प्रदीप द्विवेदी. पीएम नरेन्द्र मोदी की परीक्षा पे चर्चा को लेकर अनेक प्रतिक्रियाएं आ रही है, लेकिन आईएएस रहे सूर्य प्रताप सिंह वाकई गौर करने लायक है, उन्होंने ट्वीट किया है- प्रधानमंत्री जी, आपको देश में करोड़ों लोग देखते और सुनते हैं. आज ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में आपने कहा ‘कठिन सवाल पहले हाल करें’, जो किसी भी प्रतियोगी छात्र के लिए आत्मघाती सलाह है.
सिंह का कहना है कि मैंने देश की तीनों सर्वोच्च परीक्षाएं आईएएस, आईपीएस और आईएफएस क्वालीफाई की हैं, अनुभव से कह रहा हूं.
उनका कहना है कि- मैं सभी छात्रों से पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से कहना चाहता हूं कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सबसे पहले उन्हीं प्रश्नों को हल करें जो सरल हों और जो आपको नर्वस ना करें. शुरू में ही मुश्किल सवालों में फंसना अक्सर छात्र का आत्मविश्वास गिरा देता है जो उसके लिए ठीक नहीं है.
सिंह का तो यह भी कहना है कि- प्रतियोगी परीक्षाओं का नया फॉर्मेट तो और भी तेज और अल्पावधि का होता है. ऐसे में आज ‘परीक्षा पर चर्चा’ में कहीं गयी प्रधानमंत्री जी की बात से मैं पूरी तरह असहमत हूं और मेरा सभी को निजी तौर पर यही सुझाव होगा कि सबसे पहले सवाल वही हल करें जो आपके अंक और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाए.
उनका मानना है कि- बेमतलब की चर्चा, बेहिसाब खर्चा, दो ही प्रयोग चल रहे हैं, देश में, परीक्षा पे चर्चा से ही पेट भर जायेगा, नौकरी का क्या करोगे?
एक करोड़, साल की तो पा ही रहे हो, 50 लाख महीने की यूपी में भी मिल रही हैं!
यकीनन, अन्य विरोधियों की टिप्पणियों को प्रायोजित विरोध मान कर नजरअंदाज कर भी दें, तब भी सूर्य प्रताप सिंह ने जो कुछ कहा है, उसे न तो नजरअंदाज किया जा सकता है और न ही नजरअंदाज किया जाना चाहिए!





