अपूर्व भारद्वाज
आज राहुल गांधी वो ही कर रहे है जो कभी विवेकानंद से लेकर महात्मा गाँधी ,नेहरू,इंदिरा और राजीव गाँधी करते थे. राहुल गाँधी वैसे ही हिंदु की परिभाषा दे रहे है जैसे विवेकानंद शिकागो में दे चुके थे संघी लोग विवेकानंद को सिलेक्टिवली कोट करते आए है पर उन्हें नही पता इस देश का हर सच्चा हिंदू उसी सनातन धर्म को मानता है जो उसे हर धर्म और पंथ का सम्मान बिना डरे करना सिखाता है
कल ओंकारेश्वर में राहुल गाँधी जिस हिन्दू को डिकोड कर रहे थे वो वहीँ हिंदू है जो पिछले 8 सालों के फर्जी राष्ट्रवाद के गड़बड़झाले में अपनी असली पहचान खो चुका है इस देश का सबसे बड़ा असली हिंदू तो महात्मा गाँधी थे क्योकि वो कहते थे साम्प्रदायिकता का मुझ में लेश मात्र भी नहीं है, क्योंकि मेरा सनातन धर्म है। सनातन धर्म एक सागर है जिसमे सारे धर्म की नदिया आकर मिल जाती है और वो अपना अस्तित्व भी नही खोती है
सत्यम शिवम सुंदरम की व्याख्या पढ़ लीजिए आपको सनातन हिंदू धर्म समझ आ जाएगा आज जो लोग संघीयो के धर्म को हिंदू धर्म कह रहे है मुझे उससे बड़ा झूठ कोई नजर नही आता है राहुल तो उस बापू के भक्त है जिसका पूरा जीवन सत्य, अहिंसा और प्रेम में बीता है आज राहुल उसी बापू की और लौट रहे है जँहा से कांग्रेस शुरू हुई थी
आज देवासुर संग्राम जैसा समय है सागर मंथन में सुर हो या असुर, सबको अमृत चाहिए लेकिन कुछ राहुल जैसे शिव के साधक भी होते है जो सारा हलाहल पी जाते है राहुल भैया आप शिव के साथ है आप सत्य के साथ है और आप मन से बहुत सुंदर है
सत्यम शिवम सुंदरम