इंदौर । शहर पश्चिमी क्षेत्र एरोड्रम रोड़ स्थित राजशांति आशियाना वृद्धाश्रम में फाल्गुन की मस्ती और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। आश्रम परिसर में आयोजित ‘फाग महोत्सव’ के दौरान बुजुर्गों ने अपनी सुध-बुध भूलकर होली के गीत और रासलीला का आनंद लिया।
भक्ति और उल्लास का संगम
महोत्सव की शुरुआत भगवान राधा-कृष्ण की मनमोहक रासलीला से हुई। फूलों की होली और फाग गीतों के बीच पूरा वातावरण ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। आश्रम में रहने वाले बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों ने, न केवल इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया, बल्कि भक्ति भाव में डूबकर महिलाओं ने राधा-कृष्ण के स्वरूपों के साथ जमकर नृत्य भी किया।
राज शांति आशियाना वृद्धाश्रम की अधीक्षिका श्रीमती रेखा सुराना की अनूठी पहल पर कार्यक्रम का सफल आयोजित हुआ।
उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य आश्रम के बुजुर्गों को एकांकीपन से दूर रखना और उन्हें समाज की मुख्यधारा व त्योहारों की खुशियों से जोड़ना है।
“वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग हमारे परिवार का हिस्सा हैं। त्योहारों के माध्यम से हम उनके जीवन में खुशियों के रंग भरने का प्रयास करते हैं, ताकि वे खुद को अकेला महसूस न करें।”
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में राधा-कृष्ण के स्वरूपों द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर पारंपरिक होली गीतों पर बुजुर्गों ने तालियाँ बजाकर उत्साह बढ़ाया। वही गुलाल के साथ-साथ फूलों की वर्षा कर पर्यावरण अनुकूल होली मनाई गई।
इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक महिला कार्यकर्ता भी उपस्थित रही, जिन्होंने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उत्सव का आनंद लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री जया शेट्टी ने एवं आभार श्रीमती रेखा सुराना ने माना।






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