं। हमेशा गरीबों की मदद के लिए तैयार रहती हैं। इसलिए तबादला रोका जाए। एक ने तो सीएम हेल्पलाइन में तो यह भी कहा है कि वीडियो कांफ्रेंस में सीएसपी का नाम नहीं लिया था, लेकिन उनका तबादला गलती से हो गया है इसलिए निरस्त करने की मांग उठाई।
इस तरह की शिकायतें लगातार सीएम हेल्पलाइन पर हो रही हैं, कुछ शिकायतें तो दर्ज कर ली गई और उसके निराकरण का भी भरोसा दिला दिया गया। जब लगातार एक ही प्रकार की शिकायतें पहुंची तो भोपाल में सीएम हेल्पलाइन के कॉल सेंटर के कर्मचारियों ने अब यह कहना शुरू कर दिया है कि तबादला, नियुक्ति संबंधित शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी।
40 से ज्यादा शिकायतें तीन दिन में पहुंच गईं
दैनिक भास्कर ऑफिस पहुंचकर कई लोगों ने सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायतों की जानकारी दी। उनका कहना था कि हमने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के निराकरण का भी आश्वासन दिया गया है। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि शिकायतें दर्ज नहीं की जा रही है, कहा जा रहा है कि तबादला, नियुक्ति संबंधित सुनवाई नहीं होती है।
ऐसा क्या हुआ: दरअसल सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने प्रभार संभालने के बाद से ही अलग ढंग से कार्य करना शुरु किया। इस वजह से वह चर्चित भी हुई लेकिन अपने ही अधिकारियों के निशाने पर भी आ गईं। उन्होंने अपने अनुभाग के थाने में महिला चलित थाना लगाया, मौके पर ही सुनवाई की तो थाने में मामले नहीं पहुंचें। कई सामाजिक कार्यक्रम में भी वह खुद कानून व्यवस्था देखने पहुंच जाती थीं। सामाजिक संगठन, विभिन्न समाज के लोगों से भी वह सीधी बात करती थीं, कोई कार्यक्रम, त्यौहार होता था तो पहले की बात कर लेती थी, उनसे कहती थी चिंता न करें पुलिस आपके साथ खड़ी है। इससे वह चर्चित बनी रही।
महिलाएं भी सीएसपी के बंगले पर पहुंच गईं
सीएसपी ने कई पारिवारिक विवाद भी सुझलाए, जैसे ही उनका तबादला हुआ तो उनके बंगले पर महिलाएं पहुंचने लगीं। उनका कहना था कि पहले पति परेशान करता था, आपके पास शिकायत की तो आपकी डांट के बाद से वह अच्छा रख रहे हैं। अगर आप चली गई तो वह फिर परेशान करने लगेगा।
क्यों रुकवाना चाहते हैं तबादला
गुना निवासी कृष्णपाल यादव का कहना है कि सीएसपी के पास लोगों की समस्या लेकर जब भी पहुंचे तो उन्होंने तत्काल संबंधित थाने में कॉल कर इसका निराकरण करवाया। अजय जैन का कहना है कि वह व्यापारी हैं, कोविड काल में जब भी हमे समस्या आई तो मेडम ने तत्काल आकर सुनवाई की। व्यापारियों को कोविड नियमों का पालन करवाया, जिससे संक्रमण की दर घटी। शिवम बाल्मीकि का कहना था कि थाने में जाने से डर लगता था, लेकिन एक झूठी शिकायत असामाजिक तत्वों ने उनकी कर दी। पुलिस परेशान करने लगी तो सीएसपी से मिला पुलिस का एक डर खत्म हो गया, उन्होंने बिठाकर बात की, और तत्काल पूरी मामले की सच्चाई पता की तो शिकायत झूठी निकली।





