बॉलीवुड फिल्मों में गाने इसका अहम हिस्सा हैं. लेकिन आने वाली फिल्म केडी द डेविल के एक गाने पर जमकर बवाल मचा हुआ है और यह गाना है सरके चुनर तेरी सरके. गाना रिलीज होते ही यह विवादों में घिर गया है. गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आ रहे हैं. अब इस पर बॉलीवुड फिल्मों में गाने इसका अहम हिस्सा हैं. लेकिन आने वाली फिल्म केडी द डेविल के एक गाने पर जमकर बवाल मचा हुआ है और यह गाना है सरके चुनर तेरी सरके. गाना रिलीज होते ही यह विवादों में घिर गया है. गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आ रहे हैं. अब इस पर अश्लील होने के भी आरोप लग रहे हैं और कई हिंदू संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई है.
चंद्रशेखर तिवारी ने बैन लगाने की उठाई मांग
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि बॉलीवुड के सिंगर लेखक और कलाकारों को इस तरह के कंटेंट से बचना चाहिए, क्योंकि करोड़ों युवा इन्हें अपना रोल मॉडल मानते हैं. आखिर इस तरह की अश्लीलता फैलाकर यह क्या जताना चाहते हैं? मुझे तो लगता है कि यह लोग सस्ती लोकप्रियता के चलते इस तरह के कंटेंट लाते हैं. हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच इस तरह की अश्लीलता का पुरजोर विरोध करता है और मांग करता है कि यह गाना तत्काल बैन होना चाहिए. लग रहे हैं और कई हिंदू संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई है.

चंद्रशेखर तिवारी ने बैन लगाने की उठाई मांग
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि बॉलीवुड के सिंगर लेखक और कलाकारों को इस तरह के कंटेंट से बचना चाहिए, क्योंकि करोड़ों युवा इन्हें अपना रोल मॉडल मानते हैं. आखिर इस तरह की अश्लीलता फैलाकर यह क्या जताना चाहते हैं? मुझे तो लगता है कि यह लोग सस्ती लोकप्रियता के चलते इस तरह के कंटेंट लाते हैं. हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच इस तरह की अश्लीलता का पुरजोर विरोध करता है और मांग करता है कि यह गाना तत्काल बैन होना चाहिए.
महामंडलेश्वर शैलेशनंद बोले-युवा पीढ़ी को बिगाड़ने का कर रहे काम
उज्जैन के महामंडलेश्वर शैलेशनंद महाराज ने कहा कि नोरा फतेही के अश्लील गाने के ऊपर बैन लगना चाहिए. इस प्रकार के गाने लिखने वाले और गायन करने वालों के ऊपर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए. यह गाने हमारी युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जा रहे हैं और आने वाली पीढ़ी के ऊपर बुरा असर पढ़ता है. यह हमारे समाज को बिगाड़ने का काम करते हैं.
महामंडलेश्वर ज्ञान दास महाराज ने कहा कि आपकी ना भाषा मर्यादित है और ना शब्दों का संतुलन है. उन्होंने कहा कि फिल्म सेंसर बोर्ड ने इस तरह के गाने को अप्रूव किया है. उसे भंग कर देना चाहिए और एक नवीन बोर्ड की स्थापना करनी चाहिए.
मुस्लिम स्कॉलर ने कही ये बात
मुस्लिम स्कॉलर जमशेद आलम ने कहा कि आखिर इस तरह की अश्लील गाने भारत में क्यों बनाई जा रहे हैं? इसके अलावा तथा कथित संस्कृति को बचाने का दम भरने वाले लोग आखिर कहां हैं? इस तरह के कंटेंट देकर यह लोग आकर युवा पीढ़ी को क्या देना चाहते हैं. इस तरह के गाने तत्काल बंद होने चाहिए.
CBFC से हस्तक्षेप की मांग
मामले ने तूल तब पकड़ा, जब वकील Vineet Jindal ने Central Board of Film Certification (CBFC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में गाने पर तत्काल रोक लगाने और इसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की गई है. इसकी प्रति सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी भेजी गई है.
लगे अश्लीलता के आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गाने में अत्यधिक अश्लील और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही गाने के विजुअल्स और डांस मूव्स को भी आपत्तिजनक बताते हुए कहा गया है कि यह सार्वजनिक शालीनता को प्रभावित करते हैं, विशेषकर नाबालिगों पर इसका खराब असर पड़ सकता है. शिकायत में गीतकार Raqueeb Alam, निर्देशक Prem, संगीतकार Arjun Janya और गायिका Mangli का भी उल्लेख किया गया है.
कानूनी कार्रवाई की मांग
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294, POCSO Act और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है. साथ ही दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में भी इस मामले से जुड़ी एक अलग शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.






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