-सुसंस्कृति परिहार
प्रतिपक्ष नेता का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।उसे शैडो प्राईम मिनिस्टर भी का विदेशों में दर्जा मिला हुआ है। वह देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है उसको सुरक्षित रखने का पूर्ण दायित्व सरकार का होता है।बड़ी विचित्र बात है कि यहां तो भाजपा सरकार का पूर्व विधायक किसी साज़िश के तहत् राहुल गांधी के अमेरिकी प्रवास पर की टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर सिख धर्म के खिलाफ बोलने और भारत के खिलाफ बोलने पर भाजपा का एक कथित राष्ट्रवादी राहुल गांधी को सरेआम दादी जैसे सीने पर गोली मारने की धमकी दे रहा और भाजपा चुप है।उसकी पुलिस चुप है।रुष्ट कांग्रेस इस विधायक के खिलाफ एफआईआर कराएगी।
सब जानते हैं इससे शायद ही इस पूर्व विधायक पर कार्रवाई हो।इस घटना से भी राहुल गांधी को भयातुर करने का भाजपा का ये दूसरा षड्यंत्र है।इससे पहले बिहार में जैश मोहम्मद के आतंकियों से डराकर वोटर अधिकार यात्रा में विघ्न डाला गया था।स्मरण कीजिए जब राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा प्रारम्भ की थी तब भी उन्हें दिल्ली में कोरोना की वापसी से डराने की कवायद हुई थी। इसी यात्रा के दौरान इंदौर में उन्हें बम से उड़ाने की धमकी का पत्र मिला था। उन्हें लारेंस विश्नोई गैंग से भी धमकी दी गई।
लेकिन निडर राहुल गांधी ने भारत जोड़ो और भारत जोड़ो न्याय यात्रा पूरी की।
इन दो लंबी यात्राओं ने भाजपा की नींद हराम कर दी है। क्योंकि इससे एक तो वे पूरे देश जन नायक मान लिए गए दूसरे राहुल ने विविधता से भरे देश की समस्याओं को नज़दीक से समझा। भाजपाई नफ़रत की देश में जो आंधी बह रही थी उसे मोहब्बत की दूकान चलाकर भाईचारा मज़बूत किया लोगों में सद्भाव का आलोक फैलाया।
एक सफल प्रतिपक्ष की भूमिका का निर्वहन वे कर रहे हैं कोरोना से खबरदार करने वाले राहुल ही थे।यदि भारत-सरकार सतर्क हो जाती तो लाखों लोग मारे ना जाते।हाल ही में जिस 18%जीएसटी के ऐलान से भाजपा लहालोट है उसकी मांग और प्रारुप को राहुल गांधी ने तैयार किया था यदि सरकार ने तब मान लिया होता तो जनता आठ साल 22%टेक्स से बच जाती।दूरदर्शी राहुल ने जिस तरह वोट चोरी का मुद्दा प्रमाणिकता के साथ पेश किया।उससे चुनाव आयोग और सरकार का कच्चा चिट्ठा खुल गया है देश में चारों ओर स्वस्थ लोकतंत्र के लिए वोट चोर गद्दी छोड़ का शोर है। चुनाव आयोग के भी होश फाख्ता हैं।
हाल ही लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिस तरह देशद्रोही करार देकर जेल में डाला गया है उससे देश और समीपवर्ती राष्ट्रों में सरकार की तू तू हो रही है। इन सबसे जनता का ध्यान भटकाने के लिए अब एक सिख पूर्व विधायक को राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी दिलवाई गई है।
राहुल गांधी इतने कमज़ोर नहीं है कि वे धमकियों से डर जाएंगे।ज़रा सोचिए जैश मोहम्मद के आतंकियों को राहुल गांधी की वोटर यात्रा से क्या मतलब होगा जो उन्हें मारें। तमाम सिख समुदाय पुरानी घटना का विस्मरण करते हुए आज राहुल गांधी के साथ है तब एक खरीदे गुलाम पूर्व विधायक से धमकी दिलाना भाजपा सरकार की नादानी को दर्शाता है।वे कब अमेरिका गए और आज ये झूठ बात फैलाने का ताल्लुक उनकी बढ़ती साख को देखते हुए गढ़ी गई साज़िश ही है। क्योंकि उस व्यक्ति को दिल्ली पुलिस ने अब तक गिरफ्तार नहीं किया है।
डरो मत को जीवन का आधार बनाकर देश सेवा के लिए प्रतिबद्ध राहुल ने अपनी राह खुद बनाई है।वे नेहरू, इंदिरा जी से इस तरह अलग है उन्होंने अपना बचपन घर में हुई दादी और पिता की हत्याओं के बीच से सृजित किया है। इसलिए वे मज़बूत हैं उन्हें भयभीत नहीं किया जा सकता उनके साथ इस वक्त देश की बड़ी जन शक्ति साथ है।
सवाल यह है कि महात्मा गांधी,इंदिरा गांधी और उनके पिता राजीव गांधी की हत्या किसी ने इस तरह की धमकी देकर नहीं की। राहुल को क्यों धमकियां दी जा रही है? यह उस सच बात को दर्शाता है कि ये सब राहुल के बढ़ते कद और कदम को रोकने का षड्यंत्र है पर राहुल रुकने वाले नहीं हैं।





