भोपाल|
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ने आदिवासियों के हितों के लिए तय करीब तीन अरब की राशि को दूसरी मद में बदलकर उसका अधिकांश हिस्सा कर्मचारियों के वेतन में खर्च कर दिया गया है। उन्होंने इस मामले को लेकर राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मिलकर शिकायत भी की है। अपनी शिकायत में उन्होंने राज्यपाल से कहा है कि राज्य सरकार की सिंविधान के अनुच्छेद 46 का उल्लंघन कर नीति आयोग (तत्कालीन योजना आयोग) के दिशा निर्देशों के विरुद्ध लगातार आदिवासी उप
योजना बजटकी राशि डायवर्टकी गई है।
ने बताया किविधायक डोडियार आरोप, ने लगाए राज्यपाल से की मिलकर शिकायतभारतीय संविधान केअनुच्छेद 46 के तहत आदिवासियोंकी शिक्षा और आर्थिक हितों कोबढ़ावा देने की व्यवस्था हैं, ताकिसदियों से वंचित वर्ग का गति के साथ सर्वांगीण विकास हो सके।अनुच्छेद 46 लागू करने के संबंधमें सन् 1974 अर्थात् ग्याहरवींपंचवर्षीय योजना में आदिवासी उपयोजना शुरू की गई। आदिवासियोंका विकास करने के साथ जनजातिएवं अन्य वर्गों के बीच की खाई पाटने के उद्देश्य के साथ उप योजना शुरू की गई। उप योजना के तहत आदिवासी विकास में मानव संसाधन विकास, जीवन स्तर में सुधार, गरीबी और बेरोजगारी में कमी, अधिकारों-अवसरों को प्राप्त करने की क्षमता में वृद्धि को शामिल किया गया था। डोडियार ने बताया चार माह पूर्व दो अरब रुपए किए डायवर्ट डोडियार ने शिकायत में स्पष्ट किया कि करीब चार माह पूर्व आदिवासी उप योजना की राशि 207 करोड रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने डायवर्ट कर ली। इतना ही नहीं हाल ही में गौशाला और मंदिर निर्माण के लिए आदिवासी उप योजना के 96 करोड रुपए फिर डायवर्ट कर लिए हैं। अनुच्छेद 46 की मूल भावना अनुरूप आदिवासियों की शैक्षणिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए उप योजना के उद्देश्य के विपरीत सामान्य योजना में दोनों बार कुल मिलाकर 303 करोड रुपए असंवैधानिक तरीके से डायवर्ट किए गए हैं।
कि संविधान के अनुच्छेद 46 को लागू करने के लिए भारत सरकार द्वारा 1974 में आदिवासी उप योजना शुरू करने हेतु भारतीय योजना आयोग ने उप योजना बजट राशि उपयोग के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे। जिसमें बहुत स्पष्ट है, कि किसी भी परिस्थिति में उप योजना राशि न तो लेप्स हो सकती है और न ही डायवर्ट की जा सकती है।
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
डोडियार ने राज्यपाल से मांग कि की शासन स्तर के संविधान प्रावधानित उपयोजना राशि को डायवर्ट करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए डायवर्ट की गई 303 करोड़ रुपए आदिवासी उप योजना में पुनः कर आदिवासियों के शैक्षणिक एवं आर्थिक हितों को बढ़ावा देने के लिएकाम कराए जाएं।





