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90 प्रतिशत मरीज गलत तरीके से लेते हैं इन्हेलर : डॉ. सलिल भार्गव

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इन्हेलर दवाई लेने का वह उपकरण है जिससे वाष्पीकृत दवा मुँह से ले जाती है और जो स्वांस नलिका में जाकर एक सेकेन्ड के अन्दर अपना कार्य संपादित करने लगती है तथा मरीज को त्वरित लाभान्वित करती है। इन्हेलर उपकरण से स्वांस, दमा, सर्दी, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी आदि के रोगियों को दवा लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन यह जानकर आश्चर्य होगा कि 90 प्रतिशत लोग इन्हेलर गलत तरीके से लेते हैं। जब दवा ही ठीक से नहीं ली जायेगी तो मरीज ठीक कैसे होगा ? किसी से भी डॉक्टर पूछता है कि वह इन्हेलर लेना जानता है, प्रथमतः वह कह देता है- हाँ, जानते हैं। प्रायःकर लोगों ने फिल्मों में देखा होता है, किसी दमा की मरीज महिला से जबरन नृत्य करवाया जाता है, उसकी स्वांस फूलने लगती है, वह इन्हेलर निकालती है तो उससे वह छीन लिया जाता है या निकट कहीं रखा होता है, तो उसे लेने नहीं दिया जाता। तंग करने के उपरांत जब उसके प्राणों पर बन आती है तब उसे इन्हेलर लेने देते हैं। इन दृश्यों को देखकर लोग समझते हैं, केवल इन्हीं आपात स्थितियों में ही इन्हेलर लिया जाता है, जबकि संबंधित रोगियों को इन्हेलर लेना एक नियमित दवा है।
एमजीएम कॉलेज इन्दौर के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सलिल भार्गव ने एक साक्षात्कार में उक्त जानकारी देते हुए कहा कि अधिकतर लोग इन्हेलर मुँह के सामने करते हैं और दबा देते हैं, जिससे उसकी वाष्पीकृत अधिकतर दवा या तो मुँह में नहीं जाती है या मुँह में जाकर वापिस बाहर निकल जाती है। इन्हेलर लेने के कुछ तरीके हैं, इन्हें ध्यान देकर पढ़ने और तदनुसार इन्हेलर लेने से दवा की सही मात्रा मरीज को मिलती है और उसका लाभ होता है।
1. इन्हेलर की जांच- इन्हेलर का उपयोग पहली बार शुरू करने से पहले इसे अच्छी तरह हिला लें। उपयोग शुरू करने से पहले अच्छी तरह हिलाकर पहली भाप हवा में छोड़ दें। 2. इन्हेलर के मुँह का ढक्कन खोलें और देखें कि इन्हेलर का मुँह साफ है कि नहीं। इन्हेलर को अच्छी तरह ऊपर नीचे कर हिलावें। 3. अब एक बार मुँह में हवा भर कर इन्हेलर के ऊपर छोड़ें। 4. इन्हेलर के मुँह को अपने दांतों के बीच में रखें और होंठों से अच्छी तरह जकड़ लें। ऐसे में उसका दबाने वाला पंप ऊपर की ओर रहना चाहिए।

  1. धीरे धीरे मुँह से अन्दर की ओर हवा खींचना चालू करें, जब आप हवा खींच रहे हों तब कनिस्तर को थोड़ा दबाएँ और लम्बी स्वांस अंदर की ओर खींचें। 6. पश्चात् इन्हेलर को मुँह से बाहर निकालें और 10 सेकेण्ड तक श्वांस रोक कर रखें। पश्चात् धीरे धीरे नाक से स्वांस बाहर की ओर छोड़ें या जैसा आरामदायक हो स्वांस बाहर की ओर छोड़ें। 7. यदि दूसरी खुराक की जरूरत हो तो एक मिनिट रुकें एवं इन्हेलर को ऊपर-नीचे हिलायें एवं दोबारा ऊपर बताये अनुसार खुराक लें। 8. इन्हेलर लेने में शीघ्रता न करें। यह महत्वपूर्ण है कि खुराक लेने के पूर्व जहां तक संभव हो स्वांस को धीरे-धीरे लेवें। खुराक लेने से पूर्व कुछ समय के लिए आइने के सामने प्रेक्टिस कर लेवें, अगर कहीं चूक हो रही हो तो दोबारा प्रथम बिन्दु से प्रयास करें।
    सही तरीके से इन्हेलर से खुराक लेने पर ही दवाई का असर होगा।

प्रस्तुति- डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’
22/2, रामगंज, जिंसी, इन्दौर, मो.9826091247

Ramswaroop Mantri

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