दिल्ली-एनसीआर का वायु प्रदूषण से दम घुट रहा है. लगातार गिरते एक्यूआई से सांस की बीमारी वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बीते दिनों दिल्ली के आसपास के शहरों में बारिश और पछुआ हवाओं की वजह से वायु प्रदूषण में सुधार का अनुमान लगाया जा रहा है. इधर, बंगाल की खाड़ी में फिर से हलचल होनी शुरू हो गई है. उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और इससे सटे म्यांमार तथा बांग्लादेश तट पर बना गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश तट पर स्थित है.
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से जुड़ा चक्रीय परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. आज इसके भारतीय तटों की ओर आने की संभवना है. हालांकि, मौसम विभाग ने किसी प्रकार के बारिश की संभावना नहीं जताया है. मौसम विभाग ने बताया कि दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन बांग्लादेश पर बना हुआ है, जिसकी वजह से नॉर्थ ईस्ट में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है.
बंग्लादेश के पास हो रहा है हलचल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरी हरियाणा के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसकी वजह से दिल्ली के आसपास के इलाकों में बारिश होने की संभावना है. साथ ही एक फ्रेश पश्चिमी विक्षोभ डेवलप हो रहा है, जो दिल्ली और इसके आसपास इलाकों के मौसम को प्रभावित हो सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि दोनों मौसम प्रणाली ना केवल दिल्ली की हवा को लेकर गुड न्यूज है बल्कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है.
उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बदलते मौसम की वजह से बारिश हुई. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मैदानी क्षेत्रों में मौसम फिर से साफ हो गया है. यहां तक कि जम्मू के निचले इलाकों में भी मौसम सामान्य हो गया है. हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम को पूरी तरह साफ होने में एक-दो दिन और लगेंगे, जो आमतौर पर इस तरह की परिस्थितियों में देखा जाता है. रातभर के बादलों के बाद अब दिल्ली का मौसम साफ़ और सुहावना हो गया है. आने वाले दिनों में सूखा मौसम सामान्य से अधिक समय तक बना रह सकता है. आसमान साफ रहेगा, लेकिन प्रदूषण की हल्की परत (pollutant layer) बनी रहेगी.





