अग्नि आलोक
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हम किसे धोखा दे रहे हैं*

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सोनी सोरी ने आदिवासियों के मानव अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी
पुलिस के एसपी ने उसे थाने में ले जाकर उसके गुप्तांगों में पत्थर भर दिये  
भारत के राष्ट्रपति ने उस एसपी को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया 
सोनी सोरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में पिछले 10 साल से फैसले के इंतजार में पड़ा हुआ है 
मनोरमा के साथ सेना के जवानों ने बलात्कार करके उसके गुप्तांगों को गोलियों से छलनी कर दिया था 
मामला आज भी अदालत में फैसले का इंतजार कर रहा है 
उड़ीसा की आरती माझी के साथ पुलिस वालों ने सामूहिक बलात्कार किया 
कोर्ट ने सभी पुलिस वालों को बरी कर दिया 
आरती माझी 3 साल जेल में पड़ी रही 
जब मैं यह मामले लिखता हूँ तो इन पीड़ित महिलाओं को गाली देने वाले पढ़े-लिखे शहरी अमीर मध्यम वर्गीय सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि औरतें भी सामने आ जाते हैं
सेना के सम्मान में पुलिस के सम्मान के नाम पर वे लोग इन पीड़ितों को देशद्रोही और नक्सली घोषित कर देते हैं 
जब सोनी सोरी के मुंह पर पुलिस ने तेजाब फेंक दिया था तो भाजपा की एक महिला नेता ने सोनी सोरी का मजाक उड़ाने के लिए कहा था कि बेस्ट मेकअप का अवार्ड सोनी सोरी को मिलना चाहिए
यह देश महिलाओं का विरोधी है गरीब विरोधी है दलित विरोधी है यह हर कमजोर का विरोधी समाज है
इस देश में बात बात में औरतों के गुप्तांगों को गाली के रूप में इस्तेमाल करते हैं 
यह देश हिंसा समर्थक है 
यह देश दूसरों को लूट कर खुद अमीर हो जाने का समर्थन करने वाला देश है 
यह देश जाति के आधार पर हिंसा और बलात्कारों का समर्थन करने वाला देश है
जो लोग इस देश का स्वभाव बदलना चाहते हैं वे मानवाधिकार कार्यकर्ता आज या तो जेलों में है या सरकार की हिट लिस्ट में है 
मानव अधिकार कार्यकर्ता सिर्फ इसीलिए जेलों में पड़े हैं क्योंकि उन्होंने सत्ता के द्वारा आदिवासी महिलाओं के साथ किए जाने वाले बलात्कारों और आदिवासियों के मानव अधिकार हनन के मामले उठाए थे
गुजरात में सैकड़ों महिलाओं के साथ बलात्कार करने वाले अपराधी आज भारत के सत्ता की चोटी पर बैठे हुए हैं
यह समाज मानव अधिकार, स्त्री-पुरुष की समानता, अमीर गरीब का मुद्दा जाति के आधार पर छोटा बड़ा होने का मुद्दा उठाने वालों से नफरत करता है
लोगों से जाति के आधार पर नफरत को हम धर्म और अपनी महान संस्कृति कहते हैं 
आदिवासी महिलाओं से बलात्कार और आदिवासियों की हत्या को हम विकास कहते हैं 
दंगों में हजारों अल्पसंख्यकों की हत्याओं को हम सबक सिखाना कहते हैं
और यह सब करने वालों को हम अपने सर पर बिठा कर नाच रहे हैं
आप कहते हैं कि आप बलात्कार समाप्त करना चाहते हैं ? 
हम किसे धोखा दे रहे हैं ?

Ramswaroop Mantri

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