हमें हमेशा लगता है
कोई हमारे लिए अवतार लेगा !
और हमारी दुनिया को सुंदर बना देगा !
कोई हमारे लिए अवतार लेता भी है
हम उसे सौंपते हैं अपना सर्वस्व
हमें पक्का यक़ीन होता है कि
वह लड़ेगा हमारे भले के लिए
हमें अपने लिए नहीं लड़ना है !
बस मुग्ध हो कर उसे देखना भर है !
वह निरन्तर लड़ता है हमारे लिए
हम निरन्तर तालियाँ बजाते हैं उसके लिए !
अवतार की तमाम कोशिशों के बावजूद
हमारे संकट जस के तस बने रहते हैं !
संकटों का दोष हम भाग्य को देते हैं
और आश्वस्त रहते हैं कि
अवतार के भाग्य से बदलेगा हमारा भाग्य !
एक दिन अवतार तज देता है अपनी देह
तब तक और गहरा चुकते हैं हमारे संकट
फिर भी हम उसके बहुत-से बुत बनाते हैं !
बुतों के गले में मालाएँ पहनाते हैं !
उसकी जय-जयकार करते हैं !
और नए अवतार की प्रतीक्षा में जुट जाते हैं !
हम किसी अवतार की हक़ीक़त नहीं जानते
पर सारे अवतार हमारी हक़ीक़त जानते हैं !
इसीलिए इस पवित्र भूमि पर हर युग में
अवतरित होते ही रहते हैं नए-नए अवतार !
हरभगवान चावला,सिरसा,हरियाणा,संपर्क-93545 45440
संकलन-निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद,



