पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका बहुत कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी किसी भी स्थिति (सैन्य संघर्ष) के लिए तैयार है। मीडिया को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तुर्किये, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान की हालिया यात्रा का विवरण देने के लिए हुई प्रेस वार्ता में एक सवाल पर डार ने यह टिप्पणी की।
भारत के साथ नए सिरे से संघर्ष छिड़ने की आशंकाओं के सवाल पर डार ने कहा कि वह भविष्य का अंदाजा तो नहीं लगा सकते, लेकिन ऐसी किसी भी स्थिति की संभावना बहुत कम है। मंत्री ने कहा, संघर्ष-विराम बरकरार है और दोनों पक्षों ने सैनिकों की वापसी से जुड़े सभी कदमों पर अक्षरशः अमल किया है। लिहाजा, नए सिरे से संघर्ष होने की कोई आशंका नहीं है। डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बेताब नहीं है। पाकिस्तान एक समग्र वार्ता चाहता है, जिसमें आतंकवाद के साथ-साथ सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) समेत अन्य मुद्दे भी शामिल हों। डार ने दावा किया कि आईडब्ल्यूटी को स्थगित नहीं किया जा सकता।
पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश भी दोहराई
इशाक डार ने पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश दोहराई, जिसके कारण पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में सैन्य संघर्ष हुआ था। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को सराहा गया और उसके कूटनीतिक प्रयासों की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ की गई। मंत्री ने संघर्ष के दौरान और शांति बहाल करने में अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, ईरान तथा अन्य देशों की ओर से निभाई गई भूमिका की भी सराहना की। डार ने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “इन प्रयासों को उनकी स्पष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा हासिल हुई।
ईरान में लापता तीन भारतीयों को पुलिस ने खोजकर मुक्त कराया
ईरान में लापता हुए पुलिस ने तीन भारतीयों को ढूंढकर मुक्त कर दिया है। तेहरान स्थित तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा कि दक्षिण तेहरान के वरामिन में बंधक बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस ने तीनों नागरिकों को मुक्त कर दिया। तीनों भारतीयों के अपहरण की सूचना तेहरान पुलिस को 1 मई को दी गई थी। भारत में ईरानी दूतावास ने 29 मई को कहा था कि वह लापता हुए तीनों भारतीय नागरिकों को खोजने के लिए ईरानी सरकार के संपर्क में है। तीनों के नाम हुशनप्रीत सिंह (संगरूर), जसपाल सिंह (नवांशहर) और अमृतपाल सिंह (होशियारपुर) हैं।
परिजनों के अनुसार तीनों ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए 1 मई को ईरान में रुके थे। एक स्थानीय ट्रैवल कंपनी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में आकर्षक नौकरी दिलाने का वादा किया था। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तीनों नागरिकों को बंधकों के कब्जे से छुड़ा लिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के वाणिज्य दूतावास संबंधित न्यायिक अधिकारियों के साथ समन्वय करके मामले की जांच कर रही है।
कनाडा में गोलीबारी में एक की मौत, कई घायल
कनाडा के टोरंटो शहर में गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। वहीं पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। टोरंटो पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में एक पुरुष की मौत हुई है और पांच अन्य लोग घायल हैं। घायलों की हालत स्थिर है और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने 14 दहशतगर्दों को किया ढेर
पाकिस्तान ने दहशतगर्दों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए अफगान सीमा के नजदीक 14 दहशतगर्दों को ढेर कर दिया। खुफिया सूचना के आधार पर पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान इलाके में ऑपरेशन चलाया। पाकिस्तानी सेना ने बताया कि 2-3 जून की सुरक्षाबलों ने दत्ताखेल इलाके में ऑपरेशन चलाकर 14 दहशतगर्दों को मुठभेड़ में मार गिराया।
यूक्रेन की मदद के लिए इकट्ठा हुए 50 देश, अमेरिका ने बनाई दूरी
बुधवार को नाटो के करीब 50 देशों के वरिष्ठ अधिकारी यूक्रेन के समर्थन में बेल्जियम के ब्रूसेल्स में नाटो के मुख्यालय में इकट्ठा हुए। इस बैठक में यूक्रेन को सैन्य मदद देने का समर्थन किया गया। गौरतलब बात ये है कि अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन के प्रमुख इस बैठक से दूर रहे। तीन साल पहले अमेरिका द्वारा ही इस संगठन का गठन किया गया था और यह पहली बार है कि अमेरिका के अधिकारी इस बैठक में शामिल नहीं हुए। नाटो की इस बैठक की अध्यक्षता जर्मनी और ब्रिटेन ने की। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ब्रूसेल्स का दौरा करेंगे, लेकिन उनका यह दौरान नाटो की बैठक खत्म होने के बाद होगा। पीट हेगसेथ नाटो के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे।
2028 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने की योजना बना रहे हैं, बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। समाचार पोर्टल अधाधु ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि कर सकता है कि नशीद, जिन्होंने 19वीं संसद के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया, ने ‘मुख्य विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के कई वरिष्ठ सदस्यों को अपनी राय साझा करते हुए एक संदेश भेजा।’
समाचार पोर्टल के अनुसार, नशीद ने वरिष्ठ एमडीपी सदस्यों को संदेश भेजा कि ‘मैं राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर रहा हूं, आपको क्या लगता है? आप जो भी जवाब देंगे, उससे हमारे संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’ नशीद – जिन्हें अपने कार्यकाल के दौरान भारत-मालदीव के मजबूत संबंधों के निर्माता के रूप में जाना जाता है – वर्तमान में जलवायु संवेदनशील मंच (सीवीएफ) के महासचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं, जो 74 देशों की एक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी है जो ग्रह के गर्म होने के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
58 वर्षीय नशीद पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, एक अन्य भारत समर्थक नेता के साथ संघर्ष के कारण एमडीपी से अलग हो गए थे। जून 2023 में, नशीद ने एमडीपी से इस्तीफा दे दिया और डेमोक्रेट्स में शामिल हो गए, जो एक ऐसी पार्टी है जिसका गठन उनके वफादारों ने किया था। समाचार पोर्टल ने कहा, ‘यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं।’ वह 11 नवंबर, 2008 से 7 फरवरी, 2012 तक मालदीव के राष्ट्रपति थे।
आर-पार के मूड में मस्क, कहा- अब असली धमाके का समय
अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक रहे अरबपति उद्योगपति एलन मस्क अब उनकी नीतियों के मुखर आलोचक बन चुके हैं। बात यहां तक बढ़ गई है कि उन्होंने अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं को बंद करने का एलान कर दिया। इसी बीच ट्रंप को भी पत्रकारों के बीच लगातार इस मुद्दे पर बोलते देखा गया। दोनों के बीच यह तकरार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शुरू हुई।

मस्क ने जिक्र किया: क्या है एपस्टीन का मामला, 2019 में जेल में किया था सुसाइड
द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क जिस मामले का जिक्र कर रहे हैं, यह यौन अपराध के दोषी करार दिए गए फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़ा है। उन्होंने 2019 में मैनहट्टन जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड से पहले जेफरी ने कई शक्तिशाली लोगों के नाम का उल्लेख किया था। इन लोगों में ट्रंप के अलावा, प्रिंस एंड्रयू और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जैसी हस्तियां शामिल हैं। कई वर्षों तक यौन शोषण के मामले में एपस्टीन के मुकदमे से जुड़े अदालती दस्तावेजों में इन दिग्गजों के नाम का जिक्र है।
विवाद बढ़ने पर नवंबर, 2024 में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्हें एपस्टीन से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने में “कोई समस्या नहीं” होगी। एपस्टीन की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कुछ सांसदों ने इसकी मांग भी की थी। ट्रंप ने एपस्टीन के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था। हालांकि, अभी तक दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ट्रंप से तकरार के बीच टेस्ला के शेयर में भारी गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अरबपति एलन मस्क एक दूसरे से सीधे तौर पर टकरा रहे हैं। इसी बीच मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयर में भारी गिरावट की खबर है। द हिल की रिपोर्ट के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार बंद होते समय टेस्ला के शेयरों में 14.6 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।
मस्क ने स्पेसएक्स पर भी बड़ा फैसला लिया
अमेरिकी सरकार से सीधे तौर पर टकराव के बीच मस्क ने कहा, ‘मेरे सरकारी अनुबंधों को रद्द करने के राष्ट्रपति के बयान के मद्देनजर, स्पेसएक्स अपने ड्रैगन अंतरिक्ष यान को तुरंत बंद करना शुरू कर देगा।’
क्या हाफिज सईद को भारत को सौंप सकती है पाक सरकार?
आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तान सरकार की सिक्योरिटी में मजे से रह रहा है। ये खुलासा खुद हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद ने किया है। तल्हा ने कहा है कि हाफिज मोहम्मद सईद आराम से रहता है और उसको पूरा विश्वास है कि पाकिस्तान सरकार कभी भी उसे भारत को सौंपने जैसी बात नहीं सोचेगी। तल्हा ने एक इंटरव्यू ये तमाम बातें कही है। तल्हा बीते कुछ समय से लगातार पाकिस्तान के मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिख रहा है। माना जा रहा है कि हाफिज सईद के बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच तल्हा ने उसकी जगह ली है।
आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तान सरकार की सिक्योरिटी में मजे से रह रहा है। ये खुलासा खुद हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद ने किया है। तल्हा ने कहा है कि हाफिज मोहम्मद सईद आराम से रहता है और उसको पूरा विश्वास है कि पाकिस्तान सरकार कभी भी उसे भारत को सौंपने जैसी बात नहीं सोचेगी। तल्हा ने एक इंटरव्यू ये तमाम बातें कही है। तल्हा बीते कुछ समय से लगातार पाकिस्तान के मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिख रहा है। माना जा रहा है कि हाफिज सईद के बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच तल्हा ने उसकी जगह ली है।
तल्हा के इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप सामने आया है। इसमें तल्हा से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान सरकार दिल्ली की वर्षों पुरानी मांग को मानते हुए हाफिज सईद को भारत को सौंप सकती है। इस पर तल्हा ने कहा, ‘पाकिस्तान सरकार किसी भी सूरत में इस तरह का कदम नहीं उठा सकती है। पाकिस्तानी एजेंसियां और सरकार अच्छे से जानती हैं कि सईद के बारे में इंडिया के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। इंडिया ने लंबे समय से हफिज सईद के खिलाफ प्रोपेगैंडा किया है। पाकिस्तान की सरकार कभी भी सईद को भारत को सौंपने की नहीं सोच सकती है। ऐसे में ये सवाल ही बेइमानी है।’
हाफिज सईद पूरी तरह सुरक्षित
हाफिज सईद के स्वास्थ्य और जेल में होने को लेकर हालिया महीनों में कई तरह की बातें होती रही हैं। हाफिज सईद जेल में है या घर और क्या कर रहा है, इस सवाल पर तल्हा ने कहा, ‘हाफिज सईद पूरी तरह से महफूज हैं और उनकी सेहत भी ठीक है। आजकल वह कुरान की तफसीर (व्याख्या) लिख रहे हैं और इबादत में ही अपना ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। वो पूरे दिन बिजी रहते हैं और उनका एक शानदार शेड्यूल रहता है।’
पुतिन से बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा है कि यूक्रेन-रूस का युद्ध रोकने और शांति स्थापित करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाने से पहले इन दोनों देशों को कुछ समय तक लड़ने देना ज्यादा बेहतर होगा। ट्रंप ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान यूक्रेन में युद्ध की तुलना दो बच्चों के बीच लड़ाई से की, जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं और लड़ रहे हैं। बुधवार को ही ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ 75 मिनट की बातचीत की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा है कि यूक्रेन-रूस का युद्ध रोकने और शांति स्थापित करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाने से पहले इन दोनों देशों को कुछ समय तक लड़ने देना ज्यादा बेहतर होगा। ट्रंप ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान यूक्रेन में युद्ध की तुलना दो बच्चों के बीच लड़ाई से की, जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं और लड़ रहे हैं। बुधवार को ही ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ 75 मिनट की बातचीत की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘कभी-कभी किसी को कुछ देर तक लड़ने देना और फिर उन्हें अलग करना बेहतर होता है। रूस और यूक्रेन के मामले में भी ऐसा ही है।’ अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से ही ट्रंप की कोशिश यूक्रेन-रूस युद्ध रोकने की रही है। इसके लिए उन्होंने कई कदम भी उठाए लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो सकी है। युद्ध रोकने में नाकाम रहने के बाद अब उन्होंने रूस-यूक्रेन को लड़ते रहने देने की बात कही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत में इस बात को दोहराया था। ट्रंप ने प्रतिबंधों की धमकी को अभी भी बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि जब मैं देखूंगा कि युद्ध रुकने वाला नहीं है तो फिर हम बेहद कठोर रुख अपनाएंगे।
चांदी ने रच दिया इतिहास, उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी ने नया इतिहास रचा। चांदी की कीमत 2,000 रुपये बढ़कर 1,04,100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। सोने की कीमतों में भी उछाल आया, जो 430 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गया। जानकारों का कहना है कि औद्योगिक मांग और महंगाई से बचने के लिए निवेशकों के रुझान के कारण चांदी में तेजी आई है।
दिल्ली के सराफा बाजार में गुरुवार को चांदी ने इतिहास रच दिया। यह 2,000 रुपये बढ़कर 1,04,100 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में भी तेजी आई और यह 430 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गया। वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। जानकारों का कहना है कि औद्योगिक मांग और महंगाई से बचने के लिए निवेशकों के रुझान के कारण चांदी में यह उछाल आया है। वहीं, डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी कर्ज को लेकर चिंता के कारण सोने की कीमतें बढ़ी हैं।
सोना और चांदी लगातार चौथे दिन मजबूत बने रहे। स्थानीय बाजार में चांदी 2,000 रुपये बढ़कर 1,04,100 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। यह कीमत सभी टैक्स मिलाकर है।
चांदी में तेजी के पीछे क्या है कारण?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी ने कहा कि घरेलू बाजार में चांदी की कीमत नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इस तेजी को औद्योगिक मांग, महंगाई से बचाव और ग्लोबल सप्लाई में कमी से समर्थन मिला है। इसका मतलब है कि चांदी की मांग बढ़ रही है, लेकिन बाजार में चांदी की उपलब्धता कम है। इसलिए कीमतें बढ़ रही हैं। इससे पहले 19 मार्च को चांदी 1,03,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची थी।
अफगानिस्तान में पहली बार मिली मेड इन इंडिया मशीन गन
अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में तालिबान पुलिस ने पहली बार भारतीय में बना हथियार बरामद किया है। बरामद किया गया यह हथिार ‘पिका’ मशीन गन है। ये मशीन गन पाकिस्तान बॉर्डर के पास माता खान जिले में मिली है। पक्तिका में तालिबान पुलिस कमांड ने बताया कि उसके आतंकवाद निरोधक विभाग ने इसे जब्त किया है। तालिबान पुलिस का कहना है कि यह भारत में बना यह हथियार अवैध रूप से रखा गया था। फिलहाल ये नहीं बताया गया है कि ये किससे पास से मिला है।
अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में तालिबान पुलिस ने पहली बार भारतीय में बना हथियार बरामद किया है। बरामद किया गया यह हथिार ‘पिका’ मशीन गन है। ये मशीन गन पाकिस्तान बॉर्डर के पास माता खान जिले में मिली है। पक्तिका में तालिबान पुलिस कमांड ने बताया कि उसके आतंकवाद निरोधक विभाग ने इसे जब्त किया है। तालिबान पुलिस का कहना है कि यह भारत में बना यह हथियार अवैध रूप से रखा गया था। फिलहाल ये नहीं बताया गया है कि ये किससे पास से मिला है।
रेजोनेंट न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, पक्तिका के तालिबान सुरक्षा अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि हथियार का इस्तेमाल किस मकसद के लिए किया जा रहा था। तालिबान अधिकारियों के अनुसार, जिरुक जिले से कुछ समय पहले भी हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे। हालांकि तब यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि हथियार भारत में बने थे।
अफगानिस्तान में मिली ‘पिका’ मशीन गन (जिसे आधुनिक रूप में पुलेम्योत कलाश्निकोव या पीकेएम के रूप में जाना जाता है), भारत में लाइसेंस के तहत बनाई जाती है। पीके एक सोवियत-डिजाइन की गई बेल्ट-फेड सामान्य-उद्देश्य वाली मशीन गन है, जो 7.62×54mmR कारतूस के लिए बनी है।
भारत में इन हथियारों का उत्पादन स्थानीय रूप से आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) तिरुचिरापल्ली में किया जाता है। इनका उपयोग मुख्य रूप से फ्रंटलाइन सैनिक और टैंकों और बख्तरबंद कर्मियों के वाहक पर समाक्षीय हथियारों के रूप में किया जाता है।
पाकिस्तान की बढ़ेगी चिंता!
रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के पाकिस्तान से लगे सीमावर्ती इलाकों में भारतीय हथियार मिलने से पाकिस्तानी एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इससे पाकिस्तान की चिंता बढ़ी है क्योंकि यह हथियार उसकी सीमा के पास मिला है। ये ऐसे समय हुआ है, जब भारत और पाकिस्तान, दोनों ही अफगानिस्तान में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में है।
यूक्रेन ने जारी किया ड्रोन अटैक का नया वीडियो
यूक्रेन ने रूसी एयरबेस पर किए गए हमलों का एक और वीडियो जारी किया है। इस नए वीडियो को रिलीज करते हुए यूक्रेन ने दावा किया कि चार हवाई अड्डों पर हमले में 41 रूसी युद्धक विमानों को पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त किया है। यूक्रेन की ओर से रूस में इस हमले को रविवार (1 जून) को अंजाम दिया गया है। यह यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे बड़े हमलों में से है। यूक्रेन का कहना है कि स्पाइडर वेब नाम के इस ऑपरेशन को अंजाम देने में उसकी सेना और एजेंसियों को 18 महीने लगे हैं।

यूक्रेन ने रूसी एयरबेस पर किए गए हमलों का एक और वीडियो जारी किया है। इस नए वीडियो को रिलीज करते हुए यूक्रेन ने दावा किया कि चार हवाई अड्डों पर हमले में 41 रूसी युद्धक विमानों को पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त किया है। यूक्रेन की ओर से रूस में इस हमले को रविवार (1 जून) को अंजाम दिया गया है। यह यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे बड़े हमलों में से है। यूक्रेन का कहना है कि स्पाइडर वेब नाम के इस ऑपरेशन को अंजाम देने में उसकी सेना और एजेंसियों को 18 महीने लगे हैं। यूक्रेनी हमले के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से इस अटैक का बदला लेने की बात कही गई है।
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) की ओर से बुधवार को जारी किए गए वीडियो में ड्रोन रूसी विमानों के ऊपर और नीचे उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से कुछ पहले से ही जल रहे हैं। यह हमला यूक्रेन से 4,000 किलोमीटर दूर साइबेरिया में बेलाया एयर बेस के साथ-साथ मुरमांस्क, इवानोवो और रियाजान में हवाई क्षेत्रों पर हुआ। यूक्रेन ने कहा है कि हमले में रूस को 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को हवाई अड्डों के पास खड़ी ट्रकों से लॉन्च किया गया था। इन ट्रकों में स्वचालित डिब्बे लगे थे और ड्रोन को लॉन्च करने का आदेश दिए जाने से पहले दिनों या हफ्तों तक छिपा कर रखा गया था। इन ड्रोन को यूक्रेनी धरती से नहीं, बल्कि लक्षित हवाई क्षेत्रों के पास के क्षेत्रों से लॉन्च किया गया था, जिससे रूसी एयरबेस पर हमला हुआ।
रक्षा विश्लेषकों ने बताया है कि यूक्रेन के इन ड्रोन में रेडियो आवृत्तियों के बजाय नियंत्रण के लिए फाइबर-ऑप्टिक केबलों का उपयोग किया, जिससे वे रूसी जैमिंग से बच गए। एसबीयू ने कहा है कि उसके एफपीवी ड्रोन के झुंड ने टीयू-95 और टीयू-22एम3 सहित रणनीतिक बमवर्षकों को निशाना बनाया। साथ ही रूस के ए-50 हवाई रडारऔर क्रूज मिसाइल वाहकों को निशाना बनाया।
जापान में मौन आपातकाल… बच्चे पैदा नहीं कर रहे लोग
टोक्यो: जापान में बच्चों के जन्मदर में भारी गिरावट का दौर लगातार जारी है। बीते साल यानी 2024 में देश में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या पहली बार 7 लाख से नीचे आ गई है। साल 2024 में जापान में 6,86,061 बच्चे पैदा हुए हैं। बुधवार को जारी जापान सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में 2023 की तुलना में 41,227 कम बच्चे पैदा हुए हैं। ये साल 1899 में जन्म का रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद यानी 126 साल में सबसे कम आंकड़ा है। इससे जापान में जनसंख्या का संकट गहरा गया है। जापान सरकार ने इसे शांत आपातकाल जैसी स्थिति (क्वाइट इमरजेंसी) कहा है।
जापान में कुल प्रजनन दर यानी एक महिला के अपने जीवनकाल में अपेक्षित बच्चे पैदा करने की औसत संख्या भी पिछले वर्ष की तुलना में 0.05 अंक कम हुई है। ये साल 1947 में सरकार के इस डेटा पर नजर रखने के बाद से सबसे निचला स्तर है। जापान में बीते कई साल से जनसंख्या घटती जा रही है। इससे जापान एक बूढ़े लोगों का देश बनता जा रहा है। जापानी प्रधान मंत्री शिगेरु इशिबा ने देश की एस जनसांख्यिकीय स्थिति को ‘एक मौन आपातकाल’ कहा है।
जापान में बच्चे पैदा नहीं कर रहे युवा
जापान में घटते जन्मों पर बात करते हुए सरकारी अधिकारी ने द असाही शिम्बुन को बताया कि युवाओं के विवाह और परिवार शुरू करने से बचने की कई वजह हैं। इसमें खासतौर से परिवार शुरू करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के सामने आने वाली वित्तीय बाधाएं हैं। सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए बाल भत्ता और मुफ्त हाई स्कूल शिक्षा जैसे प्रोग्राम लेकर आई है। इसके बावजूद घटती जनसंख्या चुनौती बनी हुई है।
जापान में घटती और बूढ़ी होती आबादी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है। जापान के लिए ये खतरा इसलिए ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि वह चीन और उत्तर कोरिया के संभावित खतरे के चलते अपनी सेना को मजबूत करने पर जोर दे रहा है लेकिन उसे सेना के लिए युवा ही नहीं मिल रहे हैं। जापान की घटती आबादी देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना पर बुरा असर डाल रही है।
जापान में और बढ़ेगा संकट!
जापान में आबादी का संकट दशकों पुराना है। जापान में प्रजनन दर करीब 50 साल से 2.1 के बिन्दु से नीचे है। एक्सपर्ट का कहना है कि जापान में 1973 की मंदी के बाद गिरी प्रजनन दर कभी भी स्थिर मार्क पर नहीं आ सकी। हाल के वर्षों में ये गिरावट तेज हो गई है। जापान में जन्मों से अधिक मौतों होने से कुल जनसंख्या घट रही है। इसके आने वाले वर्षों में भी जारी रहने का अमुमान है। इसका सीधा असर जापान की वर्कफॉर्स, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर होगा।
जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पीएम मोदी, अंजी ब्रिज और 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात
नरेंद्र मोदी 6 जून जम्मू और कश्मीर का दौरा करेंगे। इसे लेकर उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा-6 जून वास्तव में जम्मू और कश्मीर के मेरे भाइयों और बहनों के लिए एक विशेष दिन है। 46,000 करोड़ रुपये की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिसका लोगों के जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वास्तुकला की एक असाधारण उपलब्धि होने के अलावा, चिनाब रेल पुल जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क में सुधार करेगा। अंजी ब्रिज चुनौतीपूर्ण भूभाग में भारत का पहला केबल-स्टेड रेल पुल है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना सभी मौसम में संपर्क सुनिश्चित करती है और श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेनें आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी और आजीविका के अवसर पैदा करेंगी।’
इंदौरी पर्यटक के हत्यारों को सजा दिलाएगी मेघालय सरकार
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कहा कि उनकी सरकार इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या के पीछे जो लोग हैं, उन्हें सजा दिलाएगी। उन्होंने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। रघुवंशी परिवार की सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उचित निर्णय लेगी। बता दें कि 29 वर्षीय रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को सोहरा इलाके के नोंग्रियाट गांव में एक होमस्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद लापता हो गए थे। उनका शव सोमवार को गांव से 20 किलोमीटर दूर एक खाई में मिला, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी है।
त्रिपुरा ने सीप्लेन सेवा के लिए केंद्र से मदद मांगी
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने केंद्र सरकार से सीप्लेन सेवा शुरू करने के लिए मदद मांगी है, ताकि धलाई जिले के डंबूर झील में नारिकेल कुंजा द्वीप रिसॉर्ट तक पहुंचा जा सके। यह मांग उन्होंने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हुई उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की दूसरी बैठक के दौरान की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ खास जगहों और परियोजनाओं की पहचान करके देश और विदेश से निवेश लाने के लिए एक अच्छी रणनीति बनानी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद के लिए चुना गया भारत
भारत को संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक परिषद के लिए चुना गया है। भारत वर्ष 2026 से 28 तक इस परिषद का सदस्य रहेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने भारत के चयन के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत के प्रति भरोसा और समर्थन दिखाने के लिए वह सदस्य देशों का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने इस सफलता के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद भारतीय राजनयिकों की तारीफ की। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत इस परिषद को मजबूत करने के लिए काम करेगा और विकास से जुड़े मुद्दों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
नक्सलियों ने लूटा चार टन विस्फोटक, 3.6 टन बरामद
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में 27 मई को नक्सलियों द्वारा लूटा गया चार टन विस्फोटक में से पुलिस ने अब तक 3.6 टन बरामद कर लिया है। एक अधिकारी ने बताया कि 25-30 नक्सलियों के एक समूह ने बालंग इलाके में बैंको पत्थर खदान में विस्फोटक ले जा रहे एक ट्रक को लूट लिया था। इसमें ज्यादा जिलेटिन की छड़ें थीं। डीआईजी (पश्चिमी रेंज) बृजेश राय ने बुधवार को बताया कि सुरक्षाबलों ने मंगलवार की रात लूटा गया लगभग एक टन विस्फोटक बरामद किया।
बांग्लादेशियों ने घुसपैठ रोक रहे बीएसएफ जवान को किया अगवा
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बांग्लादेशी नागरिकों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान का अपहरण कर लिया गया और उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार ले गए। हालांकि कुछ घंटों बाद उसे रिहा कर दिया गया। यह जवान बांग्लादेश की तरफ से घुसपैठ को रोक रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना जिले के नूरपुर के सुतियार में सीमा सुरक्षा बल शिविर के नजदीक चांदनी चौक के पास बुधवार तड़के हुई। सूत्रों के अनुसार, जवान कथलिया गांव के पास घुसपैठ की कोशिश को रोकने का प्रयास कर रहा था, तभी उसे बांग्लादेश के चपई नवाबगंज जिले के बदमाशों ने पकड़ लिया। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच फ्लैग मीटिंग के बाद जवान को भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया। जवान अब हमारे साथ है और ठीक है। एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर जवान को सीमा पार एक सुदूर इलाके में केले के पेड़ से करीब चार घंटे तक बंधा हुआ दिखाया गया है।
विशेष सत्र से बचने के लिए 47 दिन पहले मानसून सत्र की घोषणा : विपक्ष
विपक्ष दल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पहलगाम पर विशेष सत्र से बचने के लिए केंद्र सरकार ने 47 दिन पहले ही मानसून सत्र की घोषणा कर दी, क्योंकि सरकार डरी हुई है। कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अमूमन संसद सत्र की तारीख, कुछ दिन पहले घोषित की जाती हैं, लेकिन कभी भी सत्र शुरू होने से 47 दिन पहले तारीखों की घोषणा नहीं की गई। यह पहली बार होगा, जब सरकार ने मानसून सत्र को निर्धारित समय से करीब डेढ़ महीने पूर्व घोषित कर दिया है।
असम कैबिनेट ने शोधार्थियों को 25,000 रुपये के अनुदान को मंजूरी दी
असम की हिमंत बिस्वा सरकार ने राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों को 25,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह अनुदान राज्य के पात्र पूर्णकालिक शोधार्थियों को भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस वार्ता में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग शोधार्थियों के मामले में, यदि वे किसी सरकारी विश्वविद्यालय में शोध कर रहे हैं तो उन्हें 40,000 रुपये की राशि अनुदान के रूप में मिलेगी।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट ने दीमा हसाओ जिले में 348 किलोमीटर आपदा-रोधी सड़कों के विकास के लिए 3,875 करोड़ रुपये को भी मंजूरी दी है।
प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ शोभा चक्रवर्ती का निधन
प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा चक्रवर्ती का बुधवार को रांची में निधन हो गया। आईएमए के एक अधिकारी ने इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वह 85 वर्ष की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थीं। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
भारत के दो और स्थल रामसर सूची में शामिल
भारत के दो और स्थलों को अंतरराष्ट्रीय महत्व की दलदली भूमियों की सूची में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही देश में ऐसे स्थलों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है। भारत में रामसर स्थलों की सूची में शामिल होने वाले दोनों नवीनतम स्थल राजस्थान के फलौदी में खीचन और उदयपुर में मेनार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, बहुत अच्छी खबर! पर्यावरण संरक्षण में भारत की प्रगति बहुत तेजी से हो रही है और इसमें जन भागीदारी भी शामिल है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, इससे हमारी संख्या 91 हो गई है। यह उपलब्धि इस बात का एक और प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान भारत को एक हरित भविष्य बनाने में सफलतापूर्वक मदद कर रहा है।
रामसर सूची का उद्देश्य दलदली भूमियों का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क विकसित करना और उसका रखरखाव करना है, जो वैश्विक जैव विविधता के संरक्षण और उनके पारिस्थितिकी तंत्र घटकों, प्रक्रियाओं और लाभों के रखरखाव के माध्यम से मानव जीवन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। रामसर कन्वेंशन दलदली भूमि के संरक्षण और बुद्धिमानी से उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसका नाम कैस्पियन सागर पर स्थित ईरानी शहर रामसर के नाम पर रखा गया है, जहां 2 फरवरी, 1971 को इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत ने 1 फरवरी, 1982 को इस कन्वेंशन की पुष्टि की।
सरकारी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की जरूरत- आलोक जोशी
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष आलोक जोशी ने गुरुवार को बेहतर परिणामों के लिए सरकारी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के सामने एक चुनौती यह है कि वे जिस परिपाटी से काम करती हैं उनसे उन्हें बाहर आना होगा। आलोक जोशी गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में ‘पुलिस प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2025’ में शामिल हुए प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। वह एनएसएबी का नेतृत्व करने से पहले, देश की खुफिया व्यवस्था में शीर्ष स्तर की एजेंसियों ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (रॉ) और राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) के प्रमुख थे।
आलोक जोशी ने अपने संबोधन में कहा, ‘भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां प्रौद्योगिकी कानून प्रवर्तन में क्रांति ला सकती है। हालांकि, इस क्रांति की सफलता आंकड़े एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने, एजेंसियों के भीतर और सभी एजेंसियों के बीच इसे तेजी से साझा करने और फीडबैक के माध्यम से प्रणालियों को पुनः व्यवस्थित करने पर निर्भर करती है, साथ ही हमारे प्रयासों के केंद्र में मानवीय पहलू को रखना भी आवश्यक है।’
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी आलोक जोशी ने कहा, ‘भारत के सामने एक चुनौती यह है कि ‘जानने की जरूरत’ के सिद्धांत पर समझौता किए बिना परिपाटी को तोड़ा जाए। मुझे लगता है कि यह ऐसी चीज है जो हमारी प्रणाली के लिए केंद्रीय है और यह खत्म नहीं होगी।’ आलोक जोशी ने उदाहरण देते हुए बताया कि जब वह रॉ के प्रमुख थे, तब एनटीआरओ ने खुफिया जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘जब मैं रॉ का नेतृत्व कर रहा था, तो हमने विरोधी देश में एक ऑपरेशन किया और यह ऑपरेशन सफल रहा, और हमें पता था कि हमें किस तरह की चुनौतियों का सामना करना होगा। सुरक्षा स्तर बढ़ा दिया गया था और सावधानियां बरती गई थीं।’ आलोक जोशी ने कहा कि उस समय एनटीआरओ ने रॉ को जानकारी दी थी, जिससे संकेत मिला था कि ‘कुछ चल रहा है’।
असम: पाकिस्तान से सहानुभूति रखने के आरोप में में चार और लोग गिरफ्तार
असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक पोस्ट करने और पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति रखने के आरोप में गुरुवार को चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके साथ ही राज्य में इस संबंध में अब तक कुल 88 गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस ने कामरूप से अमीर हमजा, हैलाकांडी से मुस्तफा अहमद, दरांग से सुबाहान अली और बारपेटा से मेहर अली को गिरफ्तार किया। सरमा ने कहा, इन सभी लोगों ने हमारे देवताओं, देवियों और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। मुख्यमंत्री ने एक पोस्ट में कहा, हमने पाकिस्तान समर्थकों पर कार्रवाई में तेजी की है। साथ ही सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक पोस्ट करने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए दायरा बढ़ाया गया है।





