ज्योतिषीय सलाह को किसी भी घटना के लिए केवल एक भविष्यवाणी न समझकर ज्ञान और अनुभव पर आधारित एक राय या परामर्श समझना चाहिए, क्योंकि अंतिम निर्णय लेने का अधिकार और उत्तरदायित्व व्यक्ति का स्वयं का है। व्यक्ति जो भी निर्णय लेता है, उसी निर्णय के आधार पर उसका भाग्य बनता अथवा बिगड़ता है
ज्योतिषीय भविष्यवाणी और परामर्श में भेद जानना जरूरी है, ज्योतिषीय भविष्यवाणी कहती है, यह होगा, ज्योतिषीय परामर्श कहता है, ऐसा हो सकता है, यदि आप इस प्रकार कार्य-व्यवहार करें। इस सूक्ष्म अंतर से ही पता चलता है कि ज्योतिष नियति की मुहर नहीं है, संभावनाओं की खिड़की है। एक अच्छा ज्योतिषीय परामर्श व्यक्ति को यह सोचने पर प्रेरित करता है कि “अगर मैं सचमुच अपने कर्म और निर्णयों की ज़िम्मेदारी लूं, तो मैं अपने जीवन की दिशा बदल सकता हूं?” जब व्यक्ति एक सचेत निर्णयकर्ता बनता है, तो अपने कर्मों और चुनावों से जीवन की दिशा तय कर सकता है। जब भी कोई ज्योतिषी आपकी तरक्की की भविष्यवाणी करता है, तो उसकी सफलता में व्यक्ति के कर्म, योग्यता और योगदान की जरूरत रहती है। अगर व्यक्ति कर्म ही न करें, तो शुभ भविष्यवाणी पर प्रश्न चिन्ह लग जाता है, लेकिन अशुभ घटनाएं जीवन में अपने आप घटित हो जाती हैं।
जन्मकुंडली है व्यक्ति के मन का नक़्शा और समय का संकेत- बहुत से लोग सोचते हैं कि ज्योतिषी किसी जादुई दूरदर्शी की तरह बैठे होते हैं जो भविष्य देख लेते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि ज्योतिषी आपकी जन्मकुंडली के संकेतों को पढ़ते हैं, जो संभावनाएं, प्रवृत्तियां और समय की प्रकृति को दर्शाते हैं। जन्मकुंडली व्यक्ति के ग्रहों का नक़्शा और समय का संकेत है जो दिखाता है कि आपके जीवन में कौन-कौन से द्वार कब-कब खुल सकते हैं और आपको किन अनुभवों से गुजरने की संभावना है।
कौन-सा दरवाज़ा खोलना है, यह चुनाव व्यक्ति का स्वयं का होता है। यदि आप केवल यह जानना चाहते हैं कि “क्या होने वाला है?“, तो आप केवल परिस्थितियों पर निर्भर हैं। लेकिन यदि आप यह जानना चाहते हैं कि “मैं क्या कर सकता हूं?“, तो आप एक सचेत मनुष्य हैं और वहीं से ज्योतिष सार्थक हो जाता है। ज्योतिषी जातक को संकेत दे सकता है, संभावनाएं दिखा सकता है, शुभ और अशुभ समय की प्रवृत्तियों से अवगत करा सकता है, लेकिन व्यक्ति का निर्णय ही उसका भाग्य तय करता है। ज्योतिष विद्या सफलता के माप दण्ड के लिए व्यक्ति को स्वयं को बदलने का अवसर देता है क्योंकि ग्रह संकेत देते हैं, निर्णय व्यक्ति का रहता है।






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