वरिष्ठ वकील श्याम दीवान इन दिनों पश्चिम बंगाल के SIR मामले में पश्चिम बंगाल का पक्ष रखने को लेकर चर्चा में हैं. संवैधानिक और पर्यावरण कानून के विशेषज्ञ दीवान LAWASIA के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने आधार और धारा 377 जैसे ऐतिहासिक मामलों में अहम भूमिका निभाई है. कानूनी विरासत वाले परिवार से आने वाले दीवान अपनी सटीक दलीलों और निजता के अधिकार की कानूनी लड़ाई के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं.
सुप्रीम कोर्ट में आज पश्चिम बंगाल के ‘विशेष गहन संशोधन’ यानी SIR से जुड़े मामले में हाई-वोल्टेज सुनवाई हुई. ममता बनर्जी खुद कोर्ट रूम में मौजूद रहीं और लोकतंत्र बचाने की गुहार लगाई. उनकी ओर से दिग्गज वकील श्याम दीवान ने मोर्चा संभाला और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए. दीवान ने फ्रंटफुट पर रहते हुए सीजेआई सूर्यकांत की अदालत में दलीलें दी. इस दौरान अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में थे और कपिल सिब्बल ऑनलाइन जुड़कर सुनवाई का हिस्सा बने. सवाल उठता है कि आखिरी श्याम दीवान कौन हैं. चलिए हम आपको उनके बारे में विस्तार में बताते हैं.
कौन हैं श्याम दीवान?
श्याम दीवान सुप्रीम कोर्ट के एक प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. उन्हें संवैधानिक कानून, नागरिक मुकदमेबाजी, बैंकिंग और पर्यावरण कानून का विशेषज्ञ माना जाता है. वह वर्तमान में LAWASIA के अध्यक्ष और द बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.
पारिवारिक पृष्ठभूमि और बचपन
पिता: उनके पिता अनिल बी. दीवान देश के सबसे सम्मानित संविधान विशेषज्ञों और दिग्गज वकीलों में से एक थे.
माता: उनकी मां शारदा दीवान एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय की कुलपति रही थीं.
· पत्नी: उनकी पत्नी माधवी दीवान भी एक प्रख्यात वकील हैं और भारत की पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) रह चुकी हैं.
· विरासत: उनके परिवार में भारत के पहले अटॉर्नी जनरल मोतीलाल सी. सीतलवाड़ जैसे नामी कानूनविद शामिल रहे हैं.
शिक्षा और करियर
· पढ़ाई: उन्होंने मुंबई से अपनी शुरुआती कानूनी पढ़ाई की और बाद में बर्कले (यूएसए) से उच्च शिक्षा प्राप्त की.
· शुरुआत: उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बॉम्बे हाई कोर्ट से की थी. उनकी कानूनी समझ और मेधा को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने ही उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया था.
· सुप्रीम कोर्ट: बाद में वह दिल्ली शिफ्ट हो गए और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की. वह अपनी तेज समझ और न्यायाधीशों को प्रभावित करने वाली जोरदार दलीलों के लिए जाने जाते हैं.
प्रमुख केस और राजनीतिक इतिहास
श्याम दीवान किसी एक राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं लेकिन उन्होंने कई ऐतिहासिक मामलों में सरकार और व्यक्तियों के खिलाफ बड़े केस लड़े हैं:
1.आधार केस: उन्होंने आधार की अनिवार्यता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी और निजता के अधिकार (Privacy) को मौलिक अधिकार बनाने में अहम भूमिका निभाई.
2. समलैंगिकता: उन्होंने धारा 377 को हटाने और समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले नवतेज सिंह जौहर केस में पैरवी की थी.
3. पर्यावरण: वह ‘एनवायरनमेंटल लॉ एंड पॉलिसी इन इंडिया’ किताब के सह-लेखक भी हैं.
4. ममता बनर्जी (SIR केस): वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के खिलाफ ममता बनर्जी का पक्ष रख रहे हैं. कोर्ट में उन्होंने दलील दी कि चुनाव आयोग का यह कदम मतदाताओं के अधिकार छीनने वाला है.
श्याम दीवान से जुड़े 5 प्रमुख सवाल
श्याम दीवान को किन कानूनी विषयों का विशेषज्ञ माना जाता है?
श्याम दीवान को मुख्य रूप से संवैधानिक कानून (Constitutional Law), नागरिक मुकदमेबाजी, बैंकिंग और पर्यावरण कानून का विशेषज्ञ माना जाता है. वे जटिल कानूनी बारीकियों को सुलझाने के लिए देश के शीर्ष वकीलों में शुमार हैं.
निजता के अधिकार के ऐतिहासिक फैसले में श्याम दीवान की क्या भूमिका थी?
श्याम दीवान ने आधार कार्ड की अनिवार्यता को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रमुख पैरवी की थी. उनकी दलीलों ने ही ‘निजता के अधिकार’ को एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) के रूप में स्थापित करने की नींव रखी थी.
क्या श्याम दीवान ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी काम किया है?
हां, वे पर्यावरण कानून के बड़े पैरोकार हैं. उन्होंने आर्मिन रोसेनक्रान्ज़ के साथ मिलकर ‘Environmental Law and Policy in India’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी है, जिसे कानूनी हलकों में इस विषय पर सबसे प्रामाणिक स्रोत माना जाता है.
श्याम दीवान के करियर की शुरुआत कहां से हुई और उन्हें ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ कब नामित किया गया?
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बॉम्बे हाई कोर्ट से की थी. उनकी असाधारण प्रतिभा को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने ही उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) के रूप में नामित किया था, जिसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट में सक्रिय हुए.
वर्तमान में श्याम दीवान किन वैश्विक और राष्ट्रीय कानूनी संस्थाओं का नेतृत्व कर रहे हैं?
श्याम दीवान अंतरराष्ट्रीय संस्था LAWASIA के अध्यक्ष हैं और द बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. ये पद वैश्विक स्तर पर उनकी कानूनी साख को दर्शाते हैं.





