राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद अरशद मदनी के विवादित भाषण को लेकर अब मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कानूनी कार्रवाई की मांग उठी है। 29 नवंबर को भोपाल में दिए गए मदनी के भाषण को “भड़काऊ और राष्ट्रविरोधी” करार देते हुए, सिवनी निवासी देवेंद्र सेन ने डुंडासिवनी थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने मौलाना पर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का गंभीर आरोप लगाया है, और पुलिस प्रशासन से FIR दर्ज करने की मांग की है।
तरम’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पक्षपातपूर्ण बताना, और ‘उत्पीड़न होने पर जिहाद’ वाली टिप्पणी को आधार बनाकर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मौलाना मदनी के खिलाफ FIR की मांग
मौलाना महमूद अरशद मदनी द्वारा भोपाल में दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के खिलाफ अब मध्य प्रदेश के सिवनी में विरोध और कानूनी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। सिवनी निवासी देवेंद्र सेन ने थाना डुंडासिवनी में एक लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मौलाना मदनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता देवेंद्र सेन ने अपने युवा साथियों के साथ मिलकर शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता 2023 Bhartiya Nyaya Sanhita (BNS) की धारा 152, 196 और 353 के तहत मौलाना मदनी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सेन ने पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने की बात भी कही है।
शिकायत में कहा गया है कि मदनी के वक्तव्य न केवल देश की सामाजिक सद्भावना और धार्मिक सौहार्द को चोट पहुँचाते हैं, बल्कि उनका उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आमजन में अविश्वास फैलाना भी है।
साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश
शिकायत में मौलाना मदनी के भाषण के कई आपत्तिजनक बिंदुओं पर जोर दिया गया है। देवेन्द्र सेन के अनुसार, मदनी ने कथित तौर पर यह कहकर तनाव बढ़ाने की कोशिश की कि “भारत में मुसलमानों का दमन हो रहा है और बहुसंख्यक हिंदू समुदाय अत्याचार कर रहा है।” शिकायतकर्ता ने इसे बहुसंख्यक समुदाय को बदनाम करने और समाज को बाँटने की सुनियोजित कोशिश बताया है।
राष्ट्रीय गौरव का अपमान
आरोप लगाया कि मदनी ने वंदे मातरम के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए इसे मुसलमानों के लिए “मृत्यु समान” बताया। देवेंद्र सेन ने इस टिप्पणी को राष्ट्रीय गौरव का सीधा अपमान करार दिया है।

शिकायत पत्र में मौलाना मदनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज करने की मांग।
न्यायपालिका पर अविश्वास
मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों—जिनमें राम जन्मभूमि, ट्रिपल तलाक, काशी विश्वनाथ और कृष्ण जन्मभूमि से संबंधित निर्णय शामिल हैं—को पक्षपातपूर्ण बताकर न्यायपालिका की निष्पक्षता पर अनुचित टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह टिप्पणी आमजन में न्यायिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास फैलाने की गंभीर कोशिश है।
‘उत्पीड़न होगा तो जिहाद होगा’ पर सबसे गंभीर आरोप
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मौलाना मदनी के इस वक्तव्य को लेकर है कि “जहाँ भी उत्पीड़न होगा, वहाँ जिहाद होगा”। शिकायतकर्ता देवेंद्र सेन ने इस टिप्पणी को देश की सार्वभौमिकता, आंतरिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए एक सीधा खतरा बताया है।
तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग
देवेन्द्र सेन ने थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की है और कहा है कि वे पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देंगे। फिलहाल डुंडासिवनी थाना पुलिस ने शिकायत आवेदन प्राप्त कर लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।





