जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी लॉन्च पैड पर एयर स्ट्राइक की. भारतीय वायुसेना ने इन 9 जगहों पर सटीक मिसाइल हमले करते हुए आतंकियों के अड्डों को पूरी तरह से तबाह कर दिया. भारतीय वायुसेना की ओर से ये अटैक रात में करीब 1:30 बजे किए गए, जिसमें पीओके के पांच और पाकिस्तान के 4 आतंकी अड्डे शामिल है. भारतीय वायुसेना ने भारतीय हवाई क्षेत्र में रहते हुए बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिम्बर, चक अमरू, बाघ, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद में स्थित आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया.
Operation Sindoor में LMS का कमाल
भारतीय वायु सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में LMS का इस्तेमाल किया है. ये एक प्रकार का ड्रोन सिस्टम होता है, जिसमें एक साथ कई ड्रोन तैनात करने की क्षमता होती है. इसकी खासियत होती है कि ये टारगेट के आसपास मंडराता रहता है और सही समय आने पर आत्मघाती हमला करता है. LMS को बेहद ही कम समय में लॉन्च किया जा सकता है. इन्हें लाने ले जाने में भी आसानी होती है क्योंकि ये हल्के और पोर्टेबल होते हैं.
Operation Sindoor में स्क्रैल्प और हैमर मिसाइलों से अटैक
भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में अत्याधुनिक हथियारों, स्क्रैल्प क्रूज मिसाइलों से लैस राफेल जेट और LMS (Logistic Management System) ड्रोन का इस्तेमाल किया. जो अत्याधिक सटीकता के साथ टारगेट को तबाह करता है. भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमानों में स्कैल्प क्रूज मिसाइल और हैमर मिसाइल, दो ऐसी शक्तिशाली हथियार प्रणालियां हैं, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किया.
स्क्रैल्प क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल
स्कैल्प क्रूज मिसाइल को ब्रिटेन में स्टॉर्म शैडो के नाम से जाना जाता है. ये एक फ्रांसीसी-ब्रिटिश लंबी दूरी और कम दृश्यता वाली हवा से जमीन पर मार करने वाली क्रूज मिसाइल है. इसे यूरोपियन डिफेंस कंपनी एमबीडीए द्वारा बनाया गया है. ये क्रूज मिसाइल राफेल जेट का हिस्सा है. इसका इस्तेमाल Operation Sindoor में किया गया.
हैमर मिसाइल
हैमर मिसाइल, जिसे AASM (Armement Air-Sol Modulaire) के नाम से भी जाना जाता है. इसे फ्रांसीसी रक्षा कंपनी Safran द्वारा बनाया गया है. यह एक मध्यम दूरी और सटीक-निर्देशित हवा से जमीन पर मार करने वाली हथियार प्रणाली है. यह एक मॉड्यूलर हथियार है, जो सामान्य बमों को प्रणोदन किट और गाइडेड सिस्टम के साथ ही हाईटेक मिसाइल में बदल देता है.
राफेल का इस्तेमाल
अब आपको बताते हैं, उस राफेल फाइटर जेट की खासियत, जिसने भारतीय हवाई क्षेत्र में रहते हुए पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूद कर दिया. राफेल एक 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो अपनी उन्नत तकनीक और मारक क्षमता के लिए जाना जाता है. राफेल-एम 2202 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है. इसकी रेंज 3700 किलोमीटर है. यही वजह है कि राफेल फाइटर जेट लंबी दूरी के मिशन के लिए काफी मुफीद माना जाता है. राफेल-एम विमानवाहक पोतों से संचालित होने के लिए डिजाइन किया गया है, जो इसे समुद्री युद्ध में खतरनाक बनाता है.
वहीं पाकिस्तान के पास ज्यादातर चीनी फाइटर जेट JF-17, J-10 हैं. इसके साथ ही उनके पास F-16 फाइटर जेट हैं. ये फाइटर जेट भी राफेल की तुलना में काफी कमजोर है. दूसरी तरफ पाकिस्तान का HQ-9 वायु रक्षा सिस्टम भारत की S-400 प्रणाली और ब्रह्मोस मिसाइलों के सामने बहुत ही कमजोर साबित हुआ है.
इन हथियारों के अलावा एयर फोर्स ने Operation Sindoor में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, ड्रोन लॉन्च्ड माइक्रो म्यूनिशन्स और हेरॉन ड्रोन का इस्तेमाल किया है. जिसके जरिए आतंकी कमांडरों के ठिकानों को टारगेट करके उन्हें ध्वस्त किया गया. यह एयर स्ट्राइक बालाकोट जैसी ही थी, लेकिन इस बार इंडियन एयर फोर्स ने अत्याधुनिक और हाईटेक हथियारों के जरिए दुश्मनों के ठिकानों को तबाह किया.




